तार-तार हो गया सितार, पंडित रविशंकर नहीं रहे

तार-तार हो गया सितार, पंडित रविशंकर नहीं रहे

दशकों से दुनिया भर में गूँज रहा सितार आज शांत पड़ गया। प्रख्यात सितार वादक पंडित रविशंकर नहीं रहे। 7 अप्रैल 1920 को वाराणसी में जन्मे रविशंकर का बुधवार सुबह अमेरिका के सेन डियागो में निधन हो गया।

भारत रत्न पद्म विभूषण पंडित रविशंकर ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को एक नये शिखर पर पहुँचाया था। उन्हें भारत रत्न और पद्म विभूषण के अलावा 14 मानद डॉक्ट्रेट, मैग्सेसे पुरस्कार, तीन ग्रेमी अवॉर्ड मिल चुके हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में हुआ था, लेकिन उनका परिवार मूलतः पूर्वी बंगाल स्थित जैस्सोर जिले के नरैल का रहने वाला था। उन्होंने अपना पहला कार्यक्रम 10 साल की उम्र में किया था और फिर पीछे मुड़ कर नहीं देखा। वह 1986 से 1992 तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे। वर्ष 1966 में प्रसिद्ध संगीत ग्रुप ‘बीटल्स’ के सदस्य जॉर्ज हैरिसन उनके शिष्य बने, तो दुनिया भर में उनके नाम की धूम मच गई, लेकिन अब यादें ही शेष हैं। उनके निधन की सूचना से दुनिया भर के संगीत प्रेमी शोक ग्रस्त हैं।

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