टिकट के दावेदार भाजपा नेता के विरुद्ध एफआईआर, आक्रोश

नूरपुर पिनौनी में उपस्थित लोगों को संबोधित करते पूर्व विधायक रामसेवक सिंह पटेल और साथ में मौजूद अन्य जिला स्तरीय भाजपा नेतागण
नूरपुर पिनौनी में उपस्थित लोगों को संबोधित करते पूर्व विधायक रामसेवक सिंह पटेल और साथ में मौजूद अन्य जिला स्तरीय भाजपा नेतागण

नासमझी के चलते नूरपुर पिनौनी प्रकरण में पुलिस खुद पार्टी बन गई है और सामाजिक सदभाव बिगाड़ने की छवि वाले नेताओं को राजनीति करने का अवसर प्रदान करती नज़र आ रही है। घटना के बाद पुलिस भीड़ के आक्रोश को आसानी से समाप्त कर सकती थी, पर पुलिस ने शक्ति से काम लेना चाहा, तो पहले भीड़ बेकाबू हो गई और बाद में पुलिस ने भाजपा से टिकट के दावेदार सहित अन्य तमाम लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली, जिससे राजनीति शुरू हो गई है।

बदायूं जिले के थाना इस्लामनगर क्षेत्र में स्थित कस्बा नूरपुर पिनौनी में आज तमाम भाजपा के जिला स्तरीय नेता पहुँचे। भाजपा में टिकट के दावेदार व पूर्व विधायक रामसेवक सिंह पटेल, पूर्व सदर विधायक महेश गुप्ता, टिकट के दूसरे दावेदार पगलानंद महाराज, जिलाध्यक्ष प्रेम स्वरूप पाठक व दीपमाला गोयल ने जनता को पुलिस की मनमानी के विरुद्ध साथ देने का भरोसा दिलाया और कहा कि गिरफ्तारी हुई, तो विरोध किया जायेगा। भाजपा नेताओं के पहुँचने से लोगों के अंदर बैठा पुलिस का भय कम हुआ है, लेकिन सवाल यह है कि भीड़ पर मुकदमा लिखने वाली पुलिस अब तक गायों को काट कर फरार होने वाले तस्करों को गिरफ्तार क्यूं नहीं कर पा रही है, साथ ही सवाल यह भी है कि इतनी बड़ी वारदात होने के बावजूद लापरवाह पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई क्यूं नहीं की जा रही?

भाजयुमो के जिलाध्यक्ष कुलदीप वार्ष्णेय ने भी घटना को पुलिस की लापरवाही की ही देन बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बेक़सूर लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली, लेकिन सत्ता के दबाव में अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर रही। चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि पुलिस ने किसी की भी गिरफ्तारी की, तो भाजयुमो कार्यकर्ता बेमियादी धरने पर बैठ जायेंगे।

उल्लेखनीय है कि कस्बा नूरपुर पिनौनी में 19-20 दिसंबर की रात में अज्ञात पशु तस्कर दो गाड़ियों से किसी समय आये और डेढ़ दर्जन से अधिक सार्वजनिक गायों को काट कर मांस भर ले गये। घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने उल्टा जवाब देने पर इन्स्पेक्टर की पिटाई लगा दी थी, जिसके बाद पुलिस ने पगलानंद और दीपमाला गोयल सहित 24 लोगों को नामजद करते हुए 300 अज्ञात लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली थी, जिससे नगर व क्षेत्र में पुलिस के प्रति आक्रोश और बढ़ गया है। नूरपुर पिनौनी में फिलहाल बड़ी संख्या में पीएसी तैनात है और कल के बाद कोई घटना नहीं हुई है।

संबंधित खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें लिंक

पुलिस ने वोट पकाने की फैक्ट्री का शिलान्यास किया

गाय काटने के प्रकरण में बवाल, भीड़ ने इन्स्पेक्टर को धुना

15 से अधिक गायों को काट कर मांस भर ले गये तस्कर

Leave a Reply