सीडीओ और उनके स्टेनो ने भ्रष्टाचार पर लगाई रोक

सीडीओ के स्टेनो फहीम अहमद रिजवी के केबिन के सामने जमा ड्यूटी कटवाने वाले कर्मचारियों की भीड़ और गेट पर तैनात होमगार्ड
सीडीओ के स्टेनो फहीम अहमद रिजवी के केबिन के सामने जमा ड्यूटी कटवाने वाले कर्मचारियों की भीड़ और गेट पर तैनात होमगार्ड

बदायूं जिले में चुनाव के दौरान ड्यूटी काटने के नाम पर बड़ा गोलमाल होता था। खुलेआम डेढ़ से दो-तीन हजार रुपया प्रति कर्मी तक की अवैध वसूली की जाती थी, लेकिन इस बार सीडीओ उदय राज सिंह और उनके स्टेनो फहीम अहमद रिजवी ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में बड़ी सफलता हासिल की है।

चुनाव में ड्यूटी करने के नाम से ही कुछ लोग थर्राते हैं और ड्यूटी से बचने के लिए नेताओं की शरण में जाते हैं, रिश्वत भी देने को तत्पर रहते हैं और कोई सेटिंग काम नहीं आती, तो डॉक्टर से मिल कर बीमारी का फर्जी सर्टिफिकेट बनवा लेते हैं, लेकिन सीडीओ उदय राज सिंह ने सामान्य परिस्थितियों में किसी कीमत पर ड्यूटी न काटने का फरमान दे रखा है, जिसका पालन फहीम अहमद रिजवी अक्षरशः करते नज़र आ रहे हैं। लोग खुलेआम हाथ रूपये लेकर आते हैं और ड्यूटी से बचने की मिन्नतें करते देखे जा सकते हैं, ऐसे तमाम लोगों को फहीम अहमद दिन भर हड़काते ही नहीं हैं, बल्कि जेल तक भिजवाने की चेतावनी देते नज़र आते हैं। इस सब से बचने के लिए उन्होंने अपने केबिन के गेट पर खाकी धारी होमगार्ड भी तैनात करा दिए हैं, जिन्हें कड़े निर्देश दिए गये हैं कि ड्यूटी कटवाने वाले किसी व्यक्ति को अंदर न आने दिया जाये, इसके बावजूद कर्महीन कर्मचारी पूरे दिन उनके केबिन के सामने खड़े रहते हैं और फहीम के बाहर निकलते ही टूट पड़ते हैं, कोई रूपये का ऑफर देता नज़र आता है, तो कोई विधायक और किसी छुटभैये का फोन मिला कर थमा देता है, तो कोई बीमारी का फर्जी सर्टिफिकेट दिखा कर ड्यूटी से बचने का प्रयास करता है। फहीम ने बताया कि गर्भवती महिलाओं और हॉस्पिटल में एडमिट कर्मचारियों के अलावा अन्य किसी की ड्यूटी नहीं काटी जा रही है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि कुछ ड्यूटी सत्ता पक्ष के नेताओं के दबाव में काटी गईं हैं, लेकिन इन ड्यूटियों को न काटने का साहस जिला निर्वाचन अधिकारी में भी नहीं है।

Leave a Reply