प्रदेश में दुग्ध विकास की असीम सम्भावनाएं: मुख्यमंत्री

 
 
  • मुख्यमंत्री ने 390 करोड़ रु0 लागत की दो दुग्ध प्रसंस्करण परियोजनाओं का शिलान्यास किया
 
 
  • समाजवादी सरकार की सोच किसानों को खुशहाल एवं समृद्ध बनाने की है 
जनपद कानपुर देहात के जैनपुर माती औद्योगिक क्षेत्र में कुल 390 करोड़ रुपए लागत की 10 लाख लीटर दुग्ध प्रतिदिन प्रसंस्करण क्षमता वाली बनासकांठा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादन संघ लि0 (अमूल) की दो दुग्ध परियोजनाओं का शिलान्यास करने के अवसर पर लोगों को संबोधित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
जनपद कानपुर देहात के जैनपुर माती औद्योगिक क्षेत्र में कुल 390 करोड़ रुपए लागत की 10 लाख लीटर दुग्ध प्रतिदिन प्रसंस्करण क्षमता वाली बनासकांठा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादन संघ लि0 (अमूल) की दो दुग्ध परियोजनाओं का शिलान्यास करने के अवसर पर लोगों को संबोधित करते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज जनपद कानपुर देहात के जैनपुर माती औद्योगिक क्षेत्र में कुल 390 करोड़ रुपए लागत की 10 लाख लीटर दुग्ध प्रतिदिन प्रसंस्करण क्षमता वाली बनासकांठा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादन संघ लि0 (अमूल) की दो दुग्ध परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसमें से 210 करोड़ रुपए की लागत की 05 लाख लीटर दुग्ध प्रतिदिन प्रसंस्करण क्षमता की एक परियोजना लखनऊ जनपद के चकगंजरिया तथा 180 करोड़ रुपए की लागत की 05 लाख लीटर दुग्ध प्रतिदिन प्रसंस्करण क्षमता की दूसरी परियोजना जनपद कानपुर देहात के औद्योगिक क्षेत्र जैनपुर माती में स्थापित की जाएगी।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में दुग्ध विकास की असीम सम्भावनाएं हैं। दुग्ध प्रसंस्करण एवं व्यवसाय के क्षेत्र में अमूल की अपनी पहचान देश में ही नहीं विदेशों में भी है। प्रदेश दूध उत्पादन में ही सबसे आगे नहीं है, बल्कि पशुधन संख्या में भी सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि अमूल के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिसका लाभ दुग्ध उत्पादक किसानों एवं जनता दोनों को मिलेगा। सरकार किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अन्य व्यवसायों की भांति दूध के कारोबार को भी आगे बढ़ा रही है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित कामधेनु डेयरी योजना से किसानों को लाभ मिल रहा है।
श्री यादव ने कहा कि जनता के कल्याण के लिए प्रदेश में जैसी योजनाएं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही है, वैसी योजनाएं देश के किसी अन्य प्रदेश में संचालित नहीं हो पा रहीं। प्रदेश सरकार बेरोजगारी भत्ता, कन्या विद्याधन, हमारी बेटी उसका कल, निःशुल्क लैपटॉप वितरण, कौशल विकास मिशन, कामधेनु डेयरी योजना, समाजवादी पेंशन योजना जैसी लाभपरक योजनाएं चलाकर जनता का पैसा, जनता को लौटाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 1 लाख 70 हजार शिक्षा मित्रों को समायोजित करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी सरकार की सोच किसानों को खुशहाल एवं समृद्ध बनाने की है। शहरों की तरह गांवों को भी बिजली मिलेगी, तभी प्रदेश तरक्की के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि शहरों को 20 से 24 घण्टे और गांवों 16 से 18 घण्टे बिजली मिले, सरकार इसके लिए व्यवस्था कर रही है। उन्होने कहा कि इलाहाबाद, ललितपुर में 660 मेगावाट की 3 यूनिट स्थापित की जा रही हैं। इस अवसर पर प्रदेश के वस्त्र एवं रेशम उद्योग मंत्री शिव कुमार बेरिया, सांसद डिम्पल यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
कार्यक्रम में अमूल (गुजरात) के प्रबन्ध निदेशक आर0एस0 सोंधी, बनास डेयरी के प्रबन्ध निदेशक संजय करमचन्दानी तथा उप प्रबन्ध निदेशक जोराभाई देसाई के अतिरिक्त उनके साथ आए आठ काश्तकार भी मौजूद थे।

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