उत्तर प्रदेश का हरियाणा से रिश्ता और मजबूत हुआ, पुल बनेगा

हरियाणा भवन में एक-दूसरे का स्वागत और सम्मान करते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा
हरियाणा भवन में एक-दूसरे का स्वागत और सम्मान करते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एवं हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की उपस्थिति में नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन के सभागार में 10,868 लाख रुपए की परियोजना का यमुना नदी पर सेतु एवं पहुंच मार्ग का निर्माण तथा सुरक्षात्मक कार्य हेतु एम.ओ.यू. (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर सम्पन्न हुए। उत्तर प्रदेश की तरफ से प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग डाॅ. रजनीश दूबे एवं हरियाणा के प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग संजीव कौशल ने एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए।
यह सेतु दोनों प्रदेश सरकारों की संयुक्त परियोजना होगी, जिसका निर्माण उ.प्र. सेतु निगम एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाएगा। इस परियोजना को पूर्ण करने के लिए तीन वर्ष की समय सीमा निर्धारित की गयी है।
हरियाणा भवन के सभागार में एम.ओ.यू. के अन्तर्गत हुए इस करार में परियोजना के निर्माण पर कुल 10,868 लाख रुपए व्यय होंगे। इस सेतु की कुल लम्बाई 667.530 मीटर तथा चैडाई 7.50 मीटर होगी, जबकि सेतु के निमार्ण पर 3,152 लाख रुपए खर्च होगें। दोनों राज्यों द्वारा इसका आधा-आधा व्यय वहन किया जाएगा। इस सेतु के निर्मित हो जाने से राष्ट्रीय राज्य मार्ग संख्या-1 (दिल्ली-अम्बाला-अमृृतसर मार्ग) व उत्तर प्रदेश राज्य के राज्य मार्ग संख्या-57 (दिल्ली-सहारनपुर-यमुनोत्री मार्ग) सीधे जुड़ जाएंगे तथा लाभान्वित ग्रामों को जोड़ने हेतु दूरी लगभग 45 कि.मी. कम हो जाएगी।
उत्तर प्रदेश राज्य की ओर से सेतु तक इस मार्ग की कुल लम्बाई 4200 मीटर होगी। पहुंच मार्ग के निर्माण की लागत 2,298 लाख तथा सुरक्षात्मक कार्य व गाईड बन्ध की लागत 1860 लाख रुपए होगी। इससे बड़ौत, मलकमपुर, छपरौली, चैवली, ओढ़ापुर, बरवाला, सादिकपुर, सिनौली, आदर्श नंगला, बछोड़, हेवा, रमाला, लूम, तुगाना, टाण्डा आदि लगभग 40 ग्राम लाभान्वित होंगे, जबकि हरियाणा राज्य के खोजकीपुर, बिलासपुर, हथवाला, बहौली, सजौली, सम्भालका आदि लगभग 20 ग्राम लाभान्वित होंगे।
इस पुल के बनने से दोनों राज्यों की जहां 40 लाख की आबादी लाभान्वित होगी, वहीं उत्तर प्रदेश व हरियाणा के ग्रामों को जोड़ने की 45 कि0मी0 की दूरी भी कम हो जाएगी।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एम.ओ.यू. पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हरियाणा से सटे जनपदों का आपस में गहरा लगाव है, दोनों प्रदेशों के समीपवर्ती जनपदों का एक-दूसरे के साथ रोटी-बेटी का सम्बन्ध है, लेकिन बीच में यमुना नदी के कारण एक-दूसरे के गांवों में आने-जाने के लिए काफी चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे समय तथा धन दोनों की बर्बादी होती है। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुल निर्धारित अवधि से पूर्व अधिकतम गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने का प्रयास किया जाए। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों से अपील की कि दोनों राज्यों के अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर इस कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय से पहले पूरा करा दें।
हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्दर सिंह हुड्डा ने अखिलेश यादव को महाभारत के कुरुक्षेत्र का एक चित्र भेंट करते हुए कहा कि इस परियोजना को शीघ्र पूरा करने में हर सम्भव सहयोग किया जाएगा।
बैठक में उ.प्र. के कारागार मंत्री राजेन्द्र चौधरी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री राकेश गर्ग, सचिव लो,नि.वि. हरिओम, विशेष सचिव लो.नि.वि. अजय कुमार शुक्ला, मुख्य अभियन्ता लो.नि.वि. ए.के. मिश्रा, प्रबन्ध निदेशक उ.प्र. राज्य सेतु निगम राजन मित्तल, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव अमित गुप्ता तथा हरियाणा सरकार के सम्बन्धित अधिकारी तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण मौजूद रहे।

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