नरेंद्र मोदी का थ्री डी शो बदायूं में सुपर फ्लॉप

थ्री डी टेक्नोलॉजी के द्वारा भाषण देते नरेंद्र मोदी
थ्री डी टेक्नोलॉजी के द्वारा भाषण देते नरेंद्र मोदी

भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी का थ्री डी टेक्नोलॉजी से बदायूं में भी भाषण सुनाया गया, लेकिन यहाँ शो पूरी तरह फ्लॉप रहा। स्थानीय प्रत्याशी द्वारा शहर में जमकर प्रचार कराया गया था, जिससे सभा स्थल पर बड़ी संख्या में दोपहर में ही दुकानें सज गईं थीं, लेकिन दुकानदारों के हाथ भी मायूसी ही लगी।

नरेंद्र मोदी के थ्री डी भाषण के दौरान बदायूं के गांधी ग्राउंड में खाली नज़र आ रही कुर्सियां
नरेंद्र मोदी के थ्री डी भाषण के दौरान बदायूं के गांधी ग्राउंड में खाली नज़र आ रही कुर्सियां
बदायूं के गांधी ग्राउंड में खाली नज़र आ रही कुर्सियां
बदायूं के गांधी ग्राउंड में खाली नज़र आ रही कुर्सियां

बदायूं के गांधी ग्राउंड में नरेंद्र मोदी के थ्री डी भाषण को सुनने के लिए शहर में लाउड स्पीकर से जमकर प्रचार गया, जिससे बड़ी संख्या में भीड़ आने की संभावना जताई जा रही थी, इसी आशा में टिक्की, पकौड़े, चांट, कुल्फी, जलजीरा और ठंडा बेचने वाले छोटे-छोटे दुकानदारों ने दोपहर में ही दर्जनों दुकानें सजा लीं, लेकिन भीड़ आशा के अनुरूप नहीं आई। हालांकि सैकड़ों बड़े और बच्चे थ्री डी टेक्नोलॉजी को देखने की उत्सुकता में आये भी, पर उनमें अधिकाँश नाबालिग थे या उनमें अधिकाँश गैर भाजपाई थे, जो भाषण शुरू होते ही चले गये, क्योंकि उनका इरादा मात्र लाइव प्रसारण देखने का था, जिससे दूकानदारों के हाथ भी सिर्फ मायूसी ही लगी। कई दुकानदारों ने बताया कि वह प्रतिदिन घूम कर सामान बेच लेते थे, जिससे खर्चा निकल आता था, पर आज भीड़ की आशा में वह भी मूर्ख बन गये। भारत-पाकिस्तान मैच टीवी पर देखने के लिए तिराहे-चौराहे पर भी सैकड़ों लोग जमा हो जाते हैं, उसी मैच से तुलना की जाये, तो भीड़ बेहद कम नज़र आई, इसीलिए दुकानदार बेवकूफ बन गये। मौके पर जो भीड़ थी, उनमें भाजपा कार्यकर्ता भी थे, उन्हें अलग कर देखा जाये, तो मौके पर नरेंद्र मोदी के भाषण की दृष्टि से सुनने वाले लोगों की संख्या सम्मानजनक भी नज़र नहीं आ रही थी।

नरेंद्र मोदी के थ्री डी भाषण के दौरान बदायूं के गांधी ग्राउंड में लगी दुकानें
नरेंद्र मोदी के थ्री डी भाषण के दौरान बदायूं के गांधी ग्राउंड में लगी दुकानें

इससे पहले गांधी ग्राउंड में ही पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की जनसभा भी आयोजित की गई थी, उसमें भी भीड़ आशा के अनुरूप नहीं आई थी, जबकि स्थानीय प्रत्याशी ने गाँव-गाँव भीड़ को लाने के लिए बसों की व्यवस्था की थी, जिससे बदायूं शहर के साथ जिले भर में यह बात अब आम होती जा रही है कि नरेंद्र मोदी के नाम की लहर देश के बाकी हिस्सों की तरह यहाँ नहीं है, इसीलिए भाजपा को यहाँ लड़ाई से बाहर माना जा रहा है और यही वजह है कि यहाँ बड़े नेता भी आने से कतरा रहे हैं। बाकी आम जनता ने अपने में क्या सोच रखा है, इसका खुलासा तो 16 मई को ही होगा।

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