बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों की सजा कम की

राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने नया रिकॉर्ड बनाते हुए एक साथ 35 लोगों की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया है। उन्होंने पांच जघन्य अपराधियों की दया याचिका खारिज कर दीं। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारे भी शामिल हैं। पाटिल ने 19 मामलों से जुड़े 35 लोगों की मौत की सजा कम कर दी है। दया याचिका मंजूरी वाले अपराधियों में अधिकांश नरसंहार, अपहरण, दुष्कर्म और बच्चों की हत्या के दोषी रहे हैं। राष्ट्रपति ने 2 जून को बीबी तिडक़े, बुंटू, लालचंद उर्फ ललिया और शिव लाल की सजा भी कम की थी। बगलकोट के सदाशिव अप्पना मठ के स्वामी तिडक़े ने 16 वर्षीय स्कूली छात्रा का अपहरण के बाद दुष्कर्म और हत्या की थी। बुंटू ने पांच वर्षीय बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी थी। राष्ट्रपति ने 9 फरवरी को नौ वर्षीय किशोर की बलि देने के मामले में झारखंड के सुशील मुरमू की दया याचिका स्वीकार की थी। राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मियों के बीच वर्तमान राष्ट्रपति द्वारा लिये गये यह निर्णय देश भर में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

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