चीन और बांग्लादेशी घुसपैठियों पर बरसे नरेंद्र मोदी

भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी
भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी

भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी हमेशा बेहद खास मुददों पर बात करते हैं, लेकिन आज उन्होंने ऐसे मुददे पर बात की, जिस पर अधिकाँश बड़े नेता बोलने से बचते रहे हैं। उन्होंने आज अरुणाचल प्रदेश, असम और त्रिपुरा में रैलियों को संबोधित किया और हमेशा की तरह यूपीए सरकार व कांग्रेस पर तीखे प्रहार किए। कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए असम के सिलचर में उन्होंने कहा कि सरकार बांग्लादेश से घुसपैठ रोकने में नाकाम रही है। बोले- असम के लोग बांग्लादेश से और पूरा पाकिस्तान मुझसे परेशान है। नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के घुसपैठियों को बाहर निकालने का वादा करते हुए कहा कि वे राजनीतिक कारणों से यहां आते हैं और स्थानीय लोगों के रोजगार छीन लेते हैं। इन लोगों को वहीं भेज देना चाहिए, जहां से ये आए हैं। नरेंद्र मोदी ने वादा किया कि केंद्र की सत्ता में आने पर उनकी पार्टी शरणार्थी शिविरों को खत्म कर देगी।

उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश से विस्थापित हिंदुओं के लिए देश में व्यवस्था होनी चाहिए। नरेंद्र मोदी ने खुल कर कहा कि किसी भी देश में अगर, हिंदू पर अत्याचार होगा, तो वह कहां जाएगा?, हमें उनकी व्यवस्था करनी होगी। बोले- असम ही उनका भार न उठाये, उन्हें अन्य जगहों पर भी बसाना होगा। उन्होंने चुनाव आयोग से भी इन लोगों को संदिग्ध वोटर के दायरे से बाहर कर मतदान का अधिकार देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि जहां लक्ष्मी होती है, वहां खुशहाली होती है। हम पूर्वोत्तर में लक्ष्मी और सरस्वती दोनों चाहते हैं, लेकिन अगर लक्ष्मी आती हैं, तो वह कहां विराजेंगी। आप जानते हैं कि लक्ष्मी कमल पर विराजती हैं और खुशहाली के लिए कमल को सत्ता में लाना होगा।

दूसरी ओर अरुणाचल की रैली में नरेंद्र मोदी ने चीन को चेतावनी देने के अंदाज़ में कहा कि दुनिया की कोई ताकत भारत से अरुणाचल प्रदेश को नहीं छीन सकती। बोले- अरुणाचल भारत का अभिन्न अंग है। मैं इस मिट्टी की शपथ लेता हूं कि मैं राज्य को न तो समाप्त होने दूंगा और न ही टूटने या झुकने दूंगा। उन्होंने कहा कि यह वीरों की भूमि है। यहां के लोग अकेले दम पर चीन की दादागिरी का डटकर मुकाबला करते हैं और शान से जय हिंद बोलते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अरुणाचल स्विट्जरलैंड से कम नहीं है। उन्होंने प्रदेश के लिए विकास के लिए “हर्बल, हार्टीकल्चर, हैंडीक्राफ्ट्स” (तीन एच) का मॉडल पेश किया।

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