व्यापार और उद्योग के अभूतपूर्व अवसर सृजित हो रहे हैं

 
  • उच्च स्तरीय केनेडियन व्यापारिक प्रतिनिधिमण्डल के प्रदेश आगमन पर आयोजित गोष्ठी को मुख्यमंत्री ने सम्बोधित किया 
उच्च स्तरीय केनेडियन व्यापारिक प्रतिनिधिमण्डल के प्रदेश आगमन पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
उच्च स्तरीय केनेडियन व्यापारिक प्रतिनिधिमण्डल के प्रदेश आगमन पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि विश्व व्यापार के लिए भारत का बाजार जरूरी है। उसी प्रकार देश की व्यापारिक गतिविधियों के लिए उत्तर प्रदेश आवश्यक है, क्योंकि भारत की आबादी का छठा हिस्सा उत्तर प्रदेश में बसता है और यह राज्य देश की तीसरी सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था भी है। उन्होंने कहा कि कनाडा देश में निवेश बढ़ाने का इच्छुक है। प्रयास यह होना चाहिए कि निवेश का बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश को प्राप्त हो। राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग व सुविधा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने रोजगार के अवसर सृजित किए तथा युवाओं के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था को बेहतर बनाया। साथ ही, ऐसी नीतियां बनाकर उन्हें लागू किया, ताकि व्यापारिक और वाणिज्यिक गतिविधियों के बढ़ने के साथ-साथ राज्य में औद्योगीकरण का माहौल बने।
मुख्यमंत्री एक उच्च स्तरीय केनेडियन व्यापारिक प्रतिनिधिमण्डल के प्रदेश आगमन पर आज यहां होटल ताज विवान्ता में आयोजित एक दिवसीय गोष्ठी में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। ज्ञातव्य है कि कनाडा की सीनेटर डा. आशा सेठ एवं इण्डो केनेडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स के प्रेसीडेंट नवल बजाज के नेतृत्व में 26 सदस्यी प्रतिनिधिमण्डल प्रदेश भ्रमण पर आया है। इसमें केनेडियन सरकार एवं व्यापार जगत के प्रतिनिधि शामिल हैं। इस अवसर पर सीनेटर डा. सेठ ने कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर का एक संदेश पढ़कर सुनाया तथा उसकी प्रति मुख्यमंत्री को सौपी। उन्होंने श्री यादव को वहां के सीनेट की ओर से एक उपहार भी भेंट किया तथा कनाडा यात्रा के लिए आमंत्रित किया।
श्री यादव ने कहा कि पहली बार कनाडा का एक विशाल प्रतिनिधिमण्डल राज्य के भ्रमण पर आया है। सीनेटर डा. आशा सेठ के साथ वर्ष 2012 में हुई अपनी पिछली मुलाकात का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में निवेश बढ़ाने के सम्बन्ध में उनसे विचार-विमर्श किया था। उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री द्वारा संदेश में व्यक्त किए गए विचारों के प्रति राज्य की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत और कनाडा के सम्बन्ध लगातार सुदृढ़ हो रहे हैं, जिसका लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिलेगा। इन सम्बन्धों को मजबूत बनाने में दस लाख से अधिक भारतीय मूल के कनाडा के नागरिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत से सम्मान व सफलता हासिल की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि निवेश के दृष्टिकोण से इस गोष्ठी में सार्थक विचार-विमर्श होगा, जिसका लाभ राज्य को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निवेश की अपार संभावना का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में व्यापार और उद्योग के अभूतपूर्व अवसर सृजित हो रहे हैं। निवेशकों को राज्य सरकार विभिन्न सुविधाएं प्रदान कर रही है। प्रदेश सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि विकास और अवस्थापना से जुड़ी गतिविधियां पूरे प्रदेश में संचालित हों और ये केवल नोएडा और ग्रेटर नोएडा तक सीमित न रहे। राज्य में उपलब्ध संसाधनों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लखनऊ व कानपुर के संयुक्त क्षेत्र की पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान है। इस इलाके में उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, प्रबन्धन तथा अनुसंधान से जुड़े जितने प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित हैं, उतने अन्य कहीं नहीं हैं।
कृषि सेक्टर के महत्व पर बल देते हुए श्री यादव ने कहा कि इस क्षेत्र में बदलाव आया तो पूरे देश व प्रदेश में परिवर्तन दिखाई देगा। कृषि सेक्टर में सर्वाधिक संभावनाएं मौजूद हैं। इस सेक्टर में कनाडा के पास उपलब्ध तकनीक व व्यवस्थाओं को प्रदेश के कृषि सेक्टर की जरूरतों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश का एक प्रतिनिधिमण्डल कनाडा की यात्रा पर जाएगा।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने कहा कि भारत व कनाडा के सम्बन्ध काफी महत्वपूर्ण हैं। कनाडा के भारतीय मूल के नागरिक दोनों देशों के बीच एक सेतु के तौर पर सक्रिय हैं। आने वाले समय में भारत व कनाडा के मध्य व्यापार में काफी वृद्धि होने की संभावना है, जिसके क्रम में व्यापार व निवेश के उद्देश्य से इण्डो-कनाडा ट्रेड मिशन का राज्य आगमन अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। श्री उस्मानी ने कहा कि राज्य के प्रत्येक सेक्टर में निवेश की अपार संभावना है। यहां 20 करोड़ से अधिक उपभोक्ता मौजूद हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में तेजी से वृद्धि हो रही है। पिछले दो वित्तीय वर्षों में यह बढ़ोत्तरी राष्ट्रीय औसत से अधिक थी। वर्तमान सरकार ने 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान राज्य की 10 प्रतिशत वृद्धि दर का लक्ष्य निर्धारित किया है।
श्री उस्मानी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश बढ़ाने तथा अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए अनेक कदम उठाए हैं। आगरा तथा कुशीनगर में अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों की स्थापना की कार्रवाई प्रगति पर है। दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक गलियारा तथा ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट काॅरीडोर राज्य से गुजरेंगे। ये गलियारे औद्योगिक तथा आर्थिक गतिविधियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही झांसी तथा औरेया में नेशनल इनवेस्टमेंट एण्ड मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापित किए जाएंगे। लखनऊ में आई0टी0 सिटी परियोजना का शुभारम्भ हो गया है। औरेया में प्लास्टिक सिटी तथा जगदीशपुर में मेगा फूड पार्क स्थापित होगा। लखनऊ एवं नोएडा-ग्रेटर नोएडा हेतु मेट्रो रेल परियोजना की कार्रवाई प्रगति पर है।
मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार विद्युत उत्पादन में वृद्धि के लिए गम्भीरता से प्रयास कर रही है। साथ ही, सौर ऊर्जा आधारित विद्युत उत्पादन सयंत्र की स्थापना को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए ग्रेटर नोएडा में नाइट सफारी परियोजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके अलावा थीम आधारित मनोरंजन पार्क भी स्थापित किए जाएंगे। कृषि उत्पाद में राज्य की अग्रणी भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
 कनाडा की सीनेटर डा. आशा सेठ के साथ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
कनाडा की सीनेटर डा. आशा सेठ के साथ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
सीनेटर डा. आशा सेठ ने अपने सम्बोधन में राज्य के साथ अपने नजदीकी रिश्तों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जन्म सीतापुर में हुआ तथा लखनऊ के किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय से उन्होंने डाक्टरी की पढ़ाई की। उत्तर प्रदेश देश का एक महत्वपूर्ण राज्य है। यहां पर निवेश अनुकूल माहौल है, तथा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव प्रदेश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास के लिए समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि भारत का आर्थिक विकास उद्योग तथा व्यापार के लिए अनेक अवसर उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह गोष्ठी अपने उद्देश्यों को हासिल करने में सफल होगी तथा कनाडा एवं भारत विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के आर्थिक सम्बन्ध सुदृढ़ बनेंगे।
कृषि उत्पादन आयुक्त तथा अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक रंजन ने कहा कि वर्तमान सरकार ने उद्योगों को अनेक सुविधाएं प्रदान की हैं। इसके अलावा कृषि क्षेत्र के विकास पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (एस0डी0पी0) में कृषि क्षेत्र का योगदान 25 प्रतिशत है तथा प्रदेश की 68 प्रतिशत आबादी आजीविका के लिए कृषि एवं उससे सम्बन्धित गतिविधियों से जुड़ी हुई है। इसके दृष्टिगत कनाडा के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए प्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। कोल्ड चेन स्थापना तथा पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट क्षेत्रों में कनाडा के पास उपलब्ध तकनीक राज्य को लाभान्वित कर सकती है।
श्री रंजन ने कहा कि प्रदेश में लगभग 500 से अधिक इंजीनियरिंग तथा मैनेजमेंट संस्थान हैं। निवेशकों के लिए राज्य में तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार युवाओं में कौशल विकास के लिए एक मिशन भी संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक गलियारे का 14 प्रतिशत हिस्सा तथा इस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कारीडोर का 57 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश से गुजरेगा। इस गलियारे के दोनों तरफ औद्योगीकरण की अपार संभावनाएं हैं।
गोष्ठी में टाटा कन्सलटेन्सी सर्विस के यू0पी0 चीफ जयंत कृष्ण, पी0टी0सी0 के प्रबन्ध निदेशक सचिन अग्रवाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सचिव औद्योगिक विकास धीरज साहू ने अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर कारागार मंत्री राजेन्द्र चौधरी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री अभिषेक मिश्रा, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा केनेडियन प्रतिनिधिमण्डल के चैन रेमण्ड, सुहैल सईद सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

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