सभी धर्मों का संदेश सम्भाव का ही है: अखिलेश यादव

इक्का-तांगा दौड़ व साज-सज्जा प्रतियोगिता का हरी झण्डी दिखाकर शुभारम्भ करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
इक्का-तांगा दौड़ व साज-सज्जा प्रतियोगिता का हरी झण्डी दिखाकर शुभारम्भ करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
मुख्यमंत्री ने इक्का-तांगा दौड़ व साज-सज्जा प्रतियोगिता का हरी झण्डी दिखाकर शुभारम्भ किया 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ महोत्सव-2013 के अन्तर्गत आयोजित की जा रही इक्का-तांगा दौड़ व साज-सज्जा प्रतियोगिता का आज यहां के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम के समक्ष हरी झण्डी दिखाकर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को 20-20 हजार रुपए दिए जाने की भी घोषणा की। उन्होंने प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजयी प्रतिभागियों को दी जाने वाली इनाम की धनराशि भी बढ़ाने की घोषणा की तथा लखनऊ महोत्सव आयोजन समिति को इस संबंध में आवश्यक निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल से ही हम घोड़े तथा इक्के-तांगे का उपयोग यातायात के लिए करते आए हैं। पहले यातायात के यही प्रमुख साधन थे। इक्का-तांगा दौड़ के सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित संचालन की सलाह देते हुए उन्होंने सभी का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में कोई विजयी होता है, तो कोई हारता है, परन्तु हमें प्रतियोगिता में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा दिखानी चाहिए। उन्होंने इक्के-तांगे वालों की समस्याओं के समाधान के लिए उनकी समिति से बातचीत का भी आश्वासन दिया। उन्होंने इक्के-तांगे के संचालन के लिए शहर की कोई एक सड़क निर्धारित करने की भी बात कही।
श्री यादव ने कहा कि लखनऊ की तहजीब विश्व विख्यात है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, सुन्दर एवं सुरक्षित लखनऊ हमारी प्राथमिकता है। लखनऊ महोत्सव के अन्तर्गत आयोजित की जा रही यह दौड़ ऐतिहासिक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सभी प्रतिभागी इस प्रतियोगिता में पूरे उत्साह से भाग लेंगे। बाद में, लखनऊ महोत्सव आयोजन समिति द्वारा प्रथम पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपए की धनराशि, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 15 हजार रुपए तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में 10 हजार रुपए की धनराशि निर्धारित की गई। कार्यक्रम में विधायक शारदा प्रताप शुक्ला, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अतिरिक्त बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।
एक सुर-एक ताल कार्यक्रम में छात्र-छात्रों को सम्बोधित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
एक सुर-एक ताल कार्यक्रम में छात्र-छात्रों को सम्बोधित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
पर्यावरण असंतुलन से उत्पन्न हो रहे खतरों से निपटने के लिए जीवनशैली में बदलाव की आवश्यकता: अखिलेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पर्यावरण असंतुलन से उत्पन्न हो रहे खतरों के प्रति सजग करते हुए कहा कि हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव करने की आवश्यकता है। हमारे युवा वर्ग को इस खतरे को समझने की आवश्यकता है, ताकि वह भविष्य में इससे निपट सकें। इस खतरे से निपटने के लिए हम सभी को एकजुट होना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने यह विचार आज यहां के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम में आयोजित ‘एक सुर-एक ताल’ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हम सभी को हर प्रकार के प्रदूषण के प्रति सजग रहना होगा। यह भी जरूरी है कि हम सभी इस मुद्दे पर स्वयं ध्यान दें और अपनी गलतियों को सुधारें। उन्होंने कहा कि ऐसा करने पर पर्यावरण असंतुलन की स्थिति से काफी हद तक निपटा जा सकेगा।
श्री यादव ने कहा कि धरती की सुरक्षा हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस जिम्मेदारी का निर्वाह हम सामाजिक एकता के माध्यम से कर सकते हैं। प्रदेश सरकार सभी चुनौतियों का मजबूती के साथ सामना कर रही है एवं अपनी सभी जिम्मेदारियों को भली-भाँति निभा रही है। यह हर्ष का विषय है कि इतनी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस कार्यक्रम में भाग लेकर पर्यावरण के प्रति अपनी चिन्ता एवं प्रतिबद्धता व्यक्त कर रहे हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बालिकाओं की उपस्थित पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने विद्यार्थियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि एकजुटता से हम किसी भी संकट का सामना कर सकते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले शहर में एक और स्टेडियम हुआ करता था, जिसे पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान गिरा दिया गया। उन्होंने कहा कि उस सरकार ने प्रदेश के विकास तथा पर्यावरण में सुधार के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी लोग प्रकृति से अत्यधिक लगाव रखते हैं। इसलिए उनमें पर्यावरण असंतुलन के प्रति चिन्ता रहती है। उन्हांेने कहा कि पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने के प्रयास हम सब मिल-जुलकर लगातार करते रहेंगे।
ज्ञातव्य है कि ‘एक सुर-एक ताल’ कार्यक्रम आज से कई वर्ष पूर्व शुरू हुआ था। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में सद्भावना, भाईचारा, राष्ट्रीयता एवं एकता की भावना को बढ़ावा देने के साथ-साथ धरती को बढ़ती हुई ऊष्मा से बचाने व जल-ऊर्जा-वायु के संतुलन को संयमित करना है। कार्यक्रम में विधायक शारदा प्रताप शुक्ला, शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा गणमान्य लोगों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम माध्यमिक शिक्षा विभाग, उ0प्र0 एवं युवक बिरादरी (भारत) मुम्बई के संयुक्त तत्वावधान में प्रस्तुत किया गया तथा इसमें दस हजार छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
संत वाक्केशरी श्रमण मुनि श्री 108 विनिश्चिय सागर जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
संत वाक्केशरी श्रमण मुनि श्री 108 विनिश्चिय सागर जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
मुख्यमंत्री ने श्री मज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्वशांति महायज्ञ कार्यक्रम में भाग लिया
 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सभी धर्मों का संदेश सम्भाव का है। उन्होंने कहा कि समाज की बुराइयाँ तब तक समाप्त नहीं होंगी, जब तक हम बुरे को बुरा न कहें। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली तमाम चुनौतियों से निपटने का साहस हमें धर्म से भी मिलता है। राजनीति व धर्म में थोड़ी दूरी आवश्यक है। समाज को सही दिशा में ले जाने का महत्वपूर्ण दायित्व हम सभी का है और हमें ही समाज में सही दिशा ढूढ़नी होगी। उन्होंने कहा कि जैन धर्म द्वारा दिखाया गया अहिंसा का मार्ग सद्भावना का मार्ग है।
मुख्यमंत्री ने यह विचार आज यहां श्री मज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब प्रतिष्ठा महोत्सव, महामस्तकाभिषेक एवं विश्वशांति महायज्ञ कार्यक्रम में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि समाजवादी लोग अहिंसा के पुजारी होते हैं। ऐसे में समाजवादियों की जैन समाज से नजदीकियाँ पुरानी हैं। उन्होंने कहा कि हमें वही धर्म प्रेरणा दे सकता है तथा मनोवैज्ञानिक, सामाजिक तथा राजनैतिक समस्याओं के समाधान में प्रेरक हो सकता है, जो वैज्ञानिक अवधारणाओं का पूरक हो, लोकतंत्र के आधारभूत जीवन मूल्यों का पोषक हो, सर्वधर्मसम्भाव की स्थापना में सहायक हो, विश्व व्यवस्था एवं सार्वभौमिकता की दृष्टि का प्रदाता हो तथा विश्व शांति एवं अन्तर्राष्ट्रीय सद्भावना का द्योतक हो।
श्री यादव ने कहा कि जैन धर्म इन सभी अवधारणाओं को पूरा करता है। धर्म और अध्यात्म का उद्देश्य मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना है। विश्व शांति के लिए महायज्ञ का आयोजन अत्यन्त सराहनीय कार्य है। सभी धर्म एकता, समानता, शांति, सद्भावना तथा पारस्परिक प्रेम का संदेश देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में विश्व शांति और सर्वधर्मसम्भाव की आवश्यकता है, जिसके लिए सभी को प्रयासरत होना होगा। हमारा देश विभिन्न धर्मों, सम्प्रदायों और बड़े-बड़े ऋषियों-मुनियों का देश रहा है। यहां कई महापुरुषों ने जन्म लेकर पीडि़त और शोषित मानवता के कल्याण हेतु प्रेम-एकता, वसुधैव कुटुम्बकम तथा धर्मनिरपेक्षता का पावन संदेश दिया है। ज्ञातव्य है कि संत वाक्केशरी श्रमण मुनि श्री 108 विनिश्चिय सागर जी महाराज के नेतृत्व में लखनऊ में श्री मज्जिनेन्द्र जिनबिम्ब प्रतिष्ठा महोत्सव, महामस्तकाभिषेक एवं विश्वशांति महायज्ञ का आयोजन 29 नवम्बर से 04 दिसम्बर, 2013 तक किया जा रहा है।

Leave a Reply