मुख्यमंत्री ने मैत्रेय परियोजना का शिलान्यास किया

कुशीनगर में महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली में मैत्रेय परियोजना का आज शिलान्यास करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
कुशीनगर में महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली में मैत्रेय परियोजना का आज शिलान्यास करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कुशीनगर में महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली में मैत्रेय परियोजना का आज शिलान्यास करते हुए कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की समाजवादी सरकार विकास के मामले में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं करती। केन्द्र सरकार सहित जिस किसी ने भी प्रदेश में कोई परियोजना लगाने का आग्रह किया, उसे राज्य सरकार द्वारा जमीन सहित हर सम्भव मदद उपलब्ध कराई गई।
श्री यादव ने जनपद रायबरेली में स्थापित होने वाले एम्स की चर्चा करते हुए कहा कि पिछली राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए केन्द्र सरकार को पांच वर्ष परेशान किया, जबकि वर्तमान राज्य सरकार ने परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध करा दी। इस प्रकार जनपद अमेठी एवं अन्य केन्द्रीय मंत्रियों से सम्बन्धित जनपदों में उनके द्वारा स्थापित की जाने वाली परियोजनाओं के लिए भी राज्य सरकार ने भूमि उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि जहां प्रदेश सरकार अपने कार्यक्रमों एवं योजनाओं के माध्यम से राज्य में खुशहाली लाने का प्रयास कर रही है, वहीं केन्द्र सरकार सहित अन्य संस्थाओं द्वारा लाई जा रही परियोजनाओं के लिए मदद भी उपलब्ध करा रही है। वर्तमान सरकार द्वारा कार्यभार ग्र्रहण किए जाने के बाद से लगातार प्रयास किया जा रहा है कि प्रदेश की बेहतरी के लिए जो भी परियोजनाएं आ रहीं हैं, उन्हें पूरा सहयोग प्रदान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने मैत्रेय परियोजना की चर्चा करते हुए कहा कि इस परियोजना को लेकर परियोजना के ट्रस्ट के पदाधिकारीगण पूर्व राज्य सरकार के असहयोग के कारण काफी नाराज थे और इस परियोजना को बंद करने का पत्र भी दे चुके थे। वर्तमान सरकार ने सत्ता में आते ही इस परियोजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया, जिसके परिणामस्वरूप आज यह शिलान्यास कार्यक्रम सम्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि हमारे यहां अनेक भाषा, धर्म व जातियां हैं। इसके बावजूद हम मिल-जुलकर रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से जहां स्थानीय लोगों को शिक्षा एवं चिकित्सा की सुविधा मिलेगी, वहीं सामाजिक भाईचारा भी बढ़ेगा।
श्री यादव ने मैत्रेय परियोजना से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि इस परियोजना पर जल्द ही कार्य शुरु हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना को पूरा कराने में सहयोग देगी और किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। राज्य में पर्यटन की अपार सम्भावनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राम, कृष्ण और बुद्ध की धरती है। दुनिया के तमाम देशों से पर्यटक यहां आते हैं। आगरा स्थित ताजमहल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रेम की ऐसी बेमिसाल इमारत दुनिया में और कहीं नहीं है।
मुख्यमंत्री ने मैत्रेय परियोजना को आर्थिक एवं सामाजिक समानता के लिए जरूरी परियोजना बताते हुए उन किसानों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि हमने शुरू से फैसला किया था कि किसानों को बिना नाराज किए, उन्हें जमीन का कीमत देकर परियोजना को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने जिलाधिकारी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने किसानों को समझा-बुझाकर परियोजना के लिए जमीन देने हेतु तैयार किया।
श्री यादव ने कहा कि समाजवादी कथनी एवं करनी में भेद नहीं रखते। राज्य सरकार ऐसी अनेक योजनाओं का संचालन कर रही है, जिसका सीधा लाभ प्रदेश के किसानों, गरीबों एवं आम जनता को मिल रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इनके माध्यम से प्रदेश सरकार जनता का पैसा जनता को लौटा रही है।
होमगार्ड्स मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी ने इस अवसर पर कहा कि इस परियोजना पर सन् 2000 से चर्चा चल रही है, लेकिन मुख्यमंत्री के प्रयासों के फलस्वरूप आज इसका शिलान्यास संभव हो सका। पर्यटन मंत्री ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि जब समाजवादी पार्टी सत्ता में आई थी, तो प्रदेश की स्थितियां नाजुक थीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व के फलस्वरूप लगातार प्रयास करने के कारण आज उत्तर प्रदेश पुनः प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुणा कुमारी कोरी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों के फलस्वरूप यह महत्वाकांक्षी परियोजना उत्तर प्रदेश में मूर्त रूप लेने जा रही है। मैत्रेय परियोजना से यहां देश-विदेश के पर्यटकों एवं बौद्ध धर्म के अनुयायियों का आवागमन बढ़ेगा, जिससे क्षेत्र तथा लोगों का आर्थिक विकास होगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए 202 एकड़ भूमि जिलाधिकारी को प्राप्त हो चुकी है। इस परियोजना पर लगभग 400 करोड़ रुपए व्यय होंगे। उन्होंने कहा कि किसानों से अधिग्रहीत की गई भूमि के सापेक्ष लगभग 64 करोड़ रुपए किसानों को उपलब्ध करा दिए गए हैं। इस मौके पर बौद्ध धर्मगुरु रिनपोछे लामा जोपा ने परियोजना को मदद देने तथा आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और विशेष रूप से मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को निःशुल्क चिकित्सा एवं शिक्षा की व्यवस्था होगी। विधायक राधेश्याम सिंह, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रामअवध यादव तथा मैत्रेय परियोजना की गवर्निंग बाडी एवं ट्रस्ट के सदस्य संजीव चौधरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर कारागार मंत्री राजेन्द्र चौधरी, बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री वसीम अहमद, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रामआसरे विश्वकर्मा सहित अनेक विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारम्भ में मुख्यमंत्री ने मैत्रेय बुद्ध की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री ने डाक विभाग के स्पेशल कवर का लोकार्पण एवं अनावरण भी किया। ज्ञातव्य है कि मैत्रेय परियोजना का वित्त पोषण एफ0पी0एम0टी0 (फाउण्डेशन फार प्रिजर्वेशन आफ महायान ट्रेडिशन) कर रही है।

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