जिला निर्वाचन कार्यालय ही बना प्रचार का माध्यम

जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी के कार्यालय के गेट पर लगा बैनर
जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी के कार्यालय के गेट पर लगा बैनर

चुनाव आयोग के कड़े निर्देशों के चलते बदायूं शहर में राजनैतिक दलों और सरकार का गुणगान करने वाली प्रचार सामग्री उतार ली गई है, लेकिन जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी का कार्यालय आज भी मुख्यमंत्री का गुणगान करता नज़र आ रहा है। जिलाधिकारी से मिलने हर दिन सैकड़ों लोग आते हैं, जिनकी सोच मतदान को लेकर प्रभावित हो सकती है या उनकी सोच प्रभावित करने के लिए ही जिलाधिकारी ने जान कर अपने कार्यालय के गेट पर मुख्यमंत्री का गुणगान करता हुआ बैनर लगा रखा है।

सार्वजनिक स्थल पर अब कोई प्रचार सामग्री नहीं लगा सकता और बैनर-पोस्टर आदि लगाये, तो नियमानुसार उसके विरुद्ध मुकदमा तक दर्ज हो सकता है, लेकिन खुद जिला निर्वाचन अधिकारी ही प्रचार कर रहे हों, तो सवाल उठता है कि उनके विरुद्ध कौन कार्रवाई करायेगा? साफ है कि ऐसा अधिकारी निष्पक्ष चुनाव नहीं करा सकता, इसलिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त को खुद ही पहल करनी होगी और सब से पहले बदायूं में जिला निर्वाचन अधिकारी के पद पर तैनात चन्द्रप्रकाश त्रिपाठी को ही हटाना होगा, वरना पार्टी विशेष के प्रत्याशी को यह चुनाव के दौरान लाभ पहुंचाते रहेंगे।

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