विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश: यादव

  • राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह में छात्र-छात्राओं को पदक प्रदान किए
 
  • विश्वविद्यालय के बीज विधायन संयंत्र (बीज भवन) तथा अन्तर्राष्ट्रीय छात्रावास का लोकार्पण किया
 
  • कृषि के क्षेत्र में नयी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की आवश्यकता: मुख्यमंत्री
 
  • मुख्यमंत्री ने कानपुर में 67 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया
कानपुर में चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 15वें दीक्षान्त समारोह में मेधावी छात्र को सम्मानित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
कानपुर में चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 15वें दीक्षान्त समारोह में मेधावी छात्र को सम्मानित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव।
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बी.एल. जोशी तथा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज कानपुर में चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के 15वें दीक्षान्त समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक प्रदान किये। कार्यक्रम से पूर्व उन्होंने विश्वविद्यालय के बीज विधायन संयंत्र (बीज भवन) तथा अन्तर्राष्ट्रीय छात्रावास का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री ने 12544 लाख रुपये धनराशि की 67 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया।
विश्वविद्यालय के कैलाश भवन सभागार में आयोजित दीक्षान्त समारोह के अध्यक्षीय उद्बोधन में राज्यपाल ने राज्य सरकार, किसान, कृषि वैज्ञानिक एवं उद्यमियों से बारहवीं पंचवर्षीय योजना में कृषि क्षेत्र के लिए चार फीसदी विकास दर के लक्ष्य को प्राप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों द्वारा विकसित नवीन कृषि तकनीकी को त्वरित गति से किसानों तक पहुंचाया जाय। उन्होंने विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा गेहूं की उच्च ताप सहिष्णु प्रजातियाँ विकसित करने के लिए सराहना की। उन्होंने प्रमुख फसलों के गुणवत्तायुक्त बीजों को किसानों के खेतों तक पहुंचाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा सचल बीज बिक्री वाहनों की सुविधा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रदेश एवं देश में पहला तथा अनोखा प्रयास है।
दीक्षान्त समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने सम्बोधन में शिक्षकों व छात्र-छात्राओं से विश्वविद्यालय को वही दर्जा व गौरव दिलाने का आह्वान किया, जोकि पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय को हासिल है। उन्होंने इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि जितनी ईमानदारी से डिग्री हासिल की है, उतनी ही ईमानदारी से जीवन में काम करें तथा समाज के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि किसान कैसे खुशहाल हों, पैदावार कैसे बढ़े, कैसे किसानों को समय से खाद-बीज मिले इस पर राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने खेती में प्रौद्योगिकी की भूमिका की चर्चा करते हुए कहा कि कनाडा में सर्दी के बावजूद अच्छी पैदावार होती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भी कृषि के क्षेत्र में नयी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
प्रदेश के विकास की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में जितनी बड़ी नहर प्रणाली है, उतनी विशाल प्रणाली कहीं भी नहीं है। प्रदेश दुग्ध उत्पादन में आगे है। दुधारू पशुओं की संख्या में भी राज्य आगे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन दो करोड़ अण्डे की मांग है, जबकि उत्पादन एक करोड़ ही होता है, एक करोड़ अण्डे बाहर से आते हैं। मांग के अनुरूप अण्डे का उत्पादन प्रदेश में हो सके इसके लिए प्रदेश सरकार ने नयी कुक्कुट विकास नीति बनायी है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार की कामधेनु डेयरी योजना में 2200 लोगों ने आवेदन किया है। उन्हांेने कहा कि सभी आवेदकों को लाभान्वित किया जायेगा।
दीक्षान्त समारोह में राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा कृषि मंत्री ने सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले दस छात्रों को कुलाधिपति स्वर्ण पदक, सात को अन्य स्वर्ण पदक, दस को रजत पदक व दस को कांस्य पदक प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह में 512 छात्रों को उपाधियाँ प्रदान की गयीं। बी0एस0सी0 कृषि के छात्र बृजेश मेहता को कुलाधिपति स्वर्ण पदक के साथ-साथ राय साहब गजोधर लाल मेमोरियल व आसपी स्वर्ण पदक भी प्रदान किया गया। एम0एस0सी0 कृषि में कु0 रेखा व गृह विज्ञान में कु0 सारिका मिश्रा तथा कृषि व्यवसाय प्रबन्धन में अभिषेक मोहन को कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान किये गये। राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं के लिए विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित उपयोगी पुस्तकों का विमोचन भी किया।
दीक्षान्त समारोह के विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री आनन्द सिंह ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश की चुनौतियों से आपकों लड़ना है। उन्होंने प्री-हार्वेस्टिंग, हार्वेस्टिंग तथा पोस्ट हार्वेस्टिंग पर शोध की आवश्यकता पर बल दिया। समारोह को चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 मुन्ना सिंह ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर प्रदेश के वस्त्र उद्योग एवं रेशम उद्योग मंत्री शिवकुमार बेरिया, उ0प्र0 पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष चौ. सुखराम सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण तथा प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
दीक्षान्त समारोह से पूर्व राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नयी दिल्ली द्वारा वित्त पोषित 109 लाख रुपये की लागत से बने अन्तर्राष्ट्रीय छात्रावास तथा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत 170 लाख रुपये  की लागत से तैयार हुए बीज विधायन संयंत्र (बीज भवन)  का लोकार्पण किया। दीक्षान्त समारोह के पश्चात मुख्यमंत्री ने 12544 लाख 52 हजार रुपये के 67 विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिसमें चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य विभाग के दो-दो विकास कार्यों का लोकार्पण तथा शेष 63 कार्यों का शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों व विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये गये हैं।

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