राजनीति करनी है, तो ठसके बर्दाश्त करें रामदेव: हरीश

 

  • योग गुरु रामदेव पर शीघ्र ही लगने वाला है मुकदमों का शतक
  • 121 मामलों में चल रही थी जांच, 87 मामलों में दर्ज हुए मुकदमे                
योग गुरु बाबा रामदेव
योग गुरु बाबा रामदेव

                            किरन कांत

योग के सहारे बड़े-बड़े नेताओं और अफसरों को शीर्षासन कराने वाले बाबा रामदेव की राजनैतिक महत्वकांक्षाओं का खुलासा होते ही कांग्रेस उनके पीछे ही पड़ गई है। योग गुरु बाबा रामदेव के विरुद्ध कांग्रेस का महाअभियान लगातार चल जारी है, जिससे संभावना है कि शीघ्र ही उनके विरुद्ध मुकदमों का शतक लग सकता है।

भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी का खुला समर्थन करने के बाद से तो बाबा रामदेव की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। पहले आय कर-व्यापार कर जैसे विभागों के नोटिसों से ही परेशान थे, अब तो उन पर लगातार मुकदमे दर्ज कराये जा रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से अब तक उनके विभिन्न प्रतिष्ठानों पर 87 मुकदमे दर्ज कराये जा चुके हैं। मुकदमों की यह संख्या यहीं नहीं रुकने वाली है। आने वाले कुछ ही दिनों में प्रशासन बाबा के प्रतिष्ठानों पर और भी मुकदमे दर्ज करायेगा, जिससे माना जा रहा है कि उन पर मुकदमों का शतक शीघ्र ही लग जायेगा। ऐसा ही हुआ, तो अपनी तरह का देश का यह पहला मामला होगा।

इस संबंध में हरिद्वार के उपजिलाधिकारी जीएस नाग्याल का कहना है कि बाबा रामदेव के प्रतिष्ठानों से संबंधित 121 मामलों की अलग-अलग जांचें चल रही हैं, जिसमें जांच पूरी हो जाती है और अनियमिततायें पाई जाती हैं, तो उस प्रकरण में मुकदमा लिखा दिया जाता है, ऐसे ही जिस प्रकरण की जांच पूरी हो जायेगी, उसमें मुकदमा दर्ज होना स्वाभाविक ही है। इसी तरह केन्द्रीय मंत्री हरीश रावत का कहना है कि बाबा को योग से अधिक राजनैतिक भोग रास आ गया है और जब राजनीति करनी है, तो राजनैतिक ठसकेबाजी भी बर्दाश्त तो करनी ही पड़ेगी।

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