आक्रोशित भीड़ ने की मुख्यमंत्री के साथ धक्कामुक्की

– डीजीपी के ऊपर फेंकी चूड़ियों व चप्पलों की माला

– मुख्यमंत्री अखिलेश ने की सीबीआई जांच की घोषणा

आक्रोशित भीड़ ने की मुख्यमंत्री के साथ धक्कामुक्की
आक्रोशित भीड़ ने की मुख्यमंत्री के साथ धक्कामुक्की

देवरिया के गाँव नूनखार में शहीद डीएसपी जिया उल हक के परिजनों से संवेदना व्यक्त करने पहुंचे अफसरों और मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री तक को भारी जनाक्रोश का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री वापस जाओ और शर्म करो-शर्म करो के नारे लगाती भीड़ ने मुख्यमंत्री के साथ अभद्रता भी कर दी।

डीएसपी जिया उल हक का शव रविवार रात देवरिया के गाँव नूनखार पहुंचा। रात से ही गांव में भीड़ जुटने लगी थी, साथ ही गाँव की ओर अफसर और नेता भी उमड़ पड़े। कैबिनेट मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी, प्रमुख सचिव गृह आरएम श्रीवास्तव और डीजीपी एसी शर्मा संवेदना जताने गांव नूनखार पहुंचे, तो नारेबाजी करते हुए महिलाओं ने डीजीपी एसी शर्मा पर चूड़ियां और चप्पलों की माला फेंक दी, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके बावजूद मंत्री, प्रमुख सचिव एवं डीजीपी ने मांग स्वीकार करने का आश्वासन दिया, पर दिवंगत की पत्नी परवीन आजाद मुख्यमंत्री के न आने तक शव न उठाने देने पर अड़ गईं और धरने पर बैठ गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। घबराए अफसरों ने मुख्यमंत्री को इस सबकी सूचना दी, तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गांव आने का निर्णय ले लिया। आजम खां के साथ गाँव पहुंचे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विरुद्ध आक्रोशित भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी। अफरा-तफरी के माहौल में भीड़ ने मुख्यमंत्री के साथ अभद्रता भी कर दी, पर मुख्यमंत्री ने माहौल के विपरीत सहजता से परिजनों से बात करते हुए पचास लाख रूपये की आर्थिक सहायता के साथ सीबीआई जांच कराने का आश्वासन दिया।

उल्लेखनीय है कि प्रतापगढ़ जिले में कुंडा तहसील क्षेत्र के गाँव बलीपुर में शनिवार देर शाम ग्राम प्रधान नन्हे यादव और उसके भाई सुरेश यादव की हत्या हो गई थी। इसके बाद हुए संघर्ष में डीएसपी जिया उल हक को भी मार दिया गया था। इस घटना में आठ पुलिसकर्मी घायल हुए थे एवं प्रदेश सरकार में मंत्री राजा भैया पर सीओ की हत्या के षड्यंत्र का आरोप है।

 

कुंडा इंस्पेक्टर के साथ तीन पुलिस कर्मी निलंबित

शहीद उपाधीक्षक जिया उल हक को छोड़कर भागने वाले 8 पुलिस कर्मियों के विरुद्ध शासन ने कार्रवाई की है। कुंडा थाने के प्रभारी निरीक्षक सर्वेश मिश्रा, वरिष्ठ उप निरीक्षक विनय कुमार और शहीद डीएसपी के गनर इमरान को निलंबित कर दिया गया है। अन्य पांच पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय जांच करने के आदेश दिए गये हैं।

शाही इमाम ने पढ़ी फातिहा

मुख्यमंत्री के जाने के बाद शाम करीब साढ़े छह बजे शहीद डीएसपी का जनाजा उठा, जिसमें भारी संख्या में लोग शामिल हुए। शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी भी पहुंचे और उन्होंने स्वयं फातिहा पढ़ी।