आतंकियों से मुकदमे वापस लेने पर कोर्ट सख्त

– इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माँगा जवाब।

इलाहबाद हाईकोर्ट ने सरकार से माँगा जवाब

वाराणसी में हुए आतंकी हमले के आरोपियों से मुकदमा वापस लेने के उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सवाल उठा दिया है। कड़ी टिप्पणी करते हुए अदालत ने पूछा है कि अदालत में विचाराधीन मुकदमा किन कारणों से सरकार वापस लेना चाहती है। अदालत ने यह भी पूछा कि क्या सरकार के इस फैसले से आतंकवादियों को बढ़ावा नहीं मिलेगा? 27 नवंबर की तिथि निश्चित करते हुए अदालत ने राज्य सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है।

वाराणसी के संकटमोचन मंदिर, रेलवे स्टेशन व दशाश्वमेध घाट पर हुए आतंकी हमले में तमाम लोग प्रभावित हुए थे, इसी तरह रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर भी आतंकी हमला हुआ था। राज्य सरकार कुछ आरोपियों को निर्दोष मानती है और उनके मुकदमे वापस लेना चाहती है, इस पर नित्यानंद चौबे नाम के एक व्यक्ति ने याचिका दाखिल कर सरकार के फैसले पर सवाल खड़ा कर दिया। वाराणसी निवासी याची का कहना है कि कौन आतंकी है, यह कोर्ट तय करेगी? सरकार को कोर्ट की कार्यवाही में हस्तक्षेप करने व मुकदमे वापस लेने का अधिकार नहीं है। इसी मामले में कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है।

 

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