भारत की संस्कृति और सभ्यता में एकता की भावना रही है

  • सभी धर्म प्रेम, एकता, समानता और शान्ति का सन्देश देते हैं: मुख्यमंत्री
 
 
  • मुख्यमंत्री ने तहसील शिकोहाबाद से स्टेशन तक सड़क का नाम भरतेश मार्ग रखे जाने की घोषणा की
 जनपद फिरोजाबाद के भरतेशपुरम में 31 फीट के लाल पत्थर के स्तम्भ के ऊपर 31 फीट उत्तुंग ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित विश्व की प्रथम भरतेश भगवान की प्रतिमा और उसका अनावरण करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
जनपद फिरोजाबाद के भरतेशपुरम में 31 फीट के लाल पत्थर के स्तम्भ के ऊपर 31 फीट उत्तुंग ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित विश्व की प्रथम भरतेश भगवान की प्रतिमा और उसका अनावरण करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विश्व में शान्ति और सद्भाव कायम किए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा है कि सभी धर्म प्रेम, एकता, समानता और शान्ति का सन्देश देते हैं। उन्होंने कहा कि सभी धर्म महान हैं। लोकतंत्र के आधार मूल्यों, वैज्ञानिक अवधारणाओं तथा अहिंसा को जैन धर्म में समाहित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और सभ्यता में एकता की भावना रही है।
मुख्यमंत्री आज शिकोहाबाद, जनपद फिरोजाबाद के भरतेशपुरम में 31 फीट के लाल पत्थर के स्तम्भ के ऊपर 31 फीट उत्तुंग ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित विश्व की प्रथम भरतेश भगवान की प्रतिमा का अनावरण और श्री मज्जिनेन्द्र श्री 1008 आदिनाथ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के उदघाटन अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर तहसील शिकोहाबाद से स्टेशन तक सड़क का नाम भरतेश मार्ग रखे जाने की घोषणा की। उन्होंने पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में पूरा सहयोग दिए जाने के लिए आश्वस्त करते हुए पालीवाल कॉलेज की सहायता के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शीघ्र ही समाजवादी पेंशन योजना लागू करने जा रही है, जिससे 40 लाख लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों की समस्याओं का शीघ्र ही समाधान किया जाएगा।
सांसद प्रो0 रामगोपाल यादव ने कहा कि जैन धर्म का मूल ही अहिंसा है। दुनिया में शान्ति की जरूरत है। शिकोहाबाद में भरतेश भगवान की प्रतिमा की स्थापना की गई है। उन्होंने इस महोत्सव में आए सभी लोगों का आभार प्रकट किया तथा धन्यवाद दिया। इस अवसर पर विधायक हरिओम यादव, ओम प्रकाश वर्मा, अक्षय यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कार्यक्रम के आयोजकगण, अधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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