त्योहारों पर गत वर्षों की अपेक्षा अधिक चौकसी बरतें: मुख्य सचिव

  • अभिसूचना इकाई के अलावा राजस्व, विकास व अन्य विभागों के ग्राम, ब्लाक, तहसील व नगरस्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी अभिसूचना संकलन में सुनिश्चित की जाए
  • मण्डलीय अधिकारी अधीनस्थ जनपदों का आगामी दो-तीन दिन के भीतर दौरा कर जनपदीय अधिकारियों को शासन के निर्देशों से अवगत कराएं
  • प्रदेश में आगामी त्योहारों दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली, बकरीद एवं मोहर्रम आदि के अवसर पर सामान्य वर्षों की अपेक्षा अधिक चौकसी बरती जाए
  • साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ने पर सम्बन्धित मण्डल एवं जनपदों के वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी नियत कर सख्त कार्रवाई होगी
  • उपद्रवी तत्वों को चिन्हित कर मुचलकों पर पाबन्द कराएं
योजना भवन के सभागार में प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के सम्बन्ध में मण्डलीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते मुख्य सचिव जावेद उस्मानी
योजना भवन के सभागार में प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के सम्बन्ध में मण्डलीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते मुख्य सचिव जावेद उस्मानी
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने मण्डलायुक्तों, जोनल पुलिस महानिरीक्षकों एवं परिक्षेत्रीय पुलिस उप महानिरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में आगामी त्योहारों दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली, बकरीद एवं मोहर्रम आदि के अवसर पर सामान्य वर्षों की अपेक्षा अधिक चौकसी बरती जाए तथा हर हाल में साम्प्रदायिक सद्भाव एवं सौहार्द बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि उपद्रवी व असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उन पर कड़ी निगरानी करते हुए सख्त निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा चिन्हित व्यक्तियों को मुचलकों पर पाबन्द कराया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने मण्डल के अधीन जिलों का आगामी दो-तीन दिन के भीतर दौरा कर जनपदीय अधिकारियों के साथ बैठक कर शासन के निर्देशों से अवगत कराएं तथा उनका मार्गदर्शन करें। उन्होंने सचेत किया कि किसी भी स्थिति में प्रदेश में शान्ति व्यवस्था भंग हुई, तो सम्बन्धित मण्डल एवं जनपदों के वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी नियत कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जावेद उस्मानी आज योजना भवन के सभागार में प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के सम्बन्ध में मण्डलीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी छोटी से छोटी घटनाओं की अनदेखी न करें और ऐसे मामलों को और बिगड़ने से रोकने हेतु पहले से ही सचेत होकर आवश्यक कार्यवाही स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि चिन्हित अराजक व असामाजिक तत्वों के विरुद्ध की गई कार्यवाही की सूचना प्रमुख सचिव गृह को नियमित रूप से भेजी जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान शान्ति व्यवस्था बनाए रखने हेतु सी0सी0टी0वी0 कैमरे एवं वीडियो कैमरों का भी आवश्यकतानुसार अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि माहौल को बिगाड़ने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी जनपद में त्योहारों एवं पर्वों पर किसी अप्रिय घटना की जानकारी किसी भी माध्यम से प्राप्त हो, तो सम्बन्धित जनपद के जिलाधिकारी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक तुरन्त घटनास्थल पर पहुंचकर निष्पक्षता से घटना के लिए जिम्मेदार असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने निर्देशित किया है कि जनपदीय अधिकारी अपने अभिसूचना तंत्र को सुदृढ़ करें तथा इस कार्य में अभिसूचना इकाई के अलावा राजस्व, विकास व अन्य विभागों के ग्राम, ब्लाक, तहसील व नगरस्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी सुनिश्चित कर उन्हें सचेत करें कि वह अपने क्षेत्र में होने वाली संवेदनशील घटनाओं की सूचनाएं अपने वरिष्ठ अधिकारियों को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारी प्रत्येक समुदाय के सभ्रान्त नागरिकों से निरन्तर सम्पर्क स्थापित कर साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए शान्ति समितियों की बैठकें आयोजित करें। उन्होंने कहा कि इन बैठकों के माध्यम से समाज में सन्देश दिया जाए कि यदि कोई घटना घटित होती है तो निःसंकोच जिला प्रशासन से सम्पर्क कर सूचना तत्काल दी जाए तथा ऐसे अवसर पर अफवाहों पर लोगों से ध्यान न देने की अपील की जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक जुलूसों/मूर्ति विसर्जन आदि के के दौरान यातायात प्रबन्धन एवं यातायात परिवर्तन जैसे कार्य पूरी सजगता एवं स्थानीय स्थितियों की संवेदनशीलता को ध्यान में रख कर सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित न होने पाए।
श्री उस्मानी ने कहा कि निर्गत शस्त्रों के लाइसेन्सों का सत्यापन कर उसका दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि लम्बित विवादों को सूचीबद्ध कर उनके हल कराने का यथासम्भव प्रयास समय से किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति देने से पूर्व उसके हर पहलू पर गम्भीरता से विचार कर लिया जाए ताकि साम्प्रदायिक माहौल बिगड़ने न पाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु आवश्यकतानुसार पुलिस बल का उपयोग तत्काल कर घटना को उग्र होने से रोकने का हर सम्भव प्रयास किए जाएं। बैठक में प्रमुख सचिव गृह आर0एम0 श्रीवास्तव, पुलिस महानिदेशक देवराज नागर, सचिव गृह कमल सक्सेना, अमृत अभिजात, अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था मुकुल गोयल, अपर पुलिस महानिदेशक पी0एच0क्यू0 इलाहाबाद सूर्य कुमार शुक्ला, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना जवाहरलाल त्रिपाठी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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