जिला पंचायत सदस्य का अपहरण, एफआईआर दर्ज

– दांव पर लगी है सांसद धर्मेन्द्र यादव की इज्जत

जिला पंचायत सदस्य का अपहरण, एफआईआर दर्ज
जिला पंचायत सदस्य का अपहरण, एफआईआर दर्ज

पिता ने कई दिनों से गायब जिला पंचायत सदस्य के अपहरण की आशंका व्यक्त की है। पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अपहृत की बरामदगी के प्रयास शुरू कर दिए हैं, वहीं जिला पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर राजनीति और तेज हो गई है। उधर सांसद धर्मेन्द्र यादव की इज्जत दांव पर लगी होने के बावजूद सपाई भितरघात करने से बाज नहीं आ रहे हैं।

बाहुबली और धनबली के रूप में कुख्यात डीपी यादव के साले भारत सिंह यादव की पत्नी पूनम यादव बदायूं में जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। बसपा की सरकार में डीपी ने सत्ता का खुलेआम दुरूपयोग कर पूनम यादव को अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठा दिया था, जिससे नरेश प्रताप सिंह का कुर्सी जाने के साथ घोर अपमान भी हुआ था। स्वर्गीय चौधरी राजेश्वर सिंह के जमाने से अध्यक्ष की कुर्सी पर इसी परिवार का कब्जा रहा है। इससे पहले नरेश प्रताप सिंह की पत्नी चेतना सिंह अध्यक्ष थीं। जिले में उन्हें मात देने वाला कोई नेता था भी नहीं, पर डीपी ने उन्हें धराशाई कर दिया, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद नरेश प्रताप सिंह सक्रिय हो गये। पिछले उन्होंने दिनों अविश्वास प्रस्ताव लाने का आवेदन जिलाधिकारी को दे दिया, जिस पर 26 फरवरी को चुनाव होना निश्चित है, इसीलिए दोनों पक्ष सदस्यों को अपने पक्ष में लेने के लिए रात-दिन एक किये हुए हैं। सदस्यों की सुरक्षा के लिए दो दिन पहले पुलिस ने गनर देने का भी आदेश दे दिया है, लेकिन कई सदस्यों के बारे में परिजनों तक को कोई सूचना नहीं है कि वह कहाँ हैं?

जिला पंचायत क्षेत्र नाधा से सदस्य विकास यादव भी 22 फरवरी से गायब है। परिजनों ने उसे खोजने का प्रयास किया, पर कहीं पता न चलने पर पिता ने आज थाना सिविल लाइन में अपहरण की तहरीर दे दी। पुलिस ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध अपहरण का मुकदमा दर्ज कर खोजबीन शुरू कर दी है।

उधर अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सांसद धर्मेन्द्र यादव की इज्जत दांव पर लगी हुई है, इसके बावजूद कुछ सपाई पूनम यादव की मदद कर रहे हैं, जिससे आम जनता के बीच गलत सन्देश जा रहा है।

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