मिड्डे मील खाकर बीमार हुए सभी बच्चे खतरे से बाहर

  • 18 बच्चे दातागंज सीएचसी में भर्ती, हालत में सुधार
  • डीएम ने मौका मुआयना कर दिए मजिस्ट्रेरियल जांच के आदेश
  • खाद्यान की सैंपलिंग कराकर डीएम ने जांच हेतु भिजवाया लैब

दातागंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती बच्चे
दातागंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती बच्चे

बदायूं जिले की तहसील दातागंज के ग्राम अगोड़ी के प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं की मिड्डे मील खाने से 18 स्कूली बच्चों को अचानक उल्टी और दस्त शुरू होने से स्वास्थ्य बिगड़ गया। 75 बच्चों में 18 को तुरन्त दातागंज स्थित सीएचसी में भर्ती कराकर उपचार शुरू करा दिया। अब सभी भर्ती बच्चे खतरे से बाहर बताये जा रहे हैं।

दातागंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर लगी भीड़
दातागंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर लगी भीड़

बच्चों की हालत खराब होने की सूचना मिलते ही समूचे प्रशासन में हडकंप मच गया। जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने तुरन्त घटना स्थल का मुआयना किया और सीएचसी पहुँच कर बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी हासिल की। जिलाधिकारी ने बच्चों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए सभी बच्चों को अगल-अलग बैड देने के साथ ही जनरेटर की व्यवस्था कराने हेतु मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने चिकित्सालय में भर्ती स्कूली बच्चों से जानकारी लेने के साथ ही चिकित्सालय में भर्ती शिक्षा मित्र प्रभाकर से भी जानकारी हासिल की। जिलाधिकारी ने उसके बाद ग्राम अगोड़ी के प्राथमिक विद्यालय पंहुचकर, वहां की भी स्थिति का जायजा लेने के साथ ही प्रधानाध्यापिका सावित्री देवी, दूसरी शिक्षा मित्र रीना देवी, रसोईया रामादेवी,चम्पा तथा रामश्री से भी वार्ता कर स्थिति की जानकारी हासिल की। जिलाधिकारी ने पका और कच्चे पूरे खाद्यान की सैम्पलिंग कराकर जांच हेतु लैब भिजवाने के निर्देश देते हुए किचिन को भी सील करा दिया है। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान अभिषेक से भी वार्ता करने के बाद घटना की मजिस्ट्रेटी जांच हेतु अपर जिलाधिकारी प्रशासन मनोज कुमार की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम गठित की है। जांच टीम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर के शर्मा, उप जिलाधिकारी दातागंज वैभव मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कृपा शंकर वर्मा को सदस्य बनाया गया है। ज्ञातव्य हो कि विद्यालय में कुल 102 बच्चों में से उपस्थित 75 छात्र-छात्राओं ने मिड्डे मील के रूप में बनी खीर को खाया, जिसमें 18 बच्चों की अचानक हालत बिगड़ने लगी, जिसमें एक शिक्षा मि़त्र भी शामिल है। जिलाधिकारी को स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पेट में कीड़ों को मारने की गोलियां उपलब्ध कराई गई थीं। खीर खिलाने से पूर्व बच्चों को गोलियां खिलाई गईं थीं। जिलाधिकारी ने गोलियों और उनके रैपर्स की भी सैंम्पलिंग कराकर जांच को भिजवाया है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने खीर खाने वाले अन्य बच्चों के स्वास्थ्य के सम्बन्ध में जानकारी एकत्र करने हेतु बडीओ और लेखपालों को घर-घर जाने के निर्देश दिए हैं।

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