राज्य सरकार कृषि व किसानों की हितैषी है: मुख्यमंत्री

  • छठी नेशनल सीड कांग्रेस के समापन सत्र को मुख्यमंत्री ने संबोधित किया
  • सीएम ने कृषि क्षेत्र में विशिष्ट कार्य करने वाले किसानों को पुरस्कृत भी किया
छठी नेशनल सीड कांग्रेस के समापन सत्र को संबोधित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
छठी नेशनल सीड कांग्रेस के समापन सत्र को संबोधित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि कृषि सर्वाधिक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, क्योंकि प्रदेश ही नहीं, बलिक देश की ज्यादातर आबादी के जीवन-यापन का आधार कृषि ही है। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में अच्छा कार्य करने से प्रदेश में बदलाव नज़र आएगा और जनता खुशहाल होगी। इसलिए राज्य सरकार कृषि तथा किसानों के हित में अनेक कार्यक्रम संचालित कर रही है।
मुख्यमंत्री आज यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में छठी नेशनल सीड कांग्रेस के समापन सत्र को सम्बोधित कर रहे थे। तीन दिवसीय सीड कांग्रेस का प्रदेश में पहली बार आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 400 से अधिक कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों तथा अधिकारियों ने गुणवत्तायुक्त बीजों के माध्यम से कृषि उत्पादन में वृद्धि तथा किसानों की आर्थिक स्थिति में उत्थान के लिए विचार-विमर्श किया।
श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है। समाजवादी सरकार यह सुनिशिचत करा रही है कि किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध हों। इसके साथ ही उन्हें उर्वरक तथा सिंचार्इ हेतु पानी की भी कोर्इ दिक्कत न होने पाए। सरकार मृदा परीक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है, ताकि कृषि भूमि की उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादन में बढ़ोत्तरी के लिए जहां एक ओर किसानों को उन्नत बीज उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है, वहीं दूसरी ओर उन्हें सही एवं उपयोगी जानकारी प्रदान किया जाना भी जरूरी है। उन्होंने कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए उन्नत बीजों के विकास और फसलों में होने वाले रोगों के प्रभावी नियंत्रण हेतु लगातार अनुसंधान किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के नवीनतम अनुसंधान और तकनीक को किसान तभी अपनाएगा, जब उसे यह भरोसा हो जाए कि नर्इ जानकारी उसके लिए लाभदायक साबित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र विशेष की जलवायु, मिटटी और पानी का प्रभाव फसल की गुणवत्ता पर पड़ता है।
इसके पूर्व अपने सम्बोधन में कृषि मंत्री आनन्द सिंह ने कहा कि नवीनतम तकनीक व शोध को कृषि कार्य में अपनाकर उत्पादन में बढ़ोत्तरी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कृषि उपज में बढ़ोत्तरी के साथ ही खाधान्न के सुरक्षित भण्डारण पर भी ध्यान दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश में दलहन उत्पादन में वृद्धि किए जाने पर बल देते हुए कहा कि राज्य का कृषि विभाग इस दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने मृदा शक्ति को ठीक किए जाने की बात भी कही।
उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के अध्यक्ष उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उन्नत बीजों के विकास को प्राथमिकता प्रदान की गर्इ है। इसके मददेनजर निगम द्वारा ऐसे बीजों का विकास किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सहित समस्त अतिथियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक रंजन ने कहा कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जी.डी.पी.) में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत है तथा लगभग 68 प्रतिशत लोगों की जीविका का आधार कृषि है। उन्होंने बताया कि 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 5.1 प्रतिशत निर्धारित की गर्इ है। कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए उन्नत बीजों के महत्व पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रथम हरित क्रांति की सफलता में संकर प्रजाति के उन्नत बीजों की महत्वपूर्ण भूमिका थी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में धान व गेहूं के संबंध में सीड रोलिंग प्लान तैयार किया गया है।
प्रमुख सचिव कृषि देवाशीष पाण्डा ने आयोजन के विभिन्न सत्रों में हुर्इ चर्चा के निष्कर्षों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि विगत डेढ़ वर्षों के दौरान किसानों को खाद-बीज आदि तमाम कृषि निवेश के संबंध में कोर्इ दिक्कत नहीं हुर्इ। उन्होंने प्रदेश में प्रथम बार सीड कांग्रेस के आयोजन के लिए भारत सरकार के प्रति आभार भी व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अच्छा बीज उत्पादित करने वाले किसानों को पुरस्कृत भी किया। उन्होंने मटर के बीज का अच्छा उत्पादन करने के लिए हमीरपुर निवासी देवेन्द्र सिंह, मसूर के बीज के लिए जालौन के किसान घसीटे, रार्इ के लिए जालौन निवासी संजीव कुमार, चना के बीज के लिए धर्मेन्द्र सिंह तथा गेहूं के बीज उत्पादन हेतु बाराबंकी की विनोद कंवर को पुरस्कृत किया। श्रीमती कंवर के उपस्थित न हो पाने के कारण उनका पुरस्कार उनके पति ने प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘उन्नत बीज प्रबन्ध और उत्कृष्ट प्रजातियों के गुणवत्तायुक्त बीज तथा ‘पंचवर्षीय सीड रोलिंग प्लान पुस्तिकाओं का विमोचन भी किया। बीज विकास निगम के अध्यक्ष उज्ज्वल रमण सिंह द्वारा मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस मौके पर श्री यादव ने उन्नत बीजों के सम्बन्ध में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर कृषि राज्यमंत्री राजीव कुमार सिंह एवं मनोज कुमार पाण्डेय, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह ‘योगेश भइया, नियोजन राज्यमंत्री फरीद महफूज किदवर्इ, सलाहकार कृषि रामपूजन पटेल, सलाहकार कृषि शिक्षा भोला सिंह, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, संयुक्त सचिव कृषि भारत सरकार अतनु पुरकायस्थ, बीज विकास निगम के प्रबन्ध निदेशक डा. मुकेश गौतम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा कृषि वैज्ञानिकगण मौजूद रहे।

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