अश्वेत ओबामा का अतीत भी अश्वेत

अश्वेत ओबामा का अतीत भी अश्वेत

भारतीय समाज प्रेम विवाह को मान्यता नहीं देता। विवाह पूर्व शारीरिक संबंधों को स्वीकारने का तो सवाल ही नहीं उठता, ऐसे में कोई महिला विवाह पूर्व गर्भवती हो जाये और संतान जन्म भी ले ले, तो भारत के लोग आज भी ऐसी संतान को पाप ही कहते हैं। भारतीय समाज के नजरिये से देखा जाये, तो अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा साक्षात् पाप ही हैं। 

अमेरिका के राष्ट्रपति को दुनिया में सर्वाधिक शक्तिशाली इंसान का दर्जा प्राप्त है, लेकिन धरती के सबसे शक्तिशाली इंसान की छवि के अनुरूप वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा दूर तक नजर नहीं आते। अमेरिका के शक्तिशाली राष्ट्रपति को व्यवहारिक दृष्टि से रॉयल दिखना चाहिए, जबकि बराक ओबामा चेहरे से ही निम्न स्तरीय समाज की पैदाइश और दरिद्र नजर आते हैं।

आयें भी क्यूं न, उनकी पैदाइश और पालन-पोषण ऐसे ही परिवेश में हुआ है, जिसे भारतीय समाज में आज भी कोई जगह नहीं दी जाती। बराक ओबामा के पिता बराक ओबामा सीनियर और उनकी मां एन डनहम का विवाह 2 फरवरी 1961 को हुआ था और बराक ओबामा का जन्म 4 अगस्त 1961 को विवाह के मात्र छ: माह के अंतराल पर ही हो गया। जाहिर है कि, बराक ओबामा की मां के गर्भवती हो जाने के कारण ही बराक ओबामा सीनियर ने दबाव में विवाह किया होगा, क्योंकि उनका इरादा विवाह करने का होता, तो पहले ही करते। एन डनहम के गर्भवती होने के बाद तीन महीने का इंतजार न करते। ऐसी संतान को भारत में आज भी सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता। ऐसी परिस्थितियों में जन्म लेने वाली संतान को भारत में पाप कहा जाता है और उस महिला के साथ, उस महिला से संबंधित पूरे परिवार का ही भारतीय समाज बष्हिकार कर देता है। भारतीय समाज की दृष्टि से देखा जाये, तो बराक ओबामा धरती पर चलते-फिरते इंसान के रूप में साक्षात् पाप ही हैं, साथ ही उनके केन्या निवासी पिता बराक ओबामा सीनियर बेहद गरीब तबके से ताल्लुक रखने वाले व्यक्ति थे। भेड़ें चरा कर आजीविका चलाने वाले बराक ओबामा सीनियर स्कॉलरशिप के सहारे हवाई पढऩे चले गये, जहां उनका एन डनहम से प्रेम संबंध स्थापित हुआ और विवाह पूर्व ही शारीरिक संबंध भी हो गया। बराक ओबामा को दरिद्रता के जीन पिता द्वारा खून से ही मिले हैं, जो चेहरे से स्पष्ट झलकते हैं।

बराक ओबामा की मां के गर्भवती होने के कारण दबाव में बराक ओबामा सीनियर ने विवाह किया, इसलिए वैवाहिक संबंध अधिक दिनों तक नहीं चले और दोनों के बीच तलाक हो गया। बराक ओबामा की मां ने इंडोनेशिया के लोलो स्वेटोरो के साथ पुन: विवाह कर लिया, लेकिन लोलो स्वेटोरे ने बराक ओबामा को हमेशा पाप के रूप में ही देखा और पिता वाला प्रेम कभी नहीं दिया, साथ ही वह बराक ओबामा से खुलेआम घृणा भी करता था, जिससे चिंतित मां ने बराक ओबामा को नाना-नानी के पास हवाई भेज दिया, जहां बराक ओबामा ने शुरूआती पढ़ाई की, लेकिन माता-पिता की गलती को उन्होंने यहां भी बराबर झेला। शायद, उसी पाप के दाग को धोने के लिए उन्होंने कुछ कर गुजरने का संकल्प अपने मन में ले रखा था, जिसके परिणाम स्वरूप वह आज धरती के सर्वाधिक शक्तिशाली व्यक्ति हैं। खैर, जो भी हो, ऐसी संतानों के लिए आदर्श हैं बराक ओबामा, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में संघर्ष की एक नई मिसाल कायम की है और आज अश्वेतों से घृणा करने वाले श्वेतों पर राज कर रहे हैं।  बराक ओबामा को परिस्थितियों ने एक शातिर दिमाग इंसान भी बना दिया। भारत दौरे के दौरान उनके शातिर दिमाग का कमाल भी देखने को मिला। संघर्षरत भारत की मदद करने के बजाय, वह अमेरिका के लिए ही अपनी झोली भर ले गए। इससे साफ है कि वह अपने फायदे के लिए कुछ भी कर सकते हैं, क्योंकि भारत से लाभ लेने की मंशा के तहत ही उन्होने भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की व्यक्तिगत तौर पर काफी पहले से प्रशंसा शुरू कर दी थी। अमेरिकी दौरे के दौरान मनमोहन सिंह को अपने भोज में बुलाकर भावनात्मक रिश्ता कायम कर लिया, जिससे मनमोहन सिंह उनके फैन हो गए और बराक ओबामा की हाँ में हाँ करने लगे।

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