ऑपरेशन एक्स: कसाब का अंत, अफजल पर उठे सवाल

– पाकिस्तान ने शव लेने से मना किया।

-अभाव ने बनाया कसाब को आतंकी।

कसाब का अंत

आतंकी अजमल कसाब को आज बुधवार सुबह लगभग 7:30 बजे फांसी दे दी गई। डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया है। महाराष्ट्र के गृहमंत्री आरआर पाटिल ने कसाब को फांसी दिए जाने की पुष्टि की है। मुंबई के आर्थर रोड जेल से पुणे की यरवडा जेल में शिफ्ट करने के बाद फांसी दी गई। कसाब को फांसी दिए जाने के ऑपरेशन को ऑपरेशन एक्स का नाम दिया गया था।

मुंबई में 26/11 को हुए आतंकी हमले में 166 लोगों की मौत हो गई थी। अगले दिन 27 नवंबर 2008 को कसाब को गिरफ्तार किया गया था, तब से कसाब के रखरखाव पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जिसको लेकर सवाल भी उठते रहे हैं। 29 अगस्त 2012 को सुप्रीम कोर्ट ने कसाब को फांसी की सजा सुनाई थी। कसाब को आज फांसी दिए जाने की जानकारी राष्ट्रपति, राष्ट्रपति के प्रेस सचिव, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, महाराष्ट्र के गृहमंत्री और एनएसजी प्रमुख को ही थी। 16 अक्टूबर को कसाब की दया याचिका को गृह मंत्रालय ने खारिज कर उसे राष्ट्रपति के पास भेज दिया था। 5 नवंबर को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी उसकी दया याचिका खारिज कर वापस लौटा दी थी। मुसलामानों ने कब्रिस्तान में जगह देने से इनकार कर दिया, वहीं कसाब के शव को पाकिस्तान ने लेने से इंकार कर दिया है, जिससे उसे जेल में ही दफना दिया गया।

उधर कसाब को बेहद गोपनीय तरीके से फांसी देने से देशवासी स्तब्ध हैं, लेकिन निर्णय का स्वागत किया जा रहा है, साथ ही लोग अफजल गुरु को फांसी न देने पर सवाल भी उठा रहे हैं।

 

अभाव ने कसाब को बनाया आतंकी

कसाब के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, जिससे वह हर साल ईद के मौके पर नए कपड़े नहीं पहन पाता था। एक बार कसाब के पिता ने उसे ईद पर नए कपड़े देने से इन्कार भी कर दिया, जिससे कसाब की झल्लाहट और बढ़ गई। अभाव को ख़त्म करने के लिए ही कसाब आतंक की राह पर निकल पड़ा।

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