कामधेनु सहित विकास योजनाओं का शुभारम्भ कल

– 590 करोड़ की योजनाओं का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने शासकीय आवास, 5 कालिदास मार्ग पर आगामी मंगलवार 6 अगस्त को 590 करोड़ रुपये की तीन राज्यव्यापी महत्वपूर्ण रोजगारोन्मुख पशुधन विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा शुभारम्भ करेंगे। इन योजनाओं से प्रदेश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार प्राप्त होगा।

प्रस्तावित योजनाओं में सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण योजना प्रदेश के सभी जिलों में 100 दुधारू पशुओं की एक दुग्ध उत्पादक यूनिट लगाने की लगभग 519 करोड़ रुपये लागत की योजना ‘‘कामधेनु योजना’’ है, जिसमें प्रदेश के 75 जिलों में कुल 425 कामधेनु इकाइयाँ स्थापित की जायेंगी। एक युनिट की लागत 1.22 करोड़ रुपये आयेगी। प्रत्यक्ष तौर पर प्रत्येक जिले में स्थापित की जा रही इकाइयों में दुधारू पशुओं की देखभाल, चिकित्सा, दूध निकालने, चारे और सम्बन्धित इकाइयों के विभिन्न स्तरों पर काम करने वाले लोगों को रोजगार मिलेगा। यदि 100 गाय-भैसों की एक इकाई की देखभाल, पोषण, चिकित्सा और प्रबन्धन से केवल 15 लोग भी जुड़े माने जायें तो इस प्रकार 425 इकाइयों में 6 हजार से अधिक लोगों को सीधे-सीधे रोजगार के अवसर मिलेंगे। समझा जा सकता है कि अप्रत्यक्ष तौर पर मार्केटिंग, प्रचार, दुग्ध प्रसंस्करण और खुदरा बिक्री आदि से भी कई हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। यह सभी इकाइयाँ चरणबद्ध रूप से उत्पादन आरम्भ कर देंगी।
मुख्यमंत्री द्वारा इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कुक्कुट उद्योग को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश कुक्कुट विकास नीति-2013 के अन्तर्गत लगभग 65 करोड़ रुपये की दूसरी योजना का शुभारम्भ भी किया जायेगा। इसके अन्तर्गत 10.80 लाख अण्डा देने वाली मुर्गियों के पालन की 36 इकाइयों के स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री द्वारा कानपुर, सुल्तानपुर, फतेहपुर, बिजनौर, गोरखपुर, कुशीनगर, हरदोई, बाराबंकी, मिर्जापुर, बलरामपुर सम्बन्धित मुर्गी पालकों को प्रदान किये जायेंगे। प्रत्येक इकाई में लगभग 30,000 अण्डा देने वाली मुर्गियों का पालन किया जायेगा। प्रदेश की कुक्कुट विकास नीति में इस प्रकार के विशेष प्राविधान किये गये हैं, जिससे उत्तर प्रदेश ब्रायलर चूजों और अण्डों की आपूर्ति के क्षेत्र में बहुत जल्द ही बाहरी आयात पर निर्भर नहीं रहेगा। सभी इकाइयाँ लगभग छः महीने के भीतर कार्यशील हो जायेंगी। इसी अवसर पर अपने सरकारी आवास से तीसरी योजना के अन्तर्गत मुख्यमंत्री पीसीडीएफ द्वारा कृषक दुग्ध संघ परिसर में तीन आटोमेटिक प्लाण्ट का शुभारम्भ करेंगे। इनमें से दो प्लाण्ट पांच करोड़ की लागत से लगभग 25 टन दही प्रतिदिन उत्पादित करेंगे। लगभग 1.40 करोड़ रुपये की लागत वाला तीसरा प्लाण्ट 10 हजार बोतल स्वादिष्ट, सुगन्धित और विभिन्न फ्लेवर वाला पाश्चुरीकृत दूध तैयार करेगा, जिसकी खपत लखनऊ और उसके आस-पास के क्षेत्रों में नागरिकों की आवश्यकताओं की पूर्ति करेगी। यह प्लाण्ट इसी वर्ष के अंत तक दही-दूध का उत्पादन शुरू कर देगा।

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