जिला योजना की बैठक: सांसद धर्मेन्द्र ने किया ड्रीम प्रोजेक्ट का खुलासा

 

 

 

पिछड़े जनपद बदायूं को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने की योजना पर गंभीरता से अमल किया जा रहा है। शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बदायूं को अग्रणी बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज खोलने की दिशा में प्राथमिक स्तर पर कार्य की शुरुआत हो चुकी है। लोकप्रिय युवा नेता और बदायूं से सांसद धर्मेंद्र यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट में बदायूं प्रमुख रूप से शामिल है। विकास भवन के सभागार में आयोजित जिला योजना की बैठक में उन्होंने इस बात का खुलासा भी किया। उन्होंने कहा, कि वह जनपद में मेडीकल कालेज की स्थापना हेतु प्रयासरत् हैं। उन्होंने पर्यटन विभाग की ओर से सरसोता, छोटी-बड़ी ज़्यारत, बुर्रा अहिरवारा मंदिर के सौंदर्यीकरण के अलावा 1000 राजकीय नलकूपों के निर्माण का प्रस्ताव पास कराने, दुग्ध संघ हेतु पर्याप्त प्रस्ताव बनाकर संघ पर किसानों के बकाया का भुगतान कराने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा, कि अधिकारी विभिन्न योजनाओं के तहत प्रस्ताव तैयार करें, अनुमोदित परिव्यय को अवमुक्त कराने हेतु वह भरकस प्रयास करेंगे। उन्होंने  कहा, कि जिले के सम्पूर्ण विकास हेतु वह कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। जनपद के प्रभारी एवं उ0प्र0 शासन के  खेलकूद, युवा कल्याण,  बाह्य सहायता प्राप्त परियोजना व ग्राम विकास विभाग के राज्य मंत्री राम करन आर्य की अध्यक्षता में आयोजित जिला योजना की बैठक में वर्ष 2012-13 हेतु 44 विभागों के लिए 20734.00, अतिरिक्त के रूप में 25172.17 तथा 57389.69 एवं पिछड़ा क्षे़त्र अनुदान योजना अन्र्तगत जिला पंचायत हेतु 300.27, क्षेत्र पंचायत हेतु 150.14, ग्राम पंचायत हेतु 1044.05 एंव स्थानीय निकाय हेतु 416.96 लाख का परिव्यय सर्व सम्मति से अनुमोदित किया गया।

विकास भवन सभा कक्ष में आयोजित जिला योजना की बैठक में पशु पालन, दुग्ध विकास, राजकीय नलकूप, पर्यटन, पिछड़ी जाति कल्याण, अल्प संख्यक कल्याण, आदि विभागों के कम बने परिव्ययों में संशोधन के साथ जिला योजना में रखे गये सभी प्रस्ताव सर्व सम्मति से पारित हो गये।

सदन को सम्बोधित करते हुये राज्य मंत्री राम करन आर्य ने कहा, कि जनप्रतिनिधि जनता का आईना हैं और समाज के बीच से आये हैं इसलिए उन्हें वहां की समस्याओं के बारे में अधिक जानकारी होती है। अतः अधिकारी जन प्रतिनिधियों द्वारा बतायी गयी समस्याओं पर गौर कर उनका निदान करायें। उन्होंने कहा कि जिला योजना में जो प्रस्ताव आये हैं उनको स्वीकार किया गया है और संशोधन कर जल्दी ही परिव्यय तैयार कराया जायेगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गरीबों की समस्याओं को अवश्य सुना जाये और प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण कराया जाये। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति दौलत से बड़ा नहीं होता। जो दिल से बड़ा होता है वह गौतम व विवेकानन्द की तरह महान होता है।

बैठक में मौजूद विधान परिषद सदस्य मा0 बनवारी सिंह यादव  और जितेन्द्र यादव ने गड्ढ़ा मुक्त सड़कों और वन विभाग द्वारा गत वर्ष में कराये गए वृक्षारोपण की जांच कराने के साथ ही सरसोता की भूमि पर अवैध कब्ज़ों की जांच की मांग की जो सदन में सर्व सहमति के साथ स्वीकार की गई।

बैठक में जिलाधिकारी मयूर माहेश्वरी ने सर्वप्रथम सभी अतिथियों को गुलदस्ते भेंट कर उनका स्वागत किया और अंत में आभार व्यक्त करते हुये सदन को आश्वस्त किया कि जो बिन्दु आज निकल कर उनके सामने आयें हैं उन पर अवश्य कार्यवाही की जायेगी और शासन की मंशा के अनुसार कार्य कराया जायेगा। जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देश दिये कि उनके द्वारा जो भी विकास कार्य कराये गये हैं उनकी एक सूची जनप्रतिनिधियों को अवश्य दे दें।

मुख्य विकास अधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने बैठक का संचालन करते हुए सदन को आश्वस्त किया कि शासकीय योजनाओं को भली भांति क्रियान्वयन हेतु सामाजिक, आर्थिक और जातिगत आंकड़ों को एकत्र कर कम्प्यूटराइज कराया जा रहा हैं ताकि योजनाओं की पारदर्शिता बनी रहे।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव, शेखूपुर विधान सभा क्षेत्र के विधायक आशीष यादव, सहसवान के ओमकार सिंह, बिसौली के आशुतोष मौर्य, बिल्सी के विधायक हाजी मुसर्रत अली उर्फ हाजी बिट्टन, दातागंज के विधायक सिनोद कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष ओम प्रकाश मथुरिया के साथ ही जिला पंचायत के समस्त नामित सदस्यगण और समस्त जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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