किसानों की सच्ची हितैषी है सरकार: राजेन्द्र चौधरी

किसानों के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता करते उत्तर प्रदेश के खाद्य रसद एवं कारागार मंत्री राजेन्द्र चौधरी
किसानों के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता करते उत्तर प्रदेश के खाद्य रसद एवं कारागार मंत्री राजेन्द्र चौधरी
उत्तर प्रदेश के खाद्य रसद एवं कारागार मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की वर्तमान समाजवादी सरकार किसानों की सच्ची हितैषी है और हम किसानों की हर समस्याओं का वार्ता के साथ समाधान करना चाहते हैं।
राजेन्द्र चौधरी आज उत्तर प्रदेश सदन, नई दिल्ली के सभागार में यमुना एक्सप्रेस-वे में गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, मथुरा एवं आगरा के किसानों, जिनकी जमीन अधिग्रहीत की गयी है, उनके प्रतिनिधिमण्डल के साथ वार्ता कर रहे थे। उन्होंने उनके मुआवजे से सम्बन्धित मुद्दों के साथ-साथ उनकी अन्य समस्याओं को भी ध्यानपूर्वक सुना और सम्बन्धित जनपद के अधिकारियों तथा जिलाधिकारियों से उनका समाधान करने के निर्देश दिए।
बैठक को सम्बोधित करते हुए राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का निर्देश है कि जिन कृषकों की जमीन का अधिग्रहण हुआ है, उनके साथ न्याय होना चाहिए। कृषकों के जीवनयापन का आधार जमीन है और उनका भावनात्मक लगाव भी जमीन से रहता है। मुख्यमंत्री चाहते हैं कि किसानों के साथ ज्यादती न हो और उनकी समस्याओं का व्यावहारिक हल निकलता रहे। इस अवसर पर सम्बन्धित समस्त जनपदों के किसान प्रतिनिधिमण्डल ने यह मांग की कि यमुना एक्सप्रेस-वे के बगल में नोएडा से आगरा तक सर्विस रोड का निर्माण किया जाए। मथुरा के किसानों ने कहा कि एक्सप्रेस-वे पर माट एवं मथुरा के बीच नौझील बाजार में एक्सप्रेस-वे पर दोनों तरफ चढ़ने व उतरने के लिए रास्ता बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए लगातार धरने एवं प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने जनपद मथुरा में बिजली की किल्लत दूर करने के लिए 100 ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त माट एवं नौझील बाजार को डार्क जोन से मुक्त करने की मांग की। आगरा, मथुरा एवं अलीगढ़ के किसानों ने गौतमबुद्धनगर से आगरा तक के किसानों को एक समान मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि गौतमबुद्धनगर की जमीन उपजाऊ नहीं थी, जबकि हम लोगों की खेतिहर और उपजाऊ जमीन इस योजना में चली गयी है।
गौतमबुद्धनगर के किसान प्रतिनिधिमण्डल के साथ अखिल भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने बैठक में कहा कि यमुना एक्सप्रेस-वे पर जब तक सर्विस लेन नहीं बनती तब तक सम्बन्धित जनपदों के किसानों से टोल टैक्स नहीं लिया जाना चाहिए। गांव के खेल मैदान एवं एलएमसी जमीन को भी प्रोजेक्ट में अधिग्रहीत कर लिया गया। उसके बदले प्रत्येक गांव में बच्चों के खेलने के लिए एक खेल मैदान की व्यवस्था की जाए। उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देते हुए 64 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा तथा 7 प्रतिशत आवासीय योजना के प्लाट तत्काल किसानों को देने की मांग की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साधन, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अध्ययन हेतु गुणवत्तायुक्त उच्चस्तरीय विद्यालय के लिए भी बात रखी। उन्होंने यह भी कहा कि अधिग्रहण के बदले दिए जाने वाले प्लाट का विकास शुल्क उतना ही लिया जाए, जिस रेट पर जमीन का मुआवजा मिला है।
किसानों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद राजेन्द्र चौधरी ने स्थानीय समस्याओं को सम्बन्धित अधिकारियों से यथासम्भव निराकरण करने एवं गम्भीर तथा नीतिगत मुद्दों के निस्तारण के लिए बिल्डरों, एक्सप्रेस-वे तथा किसान प्रतिनिधिमण्डल की अगली बैठक लखनऊ में आयोजित कराने का निर्देश दिया। इस अवसर पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा एवं यमुना एक्सप्रेस-वे के मुख्य कार्यपालक अधिकारी/अध्यक्ष रमारमण, मेरठ के कमिश्नर मंजीत सिंह, अलीगढ़ के कमिश्नर टी. वेंकटेश, गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी हीरा लाल गुप्ता, अलीगढ़ के जिलाधिकारी राजीव रौतेला, आगरा के जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर, मथुरा के जिलाधिकारी विशाल चैहान, यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के सी.ई.ओ. पी.सी. गुप्ता, ए.सी.ई.ओ. सतीश कुमार, ओ.एस.डी. वी.पी. सिंह आदि मौजूद थे।

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