महिला को मृत दर्शाकर सम्पत्ति हड़पने का प्रयास

– डीएम-सीडीओ एवं एडीएम (ई) ने किया तहसील और ब्लाक का निरीक्षण

दातागंज तहसील में निरीक्षण करते डीएम-सीडीओ और एडीएम (ई)
दातागंज तहसील में निरीक्षण करते डीएम-सीडीओ और एडीएम (ई)

बदायूं जिले में दातागंज के तहसील भवन में  वर्षों से रंगाई-पुताई न होने एवं जगह-जगह प्लास्टर टूटने के बाद भी मरम्मत न कराने और मकड़ी के जालों की भरमार पाए जाने पर जिलाधिकारी सीपी त्रिपाठी ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए राजस्व वसूली में रूचि न लेने पर तहसीलदार को एक हफ्ते की मौहलत देकर चेतावनी देने के साथ एसडीएम को भी सख्त हिदायत दी कि कार्यों में दिलचस्पी लें, अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहें।
श्री त्रिपाठी ने आज सीडीओ जयन्त कुमार दीक्षित तथा अपर जिलाधिकारी प्रशासन मनोज कुमार के साथ तहसील दातागंज और ब्लाक समरेर का मौका मुआयना किया। जिलाधिकारी ने तहसील पहुँच कर तहसील में व्याप्त गन्दगी पाए जाने पर नाराज़गी जाहिर की और उसी परिसर में बने उप कोषागार को देख कर उप जिलाधिकारी और तहसीलदार को निर्देश दिए कि इसी कक्ष से सीख लेकर तहसील भवन को साफ सुन्दर बनाया जाए। जिलाधिकारी ने नव निर्मित तहसील भवन के नक्शे को देखते ही उसपर पानी फेर दिया और निर्देश दिए कि कार्यदायी संस्था द्वारा बनाए गए नक्शे के हिसाब से निर्माण न कराकर अपनी जरूरत के अनुसार तहसील भवन का निर्माण कराया जाए। जिलाधिकारी ने जब तहसीलदार के न्यायालय का मुआयना किया तो एडीएम ई मनोज कुमार ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि इस कोर्ट में यासमीन नामक जीवित महिला को मृत दर्शा कर उसकी सम्पत्ति हड़पने के लिए मुकद्दमा चल रहा है, जिस पर जिलाधिकारी ने तुरन्त सम्बंधित पत्रावली को तलब कर अपने पास सुरक्षित रख ली है। इसी प्रकार जिलाधिकारी ने जब उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय का मुआयना किया. तो वहां भी फौजदारी का एक वाद मृतक के नाम पर लम्बे अर्से से विचाराधीन है। इसको देखते ही जिलाधिकारी के तेवर चढ़ गए, उन्होंने कहा कि मृत्यु के पश्चात मृतक के नाम मुकद्दमा चलने का तो कोई प्रश्न ही नहीं उठता, उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए कि कोर्ट कार्यों में दिलचस्पी लेकर कार्य करें और विचाराधीन वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करें।
जिलाधिकारी ने ठियाबन्दी के लंबित वादों को भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए है। जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली की स्थिति का जायजा लेते हुए पाया कि जिन बड़े दस बकायादारों से वसूलयाबी होना है, ऐसे बकायादारों ने बन्धक ट्रेक्टर्स को बेच दिया और उनके खिलाफ एसडीएम और तहसीलदार द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई है। इस पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार को एक सप्ताह की मौहलत देते हुए निर्देश दिए है कि सुधार न होने की स्थिति में उन्हें प्रतिकूल पृविष्ट भी दी जा सकती है। जिलाधिकारी ने नायब तहसीलदार के प्रति भी कड़ी नाराजगी जताते हुए वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
इसके बाद जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण ब्लाक समरेर पहुंचे और सर्व प्रथम जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन तथा उप जिलाधिकारी ने ब्लाक परिसर में वृक्षा रोपण किया। ब्लाक मुआयने पर जिलाधिकारी ने ब्लाक में साफ-सफाई को देख प्रसन्नता व्यक्त की और मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निरीक्षण करते हुए पाया कि समूह गठन में 16 समूहों के गठन के लक्ष्य के सापेक्ष 21 का गठन किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने बीडीओ को निर्देश दिए कि इसी प्रकार दूसरे ब्लाकों के बीडीओ को प्रेरित करें। ब्लाक में जिलाधिकारी ने शासकीय नलकूपों एवं हैण्ड पम्पों की स्थिति, निःशुल्क बोरिंग योजना, खाद-बीज की उपलब्धता आदि की गहन समीक्षा की। इसके अलावा जिलाधिकारी ने तहसील तथा ब्लाक में जनता की समस्याओं को भी सुना। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, इंचार्ज बीडीओ आरपी सिंह, तहसीलदार सुभाष चन्द यादव और नायब तहसीलदार सतीश चन्द्र मौजूद रहे।

Leave a Reply