कर्मचारियों के वेतन में 27 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि

कर्मचारियों के वेतन में 27 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि
कर्मचारियों के वेतन में 27 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि
प्रदेश सरकार द्वारा विगत 15 मार्च, 2012 से कर्मचारियों के हितों में कई महत्वपूर्ण निर्णय लेकर कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण कराए गए हैं। राज्याधीन लोक सेवाओं और पदों पर आवेदन करने हेतु राज्य कर्मचारियों को अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट प्रदान करने हेतु विगत अगस्त, 2013 में शासनादेश निर्गत कर सामान्य श्रेणी के राज्य कर्मचारी 45 वर्ष की आयु तक राजकीय सेवाओं के लिये आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। राज्य कर्मचारियों को प्राप्त होने वाले विभिन्न प्रकार के भत्ते भत्ते दुगने किए गये हैं।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि विगत डेढ़ वर्षों में राजकीय कर्मचारियों के वेतन में लगभग 27 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि हुयी है। विभिन्न पदों पर परिवीक्षा अवधि की अनिवार्यता समाप्त करने पर भी सरकार सक्रिय रूप से विचार कर रही है, जिस पर शीघ्र निर्णय लिया जायेगा। राज्य सरकार अपने कार्मिकों को अच्छी कोटि की चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिये वचनबद्ध है, जिसके लिए नियमावलियों में आवश्यक संशोधन किये जा रहे हैं। विभिन्न अभियांत्रिक विभागों यथा लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग आदि में अवर अभियन्ताओं की नियमित रूप से भर्ती कराने हेतु प्रत्येक वर्ष लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा एक संयुक्त प्रवेश परीक्षा की व्यवस्था की जा रही है।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि 15 मार्च, 2012 के पूर्व से अवरूद्ध पदोन्नति की प्रक्रिया को प्रारम्भ किया गया, जिससे विभिन्न विभागों में कर्मियों को पदोन्नति का पर्याप्त अवसर प्राप्त हुये हैं। प्रदेश सरकार पदोन्नति की दिशा में आने वाली वाजिब कठिनाईयों के निराकरण के लिये बराबर प्रयासरत रही है, जिससे कि कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा रहे। विभिन्न संवर्गों विशेष रूप से लिपिकीय संवर्गों की पदोन्नतियां, अर्हकारी सेवा पूर्ण न होने के कारण अथवा परिवीक्षा अवधि पूर्ण न होने के कारण अक्सर बाधित रहती है, ऐसे अवरोधों को दूर करने पर सक्रियता से विचार कर रहे हैं तथा इसके लिये कार्मिक विभाग द्वारा नियमावली बनायी जानी प्रस्तावित है। मृतक आश्रितों को भी समूह ‘ग’ के पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने की दिशा में आने वाली कठिनाईयों को दूर करने के लिये नियमावली में संशोधन की कार्यवाही की जा रही है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि राजस्व विभाग द्वारा सामयिक संग्रह अमीनों के समायोजन के प्रकरण पर सकारात्मक रूप से विचार किया जा रहा है। इसके लिये नियमावली में संशोधन की प्रक्रिया विचाराधीन है। इसी प्रकार सामयिक संग्रह अनुसेवकों के समायोजन के विषय पर भी राजस्व विभाग सक्रियता से विचार कर रहे है। पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम स्तरीय सफाई कर्मचारियों के लिये सेवा नियमावली बनाने की कार्यवाही की जा रही है। इससे इन कार्मिकों की सेवा से सम्बन्धित विभिन्न प्रकार के लाभ सुनिश्चित हो सकेंगे।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग तथा अभियंत्रण विभागों में अवर अभियन्ताओं की समय से पदोन्नति न होने तथा उनके स्टैगनेशन को दूर करने के लिये तथा अवर अभियन्ता की पदोन्नति में जो भी अवरोध है, उन्हें लोक सेवा आयोग से विचार-विमर्श कर दूर कराये जायेंगे तथा ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी, जिससे कि अवर अभियन्ता के पदोन्नति के पद रिक्त न रहे अर्थात अवर अभियन्ता की पदोन्नति निर्धारित अवधि में नियमित रूप से सुनिश्चित तरीके से होगी।

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