महोत्सव में मुनव्वर राना का पुरस्कार कुंवर जावेद को दिया

बदायूं क्लब के सामने अनशनकारियों से बात करते समय मनमानी न होने देने का दो दिन पूर्व आश्वासन देते सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सिटी।
बदायूं क्लब के सामने अनशनकारियों से बात करते समय मनमानी न होने देने का दो दिन पूर्व आश्वासन देते सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सिटी।

बदायूं महोत्सव में किसी भी तरह की मनमानी रोकने को लेकर किये गये प्रशासनिक दावे और वादे पूरी तरह ध्वस्त हो गये हैं। मुनव्वर राना को दिए जाने वाला शकील-फानी अवार्ड कोटा से आये शायर कुंवर जावेद को दे दिया गया है, जिससे साहित्य जगत के तमाम लोग नाराज हैं।

उल्लेखनीय है कि बदायूं महोत्सव आयोजन से पूर्व ही पुरस्कारों का चयन कर लिया गया था और निमन्त्रण पत्र पर ही महोत्सव में पुरस्कृत होने वाले साहित्यकारों के नाम दिए गये थे, जिनमें शकील-फानी पुरस्कार मशहूर शायर मुनव्वर राना को दिया जाना था, लेकिन यह पुरस्कार कुंवर जावेद को दे दिया गया है, जिससे साहित्य जगत की तमाम बड़ी हस्तियाँ नाराज हैं। महोत्सव में इस तरह की मनमानी तब हो रही है, जब अनशन पर बैठे लोगों को दो दिन पूर्व ही सिटी मजिस्ट्रेट यह आश्वासन दे चुके हैं कि किसी तरह की मनमानी नहीं होने दी जायेगी, लेकिन मनमानी नहीं रुक पा रही है, जिससे अब यह स्पष्ट हो गया है कि क्लब के अध्यक्ष और डीएम चन्द्रप्रकाश त्रिपाठी का आयोजकों को संरक्षण मिला हुआ है।

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