पारदर्शिता से कार्य कर रही है सरकार: मुख्यमंत्री

– वर्ष 2013-14 के 203 बिन्दुओं के विकास के एजेण्डा में विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम शामिल 
– राज्य सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप ही इस वर्ष राजकीय मेडिकल कालेजों में 500 सीटें बढ़ी हैं
– 500 से अधिक आबादी की 6221 बसावटों को पक्के सम्पर्क मार्गों से जोड़ने का फैसला
– लखनऊ में मेट्रो रेल संचालित करने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है
– सरकार ने किसानों के ऋण माफ करने के लिए लगभग 1650 करोड़ रु. उपलब्ध कराए
– 201 तहसीलों में 33/11 के.वी. के नये सब स्टेशनों के निर्माण की कार्रवाई की जा रही है
– निजी निवेश आकर्षित करने के लिए अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति, सूचना प्रौद्योगिकी नीति तथा मेगा लेदर क्लस्टर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कराया जा रहा है: मुख्य सचिव
प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और साथ में मौजूद वरिष्ठ अधिकारीगण
प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी देते मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और साथ में मौजूद वरिष्ठ अधिकारीगण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए पूरी गम्भीरता एवं पारदर्शिता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ठोस उपलब्धि प्राप्त करने लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2013-14 के लिए विकास का एजेण्डा निर्धारित किया है। 203 बिन्दुओं के इस एजेण्डा में विभिन्न क्षेत्रों की योजनाएं और उनके सुचारु संचालन पर फोकस शामिल है। सम्बन्धित विभागों को इन्हें समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया है और उनकी जवाबदेही भी तय कर दी गई है।
मुख्यमंत्री आज अपने सरकारी आवास पर आयोजित प्रदेश के विकास का एजेण्डा 2013-14 के संदर्भ में आयोजित पत्रकारवार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों, नौजवानों, महिलाओं, बच्चों एवं कमजोर वर्ग तथा विशेष रूप से अल्पसंख्यकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता से किए गए वायदों पर खरा उतरने के लिए तेजी से फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2012-13 में राज्य सरकार के पास बहुत कम समय उपलब्ध था, लेकिन वित्तीय वर्ष 2013-14 में राज्य सरकार के पास पर्याप्त समय है। इसलिए निर्धारित एजेण्डे को पूरा करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वर्तमान सरकार सम्भवतः पहली ऐसी सरकार है, जिसने सभी के सम्मुख पारदर्शी रूप से साल की शुरूआत में ही पूरे वर्ष के लिए किए जाने वाले कार्यों की रूपरेखा प्रस्तुत कर दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए केन्द्रीय योजना आयोग ने प्रदेश की 69,200 करोड़ रुपये की वार्षिक योजना अनुमोदित की, जिसका आकार पिछली वार्षिक योजना के सापेक्ष 11 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक है। यह अपने आप में एक रिकार्ड है।
श्री यादव ने समाजवादी स्वास्थ्य सेवा-108 का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना से अब तक 10 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं। प्रदेश के सुदूर ग्रामीण अंचलों में भी लोकप्रिय इस सेवा की सफलता को देखते हुए विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं एवं बीमार शिशुओं को निःशुल्क ड्राप बैक सेवा एवं आपातकालीन चिकित्सा उपलब्ध कराने हेतु राज्य सरकार 102 एम्बुलेंस सेवा शुरू करने जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में अच्छी एवं सुपर स्पेशियलिटी इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भी सरकार द्वारा गम्भीरता से काम किया जा रहा है। लखनऊ में पी.पी.पी. माडल पर अत्याधुनिक हास्पिटल एवं कार्डियोलाजी सेण्टर की स्थापना के लिए चकगंजरिया फार्म में 20 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है। शीघ्र ही इस संबंध में आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसी आधार पर छोटे हास्पिटल बनाने के लिए भी राज्य सरकार निजी निवेशकों को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने कहा कि इन अस्पतालों में गरीबों के इलाज के लिए निजी निवेशकर्ता को सुविधा उपलब्ध करानी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों के फलस्वरूप ही इस वर्ष राजकीय मेडिकल कालेजों में एम.बी.बी.एस. की 500 सीटें (मेडिकल कालेज कन्नौज, आजमगढ़ तथा जालौन में क्रमशः 100-100 सीटें तथा इलाहाबाद, मेरठ, गोरखपुर मेडिकल कालेज तथा उ0प्र0 ग्रामीण आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई, इटावा में 50-50 सीटें) बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि पैरामेडिकल कालेजों की भी स्थापना की जा रही है, जिससे कि प्रदेश में चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता बढ़ सके। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सुविधा में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य की बढ़ती जनसंख्या के मद्देनजर प्रदेश के मेडिकल कालेजों एवं चिकित्सा संस्थानों में स्थापित वाह्य रोगी विभाग अपर्याप्त सिद्ध हो रहे हैं, इसीलिए राज्य सरकार पी.जी.आई. लखनऊ में वाह्य रोगी विभाग बनवा रही है। इसी प्रकार बलरामपुर अस्पताल में भी काम किया गया है। उन्होंने बताया कि डा. राम मनोहर लोहिया अस्पताल एवं संस्थान को मिलाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि एक नये मेडिकल कालेज की स्थापना की राह आसान हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ में मेट्रो रेल संचालित करने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। इसके लिए जहां अलग से दफ्तर स्थापित करके अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं वित्तीय संसाधनों की व्यवस्था करने के साथ-साथ अन्य औपचारिकताओं को भी पूरा करने का काम तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नोएडा मेट्रो रेल के विस्तार के साथ-साथ गाजियाबाद में मेट्रो की स्थापना के लिए बजट की व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं से प्रदेश के बडे़ नगरीय क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। श्री यादव ने गांव एवं किसान को राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में बताते हुए कहा कि सरकार ने किसानों के ऋण माफ करने के लिए लगभग 1650 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए हैं। समय से पर्याप्त उर्वरक एवं बीज का प्रबन्ध किया गया। यह भी प्रयास किया गया कि किसानों को उनकी उपज का पूरा एवं समय से भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने गन्ना किसानों के लाभ के लिए खरीद मूल्य में बढ़ोत्तरी के साथ ही समय से भुगतान के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित उद्योग धंधों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नई कृषि नीति, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति, चीनी उद्योग को-जेनरेशन एवं आसवनी नीति, कुक्कुट विकास नीति एवं मत्स्य विकास नीति को अपने एजेण्डे में शामिल किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों और विशेष रूप से तहसील मुख्यालय की विद्युत व्यवस्था सुधारने के लिए राज्य सरकार कदम उठा चुकी है। इसी क्रम में 201 तहसीलों में 33/11 के.वी. के नये सब स्टेशनों के निर्माण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये सभी सब स्टेशन इसी वर्ष बन कर तैयार हो जाएंगे। इस पर राज्य सरकार 802 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। इसके साथ ही राजकीय क्षेत्र में विद्युत उत्पादन गृहों की स्थापना के अलावा निजी क्षेत्र में पावर प्लाण्टों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिन परियोजनाओं पर काम चल रहा है, उन्हें समय से शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अगली गर्मियों तक लगभग 1000 मेगावाट अतिरिक्त उत्पादन प्रदेश के विद्युत गृहों से होने लगेगा। इसके साथ ही वर्तमान राज्य सरकार ने प्रदेश के लिए नई सौर ऊर्जा नीति बनाई है, जिसके आधार पर 07 निजी निवेशकर्ताओं को 130 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए लेटर आफ इंटेण्ट जारी किया गया है तथा संयुक्त क्षेत्र में 100 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की आवश्यकता के अनुरूप विद्युत उपलब्धता सुनिश्चित हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों को पक्के सम्पर्क मार्गों से जोड़ने के लिए राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 500 से अधिक आबादी की बची हुई 6221 बसावटों को पक्के सम्पर्क मार्गों से जोड़ने का फैसला भी लिया गया है। इसके अलावा राज्य सरकार जिला मुख्यालयों को 4 लेन की सड़कों से जोड़ने तथा आगरा और लखनऊ के बीच में एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए वचनबद्ध है।
लखनऊ के चकगंजरिया फार्म में आई.टी. सिटी की स्थापना की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आई.टी. सिटी को केन्द्र सरकार ने स्पेशल इकोनामिक जोन की मान्यता दे दी है। उन्होंने कहा कि आई.टी. सिटी की स्थापना से प्रदेश के नौजवानों को काफी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के लिए नीतियां बनाने के साथ-साथ विभिन्न स्तरों पर सम्पर्क करने का भी प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य से बड़ी संख्या में लोग विदेशों में निवास कर रहे हैं। उन्हें प्रदेश में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इस मौके पर मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने बताया कि राज्य सरकार की योजनाओं को वित्तीय उपलब्धता के बिना पूरा करना सम्भव नहीं है। इसीलिए राज्य सरकार ने 72861 करोड़ रुपए कर संग्रह का इस वित्तीय वर्ष के लिए लक्ष्य निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष की अपेक्षा लगभग 20 फीसदी अधिक है। निःशुल्क लैपटाप वितरण योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह दुनिया की किसी एक फर्म को लैपटाप आपूर्ति करने का सबसे बड़ा कार्य आदेश है। इस वर्ष बजट में 2700 करोड़ रुपए का प्रावधान इस मद में किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की 26 महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश विभागों को दिए गए हैं। सम्बन्धित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे आवश्यकतानुसार भारत सरकार से इन मदों में अतिरिक्त धनराशि आवंटित कराएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निजी निवेश आकर्षित करने के लिए अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति, सूचना प्रौद्योगिकी नीति तथा मेगा लेदर क्लस्टर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चीनी उद्योग को-जेनरेशन एवं आसवनी नीति के अंतर्गत लगभग 1600 करोड़ रुपए से भी अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति के तहत प्राप्त 05 मेगा प्रोजेक्ट (लगभग 500 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं) के प्रस्ताव पर भी गम्भीरता से विचार चल रहा है।
मुख्य सचिव ने अपने सम्बोधन में ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कारिडोर की चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयास से केन्द्र सरकार ने इस कारिडोर के समानांतर औद्योगिक गलियारे को विकसित करने की कार्रवाई प्रारम्भ कर दी है। इस औद्योगिक गलियारे से प्रदेश का कायाकल्प हो सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012-13 के विकास का एजेण्डा में राज्य सरकार ने जनता से किए गए वादों को पूरा करने के कार्य को भी प्राथमिकता दी। इसके साथ ही, विभिन्न सेक्टरों के लिए नीतियां भी लागू की, जिनका लाभ अब प्राप्त होने लगा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में, वित्तीय वर्ष प्रारम्भ होने से ठीक पूर्व 31 मार्च, 2013 को ही वर्ष 2013-14 के विकास का एजेण्डा जारी कर दिया गया था। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन तथा सूचना सदाकांत, प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रवीर कुमार, प्रमुख सचिव वैकल्पिक ऊर्जा तथा सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रानिक्स जीवेश नन्दन, प्रमुख सचिव लोक निर्माण डा. रजनीश दुबे ने अपने विभाग से संबंधित परियोजनाओं की जानकारी दी। इस मौके पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत राज्य मंत्री विजय मिश्र, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष नवीन चन्द्र बाजपेई, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश गर्ग, सचिव कार्यक्रम क्रियान्वयन भुवनेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।