मनमानी कर रहे माफिया और कार्रवाई होगी छुटभैयों पर

उत्तर प्रदेश में खुलेआम ओवर रेट बिक रही है शराब

उत्तर प्रदेश में सरकारी दुकानों पर शराब खुलेआम ओवर रेट बिक रही है, पर विभागीय अफसरों के साथ यह सब वरिष्ठ प्रशासनिक अफसरों को भी नज़र नहीं आ रहा, ऐसे में मुख्य सचिव की बैठक और चेतावनी जारी करना हास्यास्पद ही नज़र आ रहा है।

मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने आज शास्त्री भवन में आयोजित बैठक में चेतावनी दी कि अगर शराब के अवैध निर्माण, बिक्री व तस्करी की जानकारी मिली, तो संबंधित जिलों के अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने संदिग्ध लोगों को चिह्नित कर एक सप्ताह के अंदर सूची उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए। पश्चिमी यूपी पर विशेष ध्यान दिया गया। सहारनपुर, मेरठ व आगरा के मंडलायुक्तों सहित संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान विशेष रूप से बुलाए गए थे। मुख्य सचिव ने कहा कि अवैध शराब का निर्माण और तस्करी करने वाले गिरोहों के सरगनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के साथ संदिग्ध लोगों के मोबाइल फोन को सर्विलास में रखकर गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। बैठक में प्रमुख सचिव आबकारी जेपी शर्मा, अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अरुण कुमार, आबकारी आयुक्त महेश कुमार गुप्ता प्रमुख रूप से मौजूद थे।

प्रमुख सचिव की चेतावनी के बाद सवाल उठ रहा है कि प्रदेश में शराब माफिया खुलेआम मनमानी कर रहे हैं। सरकारी ठेकों पर शराब खुलेआम ओवर रेट बिक रही है। सरकारी दुकानों पर चौबीस घंटे शराब बिकती है और राष्ट्रीय पर्वों पर दुकानें बंद नहीं होतीं। माफिया के गुर्गे सरकारी तंत्र की तरह खुलेआम काम कर रहे हैं। किसी को भी उठा कर जेल भिजवा देते हैं, पर प्रशासनिक अफसरों को यह सब नहीं दिख रहा। कुछ स्थानों पर गरीब तबके के लोग भट्टी बना कर शराब बनाने का धंधा करते हैं, उनको लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है, जिससे आम आदमी सवाल उठाएगा ही।

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