बहशी दरिन्दे को सुनाई फांसी की सज़ा

– कोर्ट संख्या-6 ने नौ महीने में फैसला सुना कर पेश की नज़ीर

– 4 अप्रैल 2012 को क़स्बा उझानी में घटित हुई थी जघन्य वारदात 

– इससे पहले दो अन्य मुकदमों में कोर्ट सुना चुकी है फांसी की सज़ा   

बहशी दरिन्दे को सुनाई फांसी की सज़ा
बहशी दरिन्दे को सुनाई फांसी की सज़ा

दिल्ली में हुये दुष्कर्म की जघन्य वारदात के बाद न्यायिक व्यवस्था को लेकर भी देश में बहस छिड़ी हुई है। न्यायिक प्रक्रिया को चुस्त-दुरस्त करने के साथ अधिक से अधिक फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की सलाह दी जा रही है। केंद्र सरकार भी राज्य सरकारों से फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने को कह चुकी है, ऐसे में बदायूं के अपर जिला जज एसएन त्रिपाठी ने बलात्कार और हत्या के एक मुकदमे में नौ महीने में फैसला सुना कर देश भर की अदालतों के लिए नज़ीर पेश की है। दोष सिद्ध होने पर आज अदालत ने आरोपी को फांसी देने की सज़ा का हुक्म सुनाया, तो लोग दंग रह गये। श्री त्रिपाठी इससे पहले ऑनर किलिंग और दुष्कर्म के बाद हत्या के दो अन्य मामलों में कुल सात लोगों को फांसी की सज़ा सुना चुके हैं।

बदायूं जनपद के कस्बा उझानी में गद्दी टोला निवासी बारह वर्षीय एक लड़की को किसी बहशी ने बलात्कार के बाद मौत के घाट उतार दिया था। 4 अप्रैल 2012 को मृतका के पिता ने मोहल्ले के ही अफसर नाम के युवक के विरुद्ध उझानी कोतवाली में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसकी विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। मुकदमे में कुल पांच गवाह बनाये गये, इसी मुकदमे की सुनवाई कोर्ट संख्या-6 में चल रही थी। सुनवाई और बहस के बाद आज अपर जिला जज एसएन त्रिपाठी ने आरोपी को फांसी की सज़ा सुनाई।

अदालत में हुआ आज का यह आदेश विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है। अधिकाँश लोग कहते सुने जा रहे हैं कि काम करने वाला व्यक्ति हर स्थिति में खरा उतरता है और अपर जिला जज एसएन त्रिपाठी इसकी एक मिसाल हैं।

 

 

 

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