सीडीओ ने समस्या समाधान करने के साथ कईयों को नापा

विकास भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में बैठक लेते मुख्य विकास अधिकारी उदयराज सिंह
विकास भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में बैठक लेते मुख्य विकास अधिकारी उदयराज सिंह

बदायूं में बन रहे ओवर ब्रिज निर्माण की समस्या का समाधान हो गया है। पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर से एक सप्ताह के अन्दर सेतु निगम को स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी, तभी रेलवे लाइन के ऊपर ओबर ब्रिज का पार्ट सेतु निगम द्वारा ही बनाया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी उदयराज सिंह ने शुक्रवार को विकास भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में सेतु निगम के उप परियोजना प्रबन्धक आरके अग्रवाल, जेई आरके श्रीवास्तव तथा अन्य अधिकारियों के साथ ओबर ब्रिज निर्माण की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान सेतु निगम के अधिकारियों ने माना कि गत दो माह में निर्माण कार्य में शिथिलता बरती गई। सीडीओ ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। 11.50 करोड़ में 5.50 करोड़ धनराशि व्यय की जा चुकी है। मुख्य विकास अधिकारी श्री सिंह ने रेलवे लाइन के ऊपर ओबर ब्रिज निर्माण के सम्बन्ध में जानकारी चाही, तो सेतु निगम के उप परियोजना प्रबन्धक आरके अग्रवाल ने बताया कि उप मुख्य इंजीनियर पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर द्वारा एक सप्ताह के अन्दर ही डिजायन की स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी, तभी सेतु निगम द्वारा रेलवे लाइन के ऊपर ओबर ब्रिज का शेष कार्य पूरा किया जाएगा।

निरीक्षण में आठ कर्मचारी मिले नदारद
मुख्य विकास अधिकारी उदयराज सिंह गेहूं खरीद केन्द्रों का निरीक्षण करते हुए ब्लाक कादरचौक जा धमके, वहां का नजारा देखकर वह दंग रह गए। ब्लाक कर्मियों को भी नहीं मालूम था कि ब्लाक मुख्यालय पर उनके बॉस पहुंच जाएंगें। आधा दर्जन से अधिक कर्मचारी कार्यालय से नदारद थे।
श्री सिंह ने शुक्रवार को गेहूं खरीद केन्द्रों का निरीक्षण किया और ब्लाक कादरचौक कार्यालय का भी मौका मुआयना किया, तो वहां पाया कि कार्यालय में सहायक विकास अधिकारी पंचायत अवधेश कुमार, जेई राकेश शर्मा, लेखा लिपिक राजीव कुमार सक्सेना, वीरेश कुमार, धीरेन्द्र कुमार, एपीओ विनोद कुमार राठौर, लाला राम, चन्द्रशेखर, वीरेश कुमार (टीए)  तथा बदरूल हसन अनुपस्थित पाए गए। सीडीओ ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं

सचिव को दो दिन की मिली मोहलत
मुख्य विकास अधिकारी उदयराज सिंह ने शुक्रवार को तीन गेहूं क्रय केन्द्रों का निरीक्षण कर गेहूं खरीद का जायजा लिया। सहकारिता से सम्बंधित जिन क्रय केन्द्रों पर सचिवों के लापरवाही अथवा रूचि न लेने के कारण गेहूं खरीद अभी भी शासन की मंशानुरूप नहीं हो रही है। ऐसे सचिवों की नकेल कसने हेतु सीडीओ ने सम्बंधित अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है वह लापरवाही बरतने वालों को अवश्य दंडित करें।
श्री सिंह ने ब्लाक कादरचौक के डीसीएफ के खरीद केन्द्र का निरीक्षण किया तो उन्होंने पाया कि यहां 850 कुतल, साघन सहकारी समिति में 550 कुतल तथा ककोड़ा में यूपीएसएस के क्रय केन्द्र पर दो हजार कुंतल गेहूं खरीदा जा चुका है। साघन सहकारी समिति पर सचिव के अनुपस्थित मिलने पर सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए दो दिन की मोहलत प्रदान की है। यदि दो दिन में सुधार नहीं पाया गया तो कार्रवाई तय है।  पीसीएफ के 49 एवं यूपीएसएस के 31 सभी केन्द्र चालू हो गए हैं और इन पर खरीद की जा रही हैं। इन गेहूं खरीद केन्द्रों के निरीक्षण की जिम्मेदारी जिलाधिकारी द्वारा सीडीओ को सौंपी गई है।

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