मंत्री पद लौटने के बावजूद राजा भैया की हनक गायब

रघुराज प्रताप सिंह "राजा भैया"
रघुराज प्रताप सिंह “राजा भैया”

 

 

 

किसी के हृदय में बसने के लिए प्रेम के अलावा कोई और रास्ता नहीं है और कोई अगर, एक बार किसी के मन से उतर जाये, तो प्रेम की उसी अवस्था को प्राप्त करना और भी मुश्किल हो जाता है। यह बात आज कल रघुराज प्रताप सिंह “राजा भैया” को लेकर राजधानी लखनऊ में आम होती जा रही है।

सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और उनके पूरे परिवार के बेहद नजदीक कहे जाने वाले राजा भैया को लेकर तरह-तरह की चर्चायें आम होती जा रही हैं। राजनीति के गलियारों से बाहर आ चुकी चर्चाओं के चलते लोग आम तौर पर लोग यह सवाल करने लगे हैं कि उनकी हनक मंत्री बनने के बावजूद वापस क्यूं नहीं लौटी?

अफवाहों के रूप में सवाल और भी उठाये जा रहे हैं। सवालों के उठने का आधार भी है, क्योंकि राजा भैया को मंत्री पद और खाद्य एवं रसद विभाग तो पुनः मिल गया, लेकिन कमरा नंबर- 65 आज तक उन्हें नहीं मिला है। प्रतापगढ़ के सीओ हत्या कांड के समय राजा भैया का मंत्री पद चला गया था और उनकी जगह राजेन्द्र चौधरी को मंत्री बना दिया गया था, तब से यह कमरा राजेन्द्र चौधरी के ही हवाले है और राजा भैया अपने कालीदास वाले मार्ग पर ही बैठ रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि राजा भैया को मुख्यमंत्री ने दबाव में मंत्री तो पुनः बना लिया, लेकिन व्यवहारिक तौर पर वह राजा भैया को बहुत पसंद नहीं करते हैं, इसलिए राजा भैया की हनक सत्ता के गलियारों से गायब है।

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