पुलिस की मेहनत के बावजूद अपराधी बेखौफ

जनपद बदायूं में आपराधिक वारदातों की बाढ़ सी आ गयी है। हत्याओं पर भी अंकुश नहीं लग पा रहा है, जिससे समाजमें भय का वातावरण बढ़ता जा रहा है। शहर में अधिकांश परिवार पूरे दिन घर का दरवाजा लॉक कर रहने लगे हैं। जनपद मुख्यालय से दूर बसे ग्रामीण क्षेत्रों की तो बात ही छोडिय़े, शहर के हालात लगातार बद्तर होते जा रहे हैं। चोरों की दहशत बढ़ती जा रही है। शाम होते ही लोग कांपने लगते हैं। दहशत के चलते महिलायें दिन में ही दरवाजा लॉक रखने लगी हैं। बच्चों का घर से निकलना बंद कर दिया है, वहीं हत्याओं का ग्राफ भी नीचे नहीं आ पा रहा है। जनपद के किसी न किसी कोने में शाम तक गोली मारने की खबर भी आ ही जाती है, जिस पर पुलिस को अंकुश लगाना ही होगा, वरना अपराधियों के हौसले बढ़ते ही जायेंगे। इससे भी बड़ी चिंता का विषय यह है कि गंगा किनारे बदमाश विहीन कटरी क्षेत्र में बदमाशों की गतिविधियां बढऩे लगी हैं, इसी तरह बिसौली सर्किल में रामपुर और मुरादाबाद जनपद से सटी सीमा पर भी बदमाशों की आवाजाही बढ़ गयी है। रात को जंगल में बदमाशों के चूल्हे धधकते दिखाई देने लगे हैं, जिससे दहशत के चलते ग्रामीणों का हाल खराब है। पुलिस को अभी योजना बना कर इन गतिविधियों को रोकना होगा, वरना आने वाले समय में यही बदमाश बड़ी घटनाओं को अंजाम देने लगेंगे।

दहेज हत्याओं का भी ग्राफ बढ़ा

जनपद बदायूं में दहेज हत्याओं का ग्राफ नीचे आने का नाम ही नहीं ले रहा है। यह एक ऐसा अपराध है, जो कानून के भय से नहीं रोका जा सकता। सामाजिक सोच में परिवर्तन लाना होगा, इसके लिए पुलिस को सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों का सहारा लेना चाहिए। थानाध्यक्ष गांव में सभ्रांत लोगों की मदद से गोष्ठियां आयोजित करा कर लोगों को जागरुक करने की दिशा में काम कर सकते हैं, पर अपराधिक वारदातों से तंग पुलिस को ऐसे सामाजिक कार्यों के लिए समय ही नहीं मिलता।

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