सवाल: भाजपा कहाँ से जुटाएगी 272 सीटें?

सवाल: भाजपा कहाँ से जुटाएगी 272 सीटें?
सवाल: भाजपा कहाँ से जुटाएगी 272 सीटें?
मैं किसी पार्टी का नहीं हूँ। कई बातें समझ नहीं आ रही, आप समझा दीजिए। भाजपा लोकसभा चुनाव में क्या कर लेगी? कहाँ से जुटाएगी 272 सीटें? (अभी हम यहाँ गठजोड़ों यानी अलायंस की बात नहीं कर रहे हैं।)  बच्चों का खेल है क्या? कई राज्यों में तो उसका खाता ही नहीं खुला है। 42 सीटों वाले आंध्रप्रदेश, 20 सीटों वाले केरल, 21 सीटों वाले ओड़ीसा, 39 सीटों वाले तमिलनाडु, 7 सीटों वाली दिल्ली, 6 सीटों वाले जम्मू-कश्मीर में उसके हाथ में अंडा यानि शून्य (0) है। इसी के साथ ही कई छोटे राज्य या केन्द्र शासित सीटों मणिपुर (2), मेघालय (2), मिजोरम (1), त्रिपुरा (2), लक्ष्य द्वीप (1), अरुणांचल (2), पॉण्डिचेरी (1), सिक्किम (1), चण्डीगढ़ (1 ) में खाता उसका नहीं है अभी।
इसका अर्थ यह है कि 35 राज्यों (या केन्द्र शासित प्रदेशों) में से 15 पर भाजपा का तो खाता ही नहीं खुला है, इन 15 राज्यों में 148 सीटें हैं। कुल 543 सीटों में से 148 कम कर दें, तो बचीं 20 राज्यों की 395 सीटें। इन्हीं 20 बचे राज्यों में भी भाजपा की हालत बहुत शानदार नहीं थी। 42 सीटों वाले बंगाल में भाजपा के पास 1 सीट है। 13 सीट वाले पंजाब में भी भाजपा के पास एक सीट और 5 सीट वाले उत्तराखंड में भी 1 सीट भाजपा के पास है। इसका अर्थ हुआ तीन राज्यों बंगाल, पंजाब और उत्तराखंड की 60 सीटों में से उसके पास केवल 3 सीटें हैं।
इसे यों समझ सकते हैं: देश में 35 राज्य-केन्द्र शासित क्षेत्र हैं, जिनमें से 15 में भाजपा की कोई भी सीट नहीं है और तीन राज्यों में भाजपा की केवल एक-एक सीट है। इन 18 राज्यों में लोकसभा की कुल 208 सीटें हैं, जिनमें से भाजपा के पास 3 सीटें हैं। बाकी बची 335 सीटों में से ही भाजपा के करीब एक तिहाई यानी 112 सांसद हैं। ये तो है अभी का हाल।
सरकार  बनाने के लिए चाहिए कम से कम कुल 272 सीटें। जब भाजपा 35 में से 17 राज्यों में ही यानी आधे राज्यों में ही मैदान में है, तो कितना मैदान मार लेगी?
अभी भाजपा शासित राज्यों में मध्यप्रदेश की 29 सीटों में से 13 पर, छत्तीसगढ़ की 11 में से 9 पर, राजस्थान की 25 में से 4 सीटों पर काबिज है। यानी इन 65 सीटों में से भाजपा के पास 26 सीटें ही तो हैं। उत्तर प्रदेश में 80 सीटें हैं, जिनमें से भाजपा के पास हैं केवल 11, गुजरात की 26 सीटों में से भाजपा का कब्ज़ा है 17 सीटों पर और महाराष्ट्र की 48 सीटों में से भाजपा के पास हैं कुल 9 सीटें। यानी यूपी, गुजरात और महाराष्ट्र की 154 सीटों में से भाजपा के पास हैं कुल 36 सीटें।

सवाल है कि अरविंद केजरीवाल और आप के साथ ही तीसरे मोर्चे की सुगबुगाहट के बीच क्या कोई चमत्कार होने वाला है? क्या मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और छत्तीसगढ़ में उसे सौ फ़ीसदी, सभी की सभी सीटें मिल जाएंगी, यानी 91 की 91?

क्या भाजपा को महाराष्ट्र-उत्तर प्रदेश में 128 में से आधी भी मिल पाएंगी यानी 64?

वरिष्ठ स्तंभकार प्रकाश हिन्दुस्तानी
वरिष्ठ स्तंभकार प्रकाश हिन्दुस्तानी
क्या केरल, ओडीसा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में वह खाता खोल पायेगी?
भारत में 35 राज्य व केन्द्र शासित प्रदेश हैं, जिनमें 37 पार्टियां और 8 निर्दलीय सांसद पिछले मर्तबा जीते थे। भारत बहुत बड़ा देश है और यह बात समझ लेना ज़रूरी है कि केवल हिन्दी हार्टलैंड ही भारत नहीं है।
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