आयुष की हकीकत और पुलिस की कहानी में भेद

– पुलिस की कहानी पर कोई नहीं कर पा रहा विश्वास

– बदमाशों को फिरौती देकर आयुष के छूटने की चर्चा 

अपहृत छात्र आयुष
अपहृत छात्र आयुष

बरेली से अपहृत आयुष के छूटने की कहानी किसी के गले नहीं उतर रही। आयुष की हकीकत और पुलिस की कहानी में भेद होने के कारण यह चर्चा आम तौर पर होने लगी है कि अपहृताओं ने आयुष को रूपये लेकर ही छोड़ा है।

आयुष को बरेली से 18 फरवरी को बहनों के साथ स्कूल से घर लौटते समय दिनदहाड़े बदमाश रिक्शे से उतार कर ले गये थे। आयुष की सकुशल बरामदगी को लेकर पुलिस पर चारों तरफ से दबाव था, लेकिन पुलिस इधर-उधर हाथ-पैर मारने से अधिक कुछ नहीं कर पा रही थी, इसी बीच आज सोमवार की सुबह यह खबर आई कि बदमाश अलापुर थाना क्षेत्र में आयुष को छोड़ कर भाग गये। आयुष का कहना है कि एक भैया (बदमाश) ने बाइक पर बैठाने से पहले कहा था कि तुम्हें पुलिस चौकी के पास छोड़ देंगे और वहां से पुलिस तुम्हें घर ले जायेगी, वहीं पुलिस का कहना है रोज की तरह पुलिस चेकिंग कर रही थी, जिससे घबरा कर बदमाश आयुष को छोड़ कर भाग गये। आयुष के अनुसार बदमाश लाल रंग की पल्सर बाइक पर बैठा कर लाये और उसे उतार कर चले गये।

आयुष से बात करते पुलिस अधिकारी
आयुष से बात करते पुलिस अधिकारी

आयुष के बयान से साफ़ है कि बदमाश उसे छोड़ने का इरादा पहले ही बना चुके थे, तभी बदमाशों ने आयुष से कहा था कि उसे पुलिस चौकी के पास उतार देंगे। आयुष को बरामद करने में नाकाम पुलिस बेवजह श्रेय लेने का प्रयास कर रही है, वहीं अपुष्ट सूत्रों का कहना है कि आयुष गुजरी रात बदायूं शहर में ही किसी स्थान पर था और वहीं उसे छोड़ने का प्लान तैयार किया गया। सब कुछ बदमाशों के प्लान के अनुसार ही हुआ है, तो ऐसा कैसे हो सकता है कि बदमाशों ने रूपये लिए बिना ही आयुष को छोड़ दिया हो। सवाल यह भी है कि बदमाशों के बारे में पुलिस को जानकारी थी और बदमाशों पर पुलिस का दबाव भी था, तो पुलिस के हाथ एक भी बदमाश क्यूं नहीं लगा, साथ ही अब आयुष छूट गया है, तो पुलिस अब बदमाशों को क्यूं नहीं पकड़ पा रही?

आयुष के छूटने के बाद पुलिस श्रेय लेने का तो पूरा प्रयास करती नज़र आ रही है, लेकिन पुलिस यह दावा अब भी नहीं कर रही कि वह बदमाशों को पकड़ पायेगी, साथ ही पुलिस यह भी नहीं कह रही कि वह आयुष के अपहृताओं को पकड़ने का प्रयास करेगी।

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