लगन और कठोर परिश्रम से मिटाएं निरक्षरता: पूनम

विकास भवन स्थित सभागार में बैठक को संबोधित करतीं जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव।
विकास भवन स्थित सभागार में बैठक को संबोधित करतीं जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव।

बदायूं जनपद से निरक्षरता का अभिशाप मिटाने हेतु बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा साक्षर भारत अभियान चलाकर निरक्षरों को साक्षर बनाने का जिम्मा ब्लाक समन्वयक और गांव प्रेरकों को सौंपा गया है। उक्त अभियान को गति प्रदान करने के उद्देश्य से आज विकास भवन स्थित सभा कक्ष में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ब्लाक लोक शिक्षा समिति के पदाधिकारियों, ब्लाक प्रमुखों, खण्ड विकास अधिकारियों को एकत्र कर साक्षर भारत मिशन को कामयाब बनाने पर विचार विमर्श किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु जब खण्ड विकास एवं खण्ड शिक्षा अधिकारियों की राय और विचार सामने आए तो सभी ने एक जुट होकर कहा कि ब्लाक समन्वयकों द्वारा रूचि न लेने तथा सम्बंधित अधिकारियों से आपस में तालमेल स्थापित न करने के कारण यह अभियान गति नहीं पकड़ पा रहा है और साक्षरता सेंटरों पर कोई निरक्षर दिखाई नहीं देता है। जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ दूसरे फायदे बताकर तथा अन्य दूसरे प्रलोभन देकर ही निरक्षरों को साक्षरता सेंटरों पर लाकर उन्हें साक्षर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ब्लाक स्तर पर बीडीओ की अध्यक्षता में बैठकें आयोजित कराकर अभियान को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि अब जिला स्तर पर भी प्रत्येक तीन माह में इस बैठक का आयोजन किया मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि मनरेगा योजना में मस्टरोल पर अंगूठा निशानी लगाने वाले निरक्षरों को हस्ताक्षर करना सिखा कर साक्षर कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब ब्लाक समन्वयकों की उन्हें शिकायत मिलती है तो उनके विरूद्ध कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। सीडीओ ने मिड डे मील वितरण में अधिक सावधनियां बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रधानाध्यापक पहले एमडीएम को टेस्ट करके ही बच्चों में वितरित कराएं, ताकि उसकी गुणवत्ता का पता लग सके। उन्होंने कहा कि तीन दिन लगातार एमडीएम न बांटने वालों के साथ सख्ती से पेश आया जाएगा। श्री दीक्षित ने कहा कि कभी-कभी गुणवत्ता परखने हेतु बच्चों के साथ अभिभावकों को भी एमडीएम खिलाया जाए, ताकि उनको खाने की गुणवत्ता की जानकारी बने रहे। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कृपा शंकर वर्मा, बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी/ वरिष्ठ कोषाधिकारी ब्रजेश कुमार, डीआरडीए के परियोजना निदेशक सहित भारत सिंह, ब्लाक समन्वयक एवं ब्लाक प्रमुख मौजूद रहे।

15 अगस्त को नवीन कलेक्ट्रेट भवन में होगा ध्वजारोहण

बदायूं के जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने कहा कि नवीन कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण और फिनिशिंग का कार्य अति शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि 15 अगस्त पर नवीन कलेक्ट्रेट भवन में ध्वजारोहण किया जा सके। श्री त्रिपाठी और नगर मजिस्ट्रेट निधी श्रीवास्तव ने आज नवीन कलेक्ट्रेट के निर्माणाधीन भवन का मौका मुआयना कर निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा है कि उनके न्यायालय, कार्यालय तथा सभाकक्ष के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए, ताकि आने वाले 15 अगस्त पर नवीन कलेक्ट्रेट भवन में ध्वजारोहरण कर नवीन कार्यालय में बैठने की शुरूआत की जा सके। जिलाधिकारी ने इधर-उधर बेतरतीब खड़े दो पहिया वाहनों हेतु बनाए गए स्टैण्ड पर खड़ा कराने के निर्देश देते हुए कहा कि उनके कार्यालय के सामने बनाई गई चाहर दीवारी में गेट भी लगवाया जाए, ताकि कैम्पस में इधर-उधर घूमने वाले जानवर न घुस सकें। इस अवसर पर सीओ सिटी सत्य सैन सहित नाजिर सदर और कार्यदायी संस्था के अभियन्ता मौजूद रहे।

बाल श्रमिकों के चिन्हांकन हेतु चलेगा अभियान, डीएम ने गठित कीं 24 टीमें

बदायूं में बाल श्रमिकों के चिन्हांकन, शैक्षिक पुर्नवासन, परिवार के आर्थिक पुर्नवासन एवं नियोजकों से क्षति पूर्ति वसूली हेतु प्रत्येक तिमाही में एक विशेष अभियान चलाकर बाल श्रमिकों की धरपकड़ की जाएगी। जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने बाल श्रमिकों के चिहांकन हेतु जनपद में श्रम विभाग के निरीक्षकों के अलावा अतिरिक्त मजिस्ट्रेट, उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खण्ड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारियों को बाल श्रमिकों के चिन्हाकन हेतु सम्मिलित करते हुए 24 टीमों का गठन किया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि यह अभियान प्रत्येक त्रैमास चलाया जाएगा। उन्होंने कहा है कि यह टीमें खतरनाक प्रकृति के नियोजन/ व्यवसायों तथा होटलों, ढ़ावों, रेस्त्रा, आटोमोबाइल की दुकानों, इन्जीनियरिंग वर्कशाप, रिपेयरिंग की दुकानों, गैरेज, चाय की दुकानों एवं ईट भट्टों में आकस्मिक छापे मारकर बाल श्रमिकों को चिन्हित कर बच्चों को पुलिस बल के साथ निरीक्षण दल अपने संरक्षरण में लेकर कार्यवाही करेंगे। उन्होंने इस सम्बन्ध में गठित टीमों को विस्तृत निर्देश देते हुए कहा है कि यदि चिन्हीकरण में किसी प्रकार की कोई दिक्कत पेश आती है तो सम्बंधित अधिकारी श्रम प्रवर्तन अधिकारी के मोबाइल नम्बर 9450324361 पर सम्पर्क कर समाधान करा सकते हैं।

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