‘बच्चों की पिटाई है ज़रूरी, मैं भी पिटता था’ – मंत्री राम गोविंद चौधरी

उत्तर प्रदेश के एक मंत्री राम गोविंद चौधरी ने बयान दिया है कि, यदि बच्चों की स्कूल में पिटाई न की जाए तो उनका मन पढ़ाई में  नहीं लग सकता। बच्चों की पिटाई होना जरूरी है, नहीं तो वे बिगड़ जाते हैं। जब मैं छोटा था तो मेरे शिक्षक भी मुझे बहुत पीटते थे। मंत्री जी, सभी बच्चे आप की तरह लातों के भूत नहीं होते। इस प्रताड़ना से बच्चों में स्कूल के प्रति स्थायी डर बैठ जाता है। इस डर के साथ बच्चे पाठ्यक्रम भी नहीं पढ़ सकते, व्यक्तित्व का समुचित विकास होना तो असंभव ही है। आज बच्चों से जुड़ी सभी संस्थाएं मानती हैं कि बच्चों को प्यार से समझकर पढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। ऐसा न करने पर वे जिद्दी हो जाते हैं। मंत्री जी को शायद ये भी भान नहीं कि उनके द्वारा पिटाई की सलाह शिक्षक को जेल की हवा खिला सकती है। अभिभावक की एक शिकायत पर स्कूल प्रशासन के हाथ-पैर फूल जाते हैं। इस संबंध में कड़े नियम है। कुछ दिन ही बीते थे कि एक छात्रा को उसका पेशाब पिलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया था और अब मंत्री जी का बयान आ गया। बवाल तो होना ही था, सो हुआ भी। ऐसे शुभचिंतकों से भगवान बच्चों की रक्षा करें।

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