वृद्धों के स्वास्थ्य के लिए और शोध किए जायें: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा –
– सेन्टर फार एडवांस रिसर्च इन एजिंग एण्ड जीरियाट्रिक मेन्टल हेल्थ की स्थापना की जाएगी
– प्रदेश सरकार अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तत्परता से कार्य कर रही है
 
लखनऊ के होटल क्लाकर्स अवध में वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग के 8वें स्थापना दिवस तथा इण्डियन एसोसिएशन फार जीरियाट्रिक मेन्टल हेल्थ के 9वें वार्षिक अधिवेशन ‘जीरान-2013’ का शुभारंभ करते मुख्य अतिथि अखिलेश यादव
लखनऊ के होटल क्लाकर्स अवध में वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग के 8वें स्थापना दिवस तथा इण्डियन एसोसिएशन फार जीरियाट्रिक मेन्टल हेल्थ के 9वें वार्षिक अधिवेशन ‘जीरान-2013’ का शुभारंभ करते मुख्य अतिथि अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग में सेन्टर फार एडवांस रिसर्च इन एजिंग एण्ड जीरियाट्रिक मेन्टल हेल्थ की स्थापना की जाएगी। सेन्टर की स्थापना के लिए राज्य सरकार बजट के माध्यम से आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री आज यहां होटल क्लाकर्स अवध में वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग के 8वें स्थापना दिवस तथा इण्डियन एसोसिएशन फार जीरियाट्रिक मेन्टल हेल्थ के 9वें वार्षिक अधिवेशन ‘जीरान-2013’ को मुख्य अतिथि के तौर पर सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों का जीवन स्तर अच्छा हो और उनका स्वास्थ्य अच्छा रहे, यह सुनिश्चित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार वृद्धजनों के कल्याण के प्रति पूर्ण रूप से संवेदनशील है। यही कारण है कि प्रदेश सरकार ने केन्द्र सरकार द्वारा अंगीकृत माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम को सबसे पहले लागू करने का निर्णय लिया।
श्री यादव ने कहा कि वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में और अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस आयोजन में प्रतिभाग कर रहे विशेषज्ञों द्वारा प्रदान की जाने वाली जानकारियां और प्रस्तुत किए जाने शोध पत्र, वृद्धजनों के मानसिक स्वास्थ्य संबंधी उपचार में उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने कहा कि विभाग की स्थापना आदरणीय नेता जी ने करायी थी। वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग को सुदृढ़ बनाने में राज्य सरकार हर सम्भव सहयोग करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं की जनसंख्या सर्वाधिक है। आज जो युवा हैं, भविष्य में वे वृद्ध होंगे। इसके दृष्टिगत भी वृद्धावस्था जनित रोगों के उपचार को प्राथमिकता प्रदान किया जाना जरूरी है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश के समक्ष मौजूद चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में डायबिटीज, हृदय रोग, रक्तचाप, कैंसर, लिवर से संबंधित बीमरियों के साथ ही मलेरिया और इंसेफेलाइटिस आदि रोग लोगों को प्रभावित करते हैं। प्रदेश सरकार अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तत्परता से कार्य कर रही है।
पिछड़ा वर्ग एवं विकलांग कल्याण मंत्री अम्बिका चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का हर सम्भव प्रयास कर रही है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य सरकार ने काफी काम किया है और ऐतिहासिक उपलब्धियां अर्जित की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विश्वविद्यालय का वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग अपने क्षेत्र का देश का पहला विभाग है। उन्होंने उम्मीद जताई की कि भविष्य में भी यह विभाग अग्रणी रहेगा।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री अभिषेक मिश्र ने कहा कि वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में शोध की व्यापक सम्भावनाएं हैं। इस दिशा में शोध कार्य भारतीय परिस्थितियों के मद्देनजर किया जाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि उपचार का यह ऐसा क्षेत्र है, जिसका चिकित्सा विज्ञान की विभिन्न विधाओं से समन्वय आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘जीरियाट्रिक मेन्टल हेल्थ एट ए ग्लान्स’ पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने डा. एस.सी. तिवारी को डा. शिव गौतम ओरेशन अवार्ड तथा डा. अल्का सुब्रमण्यम को मिसेज श्वेता तिवारी मेमोरियल अवार्ड प्रदान किया। इस मौके पर विभाग की स्मारिका ‘वृद्धोत्थान’ तथा इण्डियन एसोसिएशन फार जीरियाट्रिक मेन्टल हेल्थ के प्रथम परिशिष्ट का विमोचन भी किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डी.के. गुप्ता ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। डा. शिव गौतम, डा. इन्दिरा शर्मा तथा डा. अल्का सुब्रमण्यम ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग के अध्यक्ष डा. एस.सी. तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया तथा डा. श्रीकान्त श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, देश-विदेश से आये मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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