जिला पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव लाने की रणनीति तैयार

– चेतना सिंह और नरेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में सांसद से मिले सदस्य

– सोमवार को जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किये जायेंगे शपथपत्र

– सत्ता का दुरुपयोग कर डीपी ने साले की पत्नी को बनवा दिया था अध्यक्ष

सांसद धर्मेन्द्र यादव के आवास पर नरेश प्रताप सिंह और चेतना सिंह के साथ जिला पंचायत सदस्य
सांसद धर्मेन्द्र यादव के आवास पर नरेश प्रताप सिंह और चेतना सिंह के साथ जिला पंचायत सदस्य

बदायूं जिला पंचायत अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास एक कदम आगे बढ़ गया है। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष चेतना सिंह और उनके पति नरेश प्रताप सिंह के साथ जाकर 23 जिला पंचायत सदस्यों ने सांसद धर्मेन्द्र यादव को शपथ पत्र दिए जो सोमवार को जिला अधिकारी के समक्ष अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रस्तुत किये जायेंगे।

स्वर्गीय चौधरी राजेश्वर सिंह के बाद उनकी पुत्रवधु चेतना सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर चुनी जाती रही हैं। बसपा शासन में हुए पिछले चुनाव में डीपी यादव के साले भारत सिंह यादव की पत्नी पूनम यादव ने चेतना सिंह यादव को सत्ता का दुरूपयोग कर हरा दिया था। चेतना सिंह के विरोधियों ने हार के साथ यह अफवाह भी फैला दी कि चेतना सिंह ने अंदरूनी तौर पर पूनम यादव को समर्थन दे दिया था जिससे पार्टी नेतृत्व ने उन्हें पार्टी से बाहर निकाल दिया था। बाद में नरेश प्रताप सिंह ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से मिलकर सच्चाई बताई तो उनकी पार्टी में पुनः वापसी हो गयी।

प्रदेश में सपा सरकार आने के बाद नरेश प्रताप सिंह भी अपनी हार का बदला लेने के लिए उतावले हो उठे पर सपा का उनका विरोधी गुट पूनम यादव से मिल गया जिससे वह अविश्वास प्रस्ताव नहीं ला पा रहे थे। पिछले दिनों सैफई महोत्सव के दौरान 30 से अधिक जिला पंचायत सदस्यों को साथ ले जाकर नरेश प्रताप सिंह और चेतना सिंह ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से मिलकर अपनी शक्ति का एहसास कराया तो सपा सुप्रीमो ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की हरी झंडी दे दी। इसके बावजूद नरेश प्रताप सिंह का विरोधी गुट पूनम यादव को अन्दरखाने लगातार मदद कर रहा है जिसकी परवाह छोड़ नरेश प्रताप सिंह और चेतना सिंह 23 सदस्यों के साथ आज सांसद धर्मेन्द्र यादव से  मिले। सभी सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के पक्ष में शपथपत्र भी दिया।

नरेश प्रताप सिंह का कहना है कि सांसद सभी सदस्यों से बात करने के बाद अविश्वास प्रस्ताव लाने के पक्ष में आ गए हैं और सोमवार को समस्त शपथपत्र जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर दिए जायेंगे। साथ ही उन्होंने अपने साथ 31 सदस्य होने का दावा किया। जनपद बदायूं में कुल 49 सदस्य थे जिसमें से नवसृजित जनपद संभल अलग हो जाने के कारण 8 सदस्य वहां चले गए। अब कुल 41 सदस्य शेष बचे हैं जिनमे बहुमत के लिए 21 ही चाहिए। सांसद के आवास पर मिलने गए नरेश प्रताप सिंह और चेतना सिंह के साथ महेंद्र प्रताप सिंह, सुरेश यादव, राहुल यादव, शिव कुमार शर्मा, स्वाति सिंह, विकास यादव और गिरीश सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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