सरकार किसानों की खुशहाली के लिए कृतसंकल्प: मुख्यमंत्री

  •  सत्ता में आते ही किसानों की बेहतरी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं: मुख्यमंत्री
  • मुख्यमंत्री ने मण्डी परिषद द्वारा संचालित 2318 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं/परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया
कार्यक्रम में बोलते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व मंचासीन शिवपाल सिंह यादव और माता प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ मंत्रीगण
कार्यक्रम में बोलते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व मंचासीन शिवपाल सिंह यादव और माता प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ मंत्रीगण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की बेहतरी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। किसानों की खुशहाली के लिए यह अत्यन्त आवश्यक है कि उन्हें उनकी उपज का वाजिब और लाभकारी मूल्य समय से मिले। इस उद्देश्य की पूर्ति राज्य की मण्डी व्यवस्था के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण से सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार किसानों की सच्ची हितैषी है।
मुख्यमंत्री ने ये विचार आज लखनऊ अपने सरकारी आवास पर राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद द्वारा किसानों के हितार्थ किए गए एवं किए जा रहे कार्यों से सम्बन्धित लगभग 2318 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास योजनाओं/विपणन व्यवस्था के आधुनिकीकरण तथा सुदृढ़ीकरण/सूचना एवं प्रौद्योगिकी से सम्बन्धित योजनाओं के शिलान्यास एवं लोकार्पण के अवसर पर व्यक्त किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र के किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुन्देलखण्ड में भी मण्डियों की स्थापना की जा रही है। बुन्देलखण्ड के समग्र विकास के लिए योजना आयोग भारत सरकार द्वारा स्वीकृत किए गए विशेष आर्थिक पैकेज के अंतर्गत कृषि विपणन एवं भण्डारण की अवस्थापना सुविधाओं के विकास का दायित्व मण्डी परिषद को सौंपा गया है और इसके लिए 691.50 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता राशि भी अनुमोदित की गई है। इस योजना के अंतर्गत मण्डी परिषद द्वारा बुन्देलखण्ड के 07 जनपदों, यथा-झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बांदा, महोबा एवं चित्रकूट में औसतन 64 करोड़ रुपए की लागत से एक-एक विशिष्ट मण्डी यार्ड एवं इन सात जनपदों में औसतन 1.45 करोड़ रुपए प्रति रिन की लागत से कुल 168 ग्रामीण अवस्थापना केन्द्रों (रिन) का निर्माण कराया जाना है। आने वाले समय में अन्य जिलों में भी ऐसे किसान बाजार (अपना बाजार) स्थापित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी मण्डियों को कम्प्यूटरीकृत किया जा रहा है, ताकि मण्डियों से सम्बन्धित गतिविधियां सुचारु रूप से चल सकें। उन्होंने कहा कि मण्डियों की सफाई इत्यादि पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि वहां का वातावरण स्वच्छ रहे। राज्य सरकार किसानों की बेहतरी के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इसी के अन्तर्गत किसान दुर्घटना बीमा योजना की राशि 50 हजार रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी गई है। उन्होंने कहा कि किसानों तक सभी योजनाओं की सही जानकारी पहुंचाए जाने की आवश्यकता है, ताकि वे उनका लाभ उठा सकें। मण्डी ऐसी जगह होती है, जहां पर किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिलता है और उसका लाभकारी मूल्य भी मिलता है। मण्डियों को प्रभावी बनाने के लिए नए तरीके अपनाए जाएंगे।
श्री यादव ने बासमती चावल तथा काला नमक चावल का जिक्र करते हुए कहा कि यह ऐसे उत्पाद हैं, जिनसे किसानों को बहुत लाभ मिल सकता है। उन्होंने इन उत्पादों के लिए अच्छी विपणन व्यवस्था पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की बेहतरी के लिए हर प्रकार का सहयोग करेगी। किसानों की मदद के लिए उन्हें कौन सी नई सुविधाएं मुहैया कराई जाएं, इस पर भी विचार किया जाएगा। जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके अन्तर्गत चयनित प्रत्येक ग्राम के विकास के लिए धनराशि को 25 लाख रुपए से बढ़ाकर 40 लाख रुपए कर दिया गया है।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विपणन की उत्कृष्ट व्यवस्था किसानों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ये समस्त कार्य कराए जा रहे हैं। मण्डी परिषद का मुख्य उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा है। इसके माध्यम से किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य मिलना सुनिश्चित कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों पर नए मण्डी स्थल स्थापित करने से किसानों को सुविधा होगी।
कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन ने कहा कि राज्य के सकल उत्पाद में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 25 प्रतिशत है और प्रदेश की आबादी का 68 प्रतिशत कृषि पर निर्भर है। राज्य की समृद्धि के लिए आवश्यक है कि कृषि व किसानों के हितों को प्राथमिकता प्रदान की जाए। राज्य सरकार इस दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रही है।
निदेशक, मण्डी परिषद अनूप यादव ने भी योजनाओं पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई। उन्होंने अवगत कराया कि किसानों को अपने उत्पाद बाजार में बेचने पर बेहतर मूल्य दिलाने के उद्देश्य से किसान बाजार (अपना बाजार) की स्थापना कराई जा रही है। ऐसी एक हजार दुकानें प्रतिवर्ष स्थापित करने का लक्ष्य है। इनकी स्थापना से किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए एक ही स्थान पर बाजार मिल सकेगा और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में कुल 04 स्थानों यथा-झांसी, लखनऊ, सैफई (इटावा), एवं मैनपुरी में किसान बाजार (अपना बाजार) का शिलान्यास किया गया। इन बाजारों में किसानों को उनकी उपज को सीधे उपभोक्ताओं को बेचने की सुविधा प्रदान की जाएगी, जिन पर कोई मण्डी शुल्क नहीं लिया जाएगा। कृषकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से यथासम्भव क्लीनिंग, गे्रडिंग, सार्टिंग तथा पैकेजिंग की भी व्यवस्था इन बाजारों में कराई जाएगी। लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लोक कलाकारों को उनकी कला के प्रदर्शन का अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही हैण्डीक्राफ्ट एवं हैण्डलूम के दस्तकारों को भी अपने उत्पाद के प्रदर्शन एवं विक्रय का अवसर दिया जाएगा। इस आधुनिक बाजार में कुछ दुकानें विभिन्न वस्तुओं की फुटकर बिक्री के लिए उपलब्ध कराई जाएगी तथा बाजार में आगन्तुकों के लिए खानपान व अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
कार्यक्रम के समापन पर प्रमुख सचिव कृषि देबाशीष पाण्डा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर मण्डी परिषद की विभिन्न गतिविधियों पर केन्द्रित एक डाक्युमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद द्वारा प्रकाशित ‘नई पहल-नए आयाम’ नाम पुस्तिका का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रोफेसर डा. हृदय राम यादव द्वारा लिखी गई पुस्तकों का विमोचन भी किया। ये पुस्तकें ग्रामीण अवस्थापना आदि विषयों पर केन्द्रित हैं। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री ने पूर्व मंत्री राजाराम पाण्डेय के निधन पर शोक व्यक्त किया। स्व. पाण्डेय के सम्मान में दो मिनट का मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि
राजाराम पाण्डेय एक लोकप्रिय नेता थे और कई बार विधानसभा के लिए चुने गए तथा वे वर्तमान विधानसभा के भी सदस्य थे। राजाराम पाण्डेय के प्रति विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने भी शोक व्यक्त किया एवं श्रद्धांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में मण्डी परिषद द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों से सम्बन्धित योजनाओं यथा-बुन्देलखण्ड पैकेज के अन्तर्गत विशिष्ट मण्डी स्थलों एवं ग्रामीण अवस्थापना केन्द्रों का निर्माण, एग्रीकल्चरल मार्केटिंग हब (ए.एम.एच.) का निर्माण, किसान बाजार (अपना बाजार) का निर्माण, जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना, अनजुड़ी बसावटों को जोड़ने हेतु सम्पर्क मार्गों का निर्माण, नवीन सम्पर्क मार्गों का निर्माण, ए.पी. सेन रोड पर बहुमंजिले भवन का निर्माण, इलेक्ट्रानिक वे-ब्रिजेज की स्थापना, जवाहर लाल नेहरू नेशनल सोलर मिशन योजना को अंगीकृत किया जाना सम्मिलित है।
विपणन व्यवस्था के आधुनिकीकरण/सुदृढ़ीकरण से सम्बन्धित योजनाओं के अंतर्गत डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर एवं अन्य रेल लाइन से सटी भूमि पर मण्डी स्थल निर्मित किए जाने की योजना, उ0प्र0 फल, सब्जी एवं फूल निर्यात नीति लागू किए जाने की योजना, मण्डी आवक छनाई श्रेणीकरण योजना, पैकेजिंग व्यवस्था हेतु मण्डी क्रेट्स अनुदान योजना, मण्डी सुगम परिवहन योजना, जैव अपशिष्ट निस्तारण प्रणाली (आर्गेनिक वेस्ट डिस्पोजल सिस्टम) की स्थापना सम्मिलित हैं। सूचना एवं प्रौद्योगिकी से सम्बन्धित योजनाओं में मण्डी समितियों का कम्प्यूटराइजेशन तथा मण्डी समितियों का आटोमेशन शामिल है। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय, प्रदेश सरकार के मंत्री शिवपाल सिंह यादव, आनन्द सिंह, राजेन्द्र चौधरी, अहमद हसन, बलराम यादव, पारसनाथ यादव, राजा महेन्द्र अरिदमन सिंह, कैलाश यादव, राम गोविन्द चौधरी सहित अन्य मंत्रिगण तथा बड़ी संख्या में अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम के दौरान प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश गर्ग, प्रमुख सचिव सूचना सदाकान्त, सूचना निदेशक प्रभात मित्तल सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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