राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने देखा बीटिंग द रिट्रीट समारोह

 
  • गणतंत्र दिवस परेड की झांकियां पुरस्कृत
 
  • सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग की ‘कामयाबी के कदम’ झांकी को तृतीय पुरस्कार 
राज्यपाल बी.एल. जोशी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव टुकड़ी को पुरस्कृत करते हुए
राज्यपाल बी.एल. जोशी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव टुकड़ी को पुरस्कृत करते हुए
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बी.एल. जोशी एवं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की उपस्थिति में आज लखनऊ स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस का परिसमाप्ति समारोह (बीटिंग द रिट्रीट) आयोजित किया गया।
इस अवसर पर बंगाल इंजीनियर्स ग्रुप एवं केन्द्र, गढ़वाल रेजिमेंटल सेण्टर, कुमाऊँ रेजिमेंटल सेण्टर, आर्मी मेडिकल कोर सेण्टर एवं कॉलेज के मिलिट्री बैण्ड तथा जाट रेजिमेंट सेण्टर, बिहार रेजिमेंट सेण्टर, 1 महार रेजिमेंट, 15 राजपूत रेजिमेंट, एस.एस.बी. के पाइप्स एवं ड्रम्स एवं पी.ए.सी. ब्रास बैण्ड द्वारा देशभक्ति से ओत-प्रोत मधुर धुनों का अलग-अलग शैलियों में आकर्षक प्रस्तुतीकरण किया गया। सभी बैण्डों का समन्वय मुख्यालय मध्य कमान लखनऊ के मेजर खेम चन्द द्वारा किया गया।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित परेड में प्रतिभाग करने वाले विभिन्न कन्टीजेन्ट्स को इस अवसर पर राज्यपाल बी.एल. जोशी द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। सर्वोत्तम मार्चिंग कन्टीजेन्ट (आर्मी) का प्रथम पुरस्कार संयुक्त रूप से 7/11 गोरखा राइफल्स व 1 महार रेजीमेन्ट को प्रदान किया गया। बेस्ट मार्चिंग कन्टीजेन्ट (पैरा मिलेट्री फोर्सेस) का प्रथम पुरस्कार सशस्त्र सीमा बल (महिला टुकड़ी) को, द्वितीय पुरस्कार केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल को दिया गया। बेस्ट मार्चिंग कन्टीजेन्ट (पुलिस/पीएसी/होमगार्डस) का प्रथम पुरस्कार पीएसी 32 बटालियन (पुरुष टुकड़ी), द्वितीय पुरस्कार होमगार्ड (पुरुष टुकड़ी) प्रदान किया गया। बेस्ट मार्चिंग कन्टीजेन्ट (स्कूल/एनसीसी) का प्रथम पुरस्कार यू0पी0 सैनिक स्कूल (बालक) को तथा द्वितीय पुरस्कार एनसीसी लखनऊ ग्रुप (बालिका) को मिला। सांस्कृतिक कार्यक्रम (नृत्य/ड्रिल) की प्रस्तुति के लिए प्रथम पुरस्कार बाल विद्या मन्दिर चारबाग को तथा द्वितीय पुरस्कार सिटी मान्टेसरी स्कूल राजेन्द्र नगर शाखा-3 को प्रदान किया गया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित परेड के कमाण्डर कर्नल प्रणव कुमार को भी इस मौके पर पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर गणतंत्र दिवस पर आयोजित परेड में सम्मिलित झांकियों को राज्यपाल बी.एल. जोशी तथा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा पुरस्कृत किया गया। राज्य सरकार के विभागों द्वारा प्रस्तुत झांकियों में लखनऊ विकास प्राधिकरण को प्रथम, उ.प्र. पावर कार्पोरेशन लिमिटेड को द्वितीय, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग को संयुक्त रूप से तृतीय पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा समाज कल्याण विभाग को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। विद्यालयों द्वारा प्रस्तुत झांकियों में सिटी मान्टेसरी स्कूल को प्रथम, लखनऊ पब्लिक स्कूल एण्ड कॉलेज को द्वितीय पुरस्कार, अमीनाबाद इण्टर कॉलेज को तृतीय पुरस्कार तथा इरम एजुकेशन सोसाइटी को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग की ‘कामयाबी के कदम’ शीर्षक वाली झांकी में प्रदेश सरकार की कन्या विद्या धन योजना, हमारी बेटी उसका कल, निःशुल्क लैपटॉप वितरण योजना, बेरोजगारी भत्ता, 1090 विमेन पावर लाइन, 108 समाजवादी एम्बुलेंस सेवा जैसी जनोपयोगी योजनाएं प्रदर्शित की गईं थीं। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग की ओर से अपर निदेशक डा. अनिल कुमार एवं सहायक निदेशक डा. वजाहत हुसैन रिज़वी ने राज्यपाल व मुख्यमंत्री से यह पुरस्कार प्राप्त किया। इस अवसर पर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शासन, प्रशासन, पुलिस एवं सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
ज्ञातव्य है कि ‘परिसमाप्ति समारोह’ की प्रथा उस पुरातन काल से चली आ रही है, जब सूर्यास्त होने के बाद युद्ध बन्द कर दिया जाता था। बिगुल पर रिट्रीट की धुन सुनते ही योद्धा युद्ध बन्द कर देते थे और अपने शस्त्र समेटकर रणस्थल से अपने शिविरों को चले जाते थे। रिट्रीट के समय सेनाओं के झण्डे और निशान उतारकर रख दिये जाते थे। नगाड़ा बजाना ‘ड्रम बीट्स’ उस काल का प्रतीक है, जब कस्बों तथा शहरों में रहने वाले सैनिकों को सायंकाल निश्चित समय पर अपने शिविरों में वापस बुला लिया जाता था। इन्हीं प्राचीन प्रथाओं के मेलजोल से वर्तमान ‘परिसमाप्ति समारोह’ का जन्म हुआ है।

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