यौन शोषण के आरोपी सीओ को बचा तो नहीं रही पुलिस?

यौन शोषण करने के आरोपी सीओ विपुल कुमार श्रीवास्तव
यौन शोषण करने के आरोपी सीओ विपुल कुमार श्रीवास्तव

यौन शोषण के आरोपी सीओ को पुलिस ही बचाने का प्रयास कर रही है, तभी पीड़ित का अभी तक मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज नहीं कराया गया है, जबकि एफआईआर के अगले दिन ही बयान दर्ज कराये जाते रहे हैं।

मुसाफिरखाना के पुलिस क्षेत्राधिकारी विपुल कुमार श्रीवास्तव पर एक किशोरी ने सोमवार को यह आरोप लगाया था कि उन्होंने टेलीफोन पर नौकरी और शादी का झासा देकर लखनऊ बुलाया और फिर उसका यौन शोषण किया। इस आरोप को अधिकारी शुरू में गंभीरता से नहीं ले रहे थे, लेकिन बाद में किसी भी तरह पीड़ित के न मानने पर पुलिस अधीक्षक हीरालाल के निर्देश से महिला थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी सीओ विपुल कुमार का तबादला लखनऊ सीबीसीआईडी के लिए कर दिया गया, साथ ही एसओ मुसाफिरखाना मनोज तिवारी और एक सिपाही अरुण तिवारी को पीड़िता को धमकाने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया था।

प्रकरण की जांच एएसपी मुन्नालाल को सौंप दी गई, लेकिन अभी तक पीड़िता के बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज नहीं कराये गये हैं, जबकि वह आज भी घटनास्थल की तस्दीक कराने के लिए लखनऊ के आलमबाग तक आई थी है, जिससे साफ़ है कि पुलिस आरोपी सीओ के प्रति नरमी बरत रही है।

उधर आरोपी सीओ खुद को निर्दोष बता रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्हें साजिशन फंसाया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि उन्हें फंसाने में कुछ विभागीय अधिकारी भी महिला का साथ दे रहे हैं।

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