सत्र के पहले ही दिन यूपी विधान सभा में उतरे कपड़े

  • विधान सभा अध्यक्ष द्वारा विधान सभा सत्र के सुव्यवस्थित संचालन के लिए समस्त राजनैतिक दलों से सहयोग का अनुरोध
 
  • उत्तर प्रदेश विधान सभा की विशिष्ट गरिमा एवं इतिहास रहा है: मुख्यमंत्री
  • सरकार की कथनी और करनी में कोई अन्तर नहीं: राज्यपाल 
विधान सभा की ओर जाते अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
विधान सभा की ओर जाते अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने आज से शुरु विधान सभा सत्र के सुव्यवस्थित संचालन के लिए समस्त राजनैतिक दलों के नेताओं से सहयोग का अनुरोध किया है। आज विधान भवन में आयोजित एक बैठक में उन्होंने सभी दलों के नेताओं से सदन को सुचारु रूप से संचालित करने तथा सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री तथा नेता सदन अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधान सभा की विशिष्ट गरिमा एवं इतिहास रहा है। उन्होंने सत्ता पक्ष द्वारा सदन संचालन में पूर्ण सहयोग प्रदान करने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि सदन के प्रत्येक क्षण का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी दलों को मिलकर ऐसा वातावरण बनाने की पहल करनी चाहिए, जिसमें प्रदेश की जनता की महत्वपूर्ण समस्याओं को सुचारु रूप से उठाया जा सके। उन्होंने सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही राज्य को खुशहाली एवं तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ाया जा सकता है।
बैठक में बहुजन समाज पार्टी के स्वामी प्रसाद मौर्य, भारतीय जनता पार्टी के हुकुम सिंह, कांग्रेस के प्रदीप माथुर तथा राष्ट्रीय लोकदल के दलबीर सिंह ने भी विधान सभा अध्यक्ष को अपने दलों की ओर से पूरा सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव तथा विकलांग कल्याण मंत्री अम्बिका चौधरी भी उपस्थित थे।
इसके बाद उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बी.एल. जोशी ने आज यहां राज्य विधान मण्डल के एक साथ समवेत दोनों सदनों को सम्बोधित करते हुए राज्य सरकार की प्रमुख नीतियों और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर उन्होंने सदस्यों का आह्वान किया कि उनकी सरकार द्वारा प्रदेश को विकास और तरक्की के रास्ते पर तीव्र गति से आगे ले जाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करें।
श्री जोशी ने याद दिलाया कि अपने पिछले सम्बोधन में उन्होंने कहा था कि सरकार की कथनी और करनी में कोई अन्तर नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जनता से किए गए वायदों को पूरा करने के लिए कदम उठाए हैं। इसी का परिणाम है कि विगत पौने दो वर्षों में प्रदेश में जो उपलब्धि दर्ज की गई है, उतनी उपलब्धि राज्य सरकारें 05 वर्षों में भी नहीं प्राप्त कर पातीं। मुफ्त दवाई, पढ़ाई और मुक्त सिंचाई जैसे वायदों को मूर्त रूप प्रदान करने में राज्य सरकार सफल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में गरीबों का इलाज मुफ्त हो रहा है। इसके साथ ही राजकीय चिकित्सालयों में एक्स-रे व पैथोलॉजी जांच भी निःशुल्क कर दी गई है। मरीजों, गर्भवती महिलाओं व दुर्घटना में घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से प्रत्येक जनपद मुख्यालय व विकासखण्ड पर निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा प्रदान की गई है। 108 मुफ्त/टोल फ्री नं0 डायल कर इस सुविधा को प्राप्त किया जा सकता है। वर्तमान में इस योजना के तहत 988 एम्बुलेंसें चलाई जा रही हैं, जिनके माध्यम से अब तक लगभग 17 लाख से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं व 01 माह के नवजात शिशुओं को निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र तक लाने व ले जाने के लिए 102 निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा भी शुरु की गई है।
चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किए गए अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी देते हुए राज्यपाल ने बताया कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल, लखनऊ में 50 बिस्तरों वाले बाल रोग विभाग तथा बलरामपुर अस्पताल, लखनऊ में 100 बिस्तरों वाले चिकित्सालय की स्थापना की गई है। कैंसर जैसी भयानक बीमारी के इलाज हेतु लखनऊ में एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का उच्चस्तरीय कैंसर संस्थान स्थापित किए जाने की कार्रवाई शुरु की गई है। कन्नौज में भी 01 हृदय व कैंसर रोग संस्थान की स्थापना कराई जा रही है।
ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान, सैफई (इटावा) में इमरजेंसी व बर्न सेण्टर तथा 500 बिस्तरों के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के निर्माण का निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार राजकीय मेडिकल कॉलेज, कानपुर में न्यूरोलॉजी सेण्टर की स्थापना की जा रही है। कन्नौज, ग्रेटर नोएडा में चिकित्सा विश्वविद्यालय एवं नोएडा में पोस्ट ग्रेजुएट बाल चिकित्सालय एवं शैक्षणिक संस्थान की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। पूर्वांचल क्षेत्र के बच्चों को जापानी इन्सेफलाइटिस रोग के समुचित इलाज हेतु गोरखपुर में 500 बेड के नए बाल चिकित्सालय व झांसी मेडिकल कॉलेज को 500 बिस्तरों के अस्पताल में विस्तारीकरण करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेज, इलाहाबाद, गोरखपुर, मेरठ व झांसी का उच्चीकरण भी कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। जनपद इटावा में पैरामेडिकल विज्ञान महाविद्यालय की स्थापना का कार्य भी प्रगति पर है। चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए एम.बी.बी.एस. व पी.जी. की सीटों में वृद्धि की गई है।
श्री जोशी ने राज्य सरकार द्वारा किसानों के हितों में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की संक्षिप्त जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। कृषकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने व कृषि विकास के लिए राज्य सरकार न केवल प्रयत्नशील है अपितु इस क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए वर्ष 2012-13 में राज्य सरकार को कुल खाद्य उत्पादन में अर्जित उत्कृष्ट स्थान (श्रेणी-1) के लिए राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत भी किया गया है। उन्होंने बताया कि राजकीय नलकूपों व नहरों से मिलने वाले पानी को आबपाशी शुल्क से मुक्त कर दिया गया है, जिससे प्रदेश के लगभग 55 लाख किसानों को फायदा मिल रहा है। राज्य सहकारी ग्राम विकास बैंक से लिए गए 50,000 रुपए तक के कर्ज की ऋण माफी योजना में वर्तमान व गत वित्तीय वर्ष में कुल 1,650 करोड़ रुपए का प्रावधान करके लगभग 07 लाख किसानों का ऋण माफ किया गया। शेष लगभग 01 लाख किसानों का ऋण भी आगामी वित्तीय वर्ष में माफ कर दिया जाएगा। साथ ही किसानों को 03 प्रतिशत ब्याज की दर से 03 लाख रुपए तक फसली ऋण लेने की सुविधा अनुमन्य की गई है। किसानों को समय से उर्वरक एवं बीज उपलब्ध कराया गया है तथा उनकी उपजों का लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराते हुए पर्याप्त क्रय केन्द्रों की व्यवस्था की गई है।
राज्यपाल ने बताया कि सरकार गन्ना किसानों की समस्याओं के प्रति सचेत है और उनकी आर्थिक उन्नति के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि अब तक कुल लगभग 32,530 करोड़ रुपए गन्ना मूल्य का भुगतान किसानों को किया जा चुका है। बंद पड़ी सहकारी चीनी मिल पुवायां (शाहजहांपुर) व उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम की मिल मोहिउद्दीनपुर (मेरठ) को पुनः चलाकर पेराई कार्य प्रारम्भ कराया गया। चीनी उद्योग क्षेत्र में पूंजी निवेश आकर्षित करने के लिए चीनी उद्योग को-जनरेशन एंव आसवनी प्रोत्साहन नीति-2013 लागू की गई, जिसके तहत लगभग 2,000 करोड़ रुपए का निवेश सम्भावित है। डेयरी उद्योग क्षेत्र में क्रान्तिकारी निर्णय लेते हुए 05 लाख लीटर दुग्ध उत्पादन क्षमता की 04 इकाईयां क्रमशः लखनऊ, कानपुर देहात, वाराणसी व इटावा में स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। चारों इकाईयों के स्थापित हो जाने पर लगभग 07 लाख से अधिक कृषक परिवारों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार द्वारा भूमि सेना योजना के तहत ऊसर, बीहड़, बंजर तथा जल भराव से समस्याग्रस्त क्षेत्रों एवं तालाबों का जीर्णोद्धार भूमि सेना के माध्यम से कराया गया, जिसमें 25,275 भूमिहीन मजदूरों को रोजगार का अवसर प्राप्त हुआ तथा लगभग 70,000 लघु एवं सीमान्त कृषक इससे लाभान्वित हुए।
श्री जोशी ने कहा कि राज्य सरकार सच्चर समिति की संस्तुतियों के अनुसार अल्पसंख्यक समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। अल्पसंख्यकों को विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यक्रमों में न्यायोचित हिस्सा दिलाने के लिए 30 विभागों द्वारा संचालित 85 कल्याणकारी योजनाओं को निर्धारित लक्ष्यों का 20 प्रतिशत मात्राकरण अल्पसंख्यक समुदाय के लिए निर्धारित किया गया है। मात्राकरण हेतु ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र में बुनियादी सेवाएं, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, समाज कल्याण तथा कृषि एवं संवर्गीय सेक्टर की योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि संस्कृत विद्यालयों को अनुदान सूची पर लिए जाने तथा अरबी, फारसी मदरसों को मान्यता प्रदान करने एवं अनुदान सूची पर लिए जाने का ऐतिहासिक निर्णय भी राज्य सरकार द्वारा लिया गया है। अरबी, फारसी मदरसों के आधुनिकीकरण की योजना के लिए समुचित बजट की व्यवस्था भी की गई है।
प्रदेश में औद्योगिकीकरण क्षेत्र में किए गए कार्यों की चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उनकी सरकार अनुकूल औद्योगिक वातावरण का सृजन कर पूंजी निवेश आकर्षित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति जारी की गई। राज्य सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप लखनऊ एवं आगरा में 1,500 करोड़ रुपए के पूंजी निवेश से आई.टी. सिटी की स्थापना की जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से लगभग 01 लाख लोगों को रोजगार के अवसर सुलभ होंगे। राज्य सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप ही वित्तीय वर्ष 2012-13 में जहां देश का ग्रोथ रेट
05 प्रतिशत रहा, वहीं उत्तर प्रदेश का ग्रोथ रेट 5.9 फीसदी रहा।
श्री जोशी ने बताया कि उनकी सरकार विद्युत क्षेत्र में गम्भीरता से काम कर रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि वर्ष 2016-17 तक सभी नगरीय क्षेत्रों में 24 घण्टे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घण्टे विद्युत आपूर्ति की जा सकेगी। राज्य सेक्टर में 01 हजार मेगावाट क्षमता की अनपरा ‘डी’ परियोजना, 330 मेगावाट क्षमता की श्रीनगर जल विद्युत परियोजना तथा निजी क्षेत्र की 1980 मेगावाट क्षमता की
12 परियोजना से 2014 में विद्युत उत्पादन प्रारम्भ हो जाएगा। इसी प्रकार 1980 मेगावाट क्षमता की ललितपुर तापीय परियोजना से 2015 में विद्युत उत्पादन शुरु हो जाएगा। संयुक्त क्षेत्र में स्थापित हो रहे मेजा तापीय विद्युत परियोजना से 320 मेगावाट विद्युत उत्पादन 2016 में शुरु होगा। हरदुआगंज व पनकी में 660 मेगावाट क्षमता का विद्युत संयत्र स्थापित किए जाने की कार्रवाई प्रगति पर है। 1320 मेगावाट की ओबरा ‘सी’ परियोजना व घाटमपुर में 1980 मेगावाट की परियोजना का कार्य वर्ष 2017-18 तक पूर्ण हो जाने की सम्भावना है। इसके अलावा ऊर्जा की कमी को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा नीति-2013 प्रख्यापित की गई है, जिसके तहत मार्च, 2017 तक 500 मेगावाट क्षमता की ग्रिड संयोजित सौर ऊर्जा विद्युत उत्पादन की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार सुगम यातायात के उद्देश्य से लखनऊ-आगरा तक 06 लेन के 270 कि.मी. लम्बे एक्सप्रेस-वे के निर्माण के साथ-साथ आगरा इनर लिंक रोड के निर्माण का भी निर्णय लिया है, जिसमें 06 लेन की 26 कि.मी. इनर लिंक रोड बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि मेट्रो रेल की महत्वाकांक्षी परियोजना को मूर्त रूप देते हुए राज्य सरकार द्वारा वांछित स्वीकृति प्रदान करते हुए अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है। नागरिकों की आवासीय आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु राज्य शहरी आवास एवं पर्यावास नीति बनाई गई है। जन सामान्य को सुरक्षित एवं आरामदायक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के 13 बड़े शहरों में रेडियो टैक्सी योजना लागू की गई है। लखनऊ नगर में यह सेवा प्रारम्भ भी हो चुकी है। पर्यटन उद्योग को विकसित करने के उद्देश्य से आगरा व कुशीनगर में इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है।
श्री जोशी ने बताया कि राज्य के नौजवानों को व्यवसायोन्मुखी बनाने के लिए कौशल विकास मिशन की स्थापना की गई है, जिससे इन्हें रोजगार प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे। इसके अलावा उनकी सरकार द्वारा बेरोजगार युवक एवं युवतियों को 1,000 रुपए प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ता जाता है। राज्य के इण्टर पास छात्र-छात्राओं को देश-विदेश में हो रही तकनीकी विकास की जानकारी व उच्च शिक्षा हेतु लैपटॉप वितरण भी किया गया है। प्रदेश के छात्रों को उच्च तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोरखपुर को तकनीकी विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है। सिद्धार्थनगर में 01 राजकीय विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। सोनभद्र एवं कन्नौज में 01-01 राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है। जनपद बांदा में 01 कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना का कार्य प्रगति पर है।
राज्यपाल ने कृषि के अलावा कृषि विपणन, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, सिंचाई, भूगर्भ जल, लघु सिंचाई, भूमि विकास एवं जल संसाधन, परती भूमि विकास, मत्स्य, पशुधन, दुग्धशाला विकास, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, समग्र ग्राम विकास, ग्राम्य विकास, नगर विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम, आवास, बेसिक, माध्यमिक, व्यवसायिक तथा उच्च शिक्षा, श्रम, खाद्य तथा रसद, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, ग्रामीण अभियंत्रण, लघु उद्योग, खादी एवं ग्राम उद्योग, हथकरघा व वस्त्र उद्योग, समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, सैनिक कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, महिला एवं बाल विकास, युवा कल्याण विभाग, खेल विभाग, गृह विभाग, कारागार विभाग, राजनैतिक पेंशन, होमगार्ड्स, न्याय, परिवहन, वन, पर्यावरण, पर्यटन, प्रशासनिक सुधार, नियुक्ति एवं कार्मिक, वित्त, कर एवं निबन्धन, नियोजन, राजस्व, राज्य सम्पत्ति, सतर्कता, धर्मार्थ कार्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, भूतत्व एवं खनिकर्म, आबकारी, कार्यक्रम क्रियान्वयन, भाषा, आई.टी. एवं इलेक्ट्रानिक्स, राष्ट्रीय एकीकरण तथा वाह्य सहायतित परियोजना विभागों द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों की भी जानकारी दी।
उधर माता प्रसाद पांडेय की अपील और विभिन्न दलों के नेताओं के आश्वासन के बावजूद चीनी मिल मालिकों के खिलाफ बसपा और राष्ट्रीय लोकदल के विधायकों ने हंगामा ही नहीं किया, बल्कि नियम-कानून दरकिनार कर कपड़े तक उतार दिए। रालोद के विधायकों की इस हरकत से यूपी विधान सभा की देश भर में फजीहत हो रही है। विधायकों की हरकत पर वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री आजम खां का कहना है कि विधायकों ने आधे कपड़े उतारे अगर, पूरे कपड़े उतारते, तो दुनिया उनकी मर्दानगी अच्छी तरह से देखती।

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