अल्पसंख्यकों के हित में मंत्रिपरिषद ने लिया बड़ा निर्णय

– राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनोपयोगी योजनाओं में अल्पसंख्यकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से एक योजना संचालित करने का निर्णय: मुख्यमंत्री
– इस योजना के तहत 30 विभागों में संचालित 85 योजनाएं सम्मिलित राज्य सरकार अल्पसंख्यकों के सर्वांगीण विकास के लिए कटिबद्ध
– अल्पसंख्यकों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लक्ष्यों का 20 प्रतिशत मात्राकृत करते हुए लाभान्वित किया जाएगा

 

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बताया कि प्रदेश में अल्पसंख्यक समुदाय (मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, बौद्ध, पारसी एवं जैन) के सर्वांगीण विकास के लिये प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। अल्पसंख्यक समुदाय की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक पिछड़ेपन की स्थिति के दृष्टिगत यह आवश्यकता अनुभव की जा रही थी कि उन्हें भी अन्य वर्गो की भांति सभी प्रकार की सुविधायें इस प्रकार सुलभ करायी जाये कि वे भी पिछड़ेपन से मुक्त होकर समाज की मुख्य धारा में आ सकें।

ज्ञातव्य है कि भारत सरकार द्वारा गठित सच्चर समिति द्वारा विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन के उपरान्त केन्द्र सरकार को जो रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी, उसके अनुसार भारत की कुल आबादी में 22.7 प्रतिशत आबादी गरीब है और इस गरीब आबादी में अल्पसंख्यक समुदाय विशेषकर मुस्लिम समुदाय की संख्या अधिक है। शहरी क्षेत्रों में भी लगभग 38.4 प्रतिशत अल्पसंख्यक विशेषकर मुसलमान अन्य वर्गों की तुलना में पिछड़े हैं। यह प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से भी अधिक है। यह भी पाया गया कि शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का लाभ अल्पसंख्यक समुदाय विशेषकर मुस्लिम समुदाय को उनकी जनसंख्या के अनुपात में बहुत कम मात्रा में प्राप्त हो रहा है और उनके लिये अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उन्नयन हेतु चलाये जा रहे निश्चित कार्यक्रम के अनुसार कोई कार्यक्रम भी नहीं है। सच्चर समिति द्वारा इस आशय की भी संस्तुति की गयी है कि इस प्रकार की योजनायें बनायी जानी चाहिये, जो अल्पसंख्यक समुदाय को समाज के अन्य वर्गों की बराबरी में ला सकें। राज्य की जनसंख्या में अल्पसंख्यकों की आबादी के प्रतिशत के दृष्टिगत इनके शैक्षिक, सामाजिक तथा आर्थिक उन्नयन के बिना उत्तर प्रदेश का सर्वांगीण विकास पूर्ण नही हो पायेगा। अतः इस उद्देश्य की पूर्ति के लिये इनका विकास आवश्यक है।
श्री यादव ने कहा कि वर्ष 2001 की जनगणना के आधार पर उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यक आबादी 19.33 प्रतिशत है। देश में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वालों में अल्पसंख्यकों की आबादी लगभग 25 प्रतिशत है। किसी भी देश अथवा प्रदेश का सर्वांगीण विकास तभी सार्थक माना जा सकता है, जबकि उसमें निवास करने वाले सभी वर्गों को विकास के समान अवसर उपलब्ध हों और सभी समुदाय विकास की दृष्टि से समता पर आधारित हों। इसीलिये यह आवश्यक है कि अल्पसंख्यक समुदाय, जो कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के समान शैक्षिक, सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से अत्यन्त पिछड़ा है, को सभी क्षेत्रों में उन्नति का समान अवसर देते हुये एक निश्चित योजना तैयार की जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चर समिति की सिफारिशों के अनुरूप अल्पसंख्यक समुदाय का सर्वांगीण विकास करके उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए, प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न प्रकार की जनोपयोगी योजनाओं में अल्पसंख्यकों को उनका वाजिब हक दिलाने के लिये उनकी जनसंख्या के आधार पर विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत लक्ष्यों का 20 प्रतिशत उनके लिये मात्राकृत करते हुये लाभान्वित करने के उद्देश्य से एक योजना संचालित किये जाने का निर्णय आज मंत्रिपरिषद द्वारा लिया गया है। इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 30 विभागों में संचालित 85 योजनाओं को सम्मिलित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्थानीय क्षेत्र विशेष के विकास हेतु ऐसी योजनायें, जो कि विशेष आबादी/क्षेत्र/वार्ड/ग्राम/बसावट को लाभान्वित करती है, में अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी को दृष्टिगत रखते हुये मात्राकरण किये जाने का निर्णय लिया गया है। इस हेतु मात्राकृत अंश से योजना ऐसे क्षेत्रों में लागू किया जाना प्रस्तावित है, जहां अल्पसंख्यक आबादी का अनुपात कम से कम 25 प्रतिशत है। जैसे हैण्डपम्पों की स्थापना, आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थापना, ग्रामीण सम्पर्क मार्ग व अन्य ग्रामीण अवस्थापनाओं का निर्माण आदि। इसके अतिरिक्त व्यक्तिगत लाभार्थीपरक योजनायें, जिसके अन्तर्गत व्यक्ति विशेष को आर्थिक लाभ अथवा विकास का अवसर प्रदान किया जाता है, को भी सम्मिलित किया गया है। उदाहरण स्वरूप विभिन्न सामाजिक पेंशन योजनायें, ग्रामीण एवं शहरी गरीबों के लिये आवास, कन्या विद्याधन, निःशुल्क बोरिंग आदि। ऐसी योजनायें, जो सार्वजनिक एवं समस्त जनसंख्या को आच्छादित करती हैं, विस्तृत हैं एवं बहुत बड़े क्षेत्र के विकास के लिये बनायी गयी हैं, उनको इस योजना से पृथक रखा गया है। जैसे-हाइवे, ओवर ब्रिज, नहरें, सड़कें, पावर जनरेशन, विश्वविद्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, नियमित टीकाकरण तथा जननी सुरक्षा योजना आदि। इस योजना में अल्पसंख्यकों के लिये किसी भी योजना के मापदंडों/मानकों तथा पात्रता शर्तों में किसी प्रकार का परिवर्तन अथवा छूट की परिकल्पना नहीं की गयी है। इस योजना से आच्छादित होने वाली विभिन्न योजनाओं के मानक, पात्रता शर्तें, मूल योजनाओं के प्राविधानों के अनुसार ही रहेंगी।
अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिये संचालित की जाने वाली इस योजना के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण के लिए की गई व्यवस्था की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि शासन स्तर पर मुख्य सचिव तथा जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं उसका प्रभाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दोनों समितियों में 2-2 अल्पसंख्यक सदस्य भी नामित किए जाएंगे। प्रस्तावित योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर एक अतिरिक्त वेबसाइट हिन्दी एवं उर्दू भाषा में अपलोड की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित नई योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले लाभों को प्रचारित करने के लिए केवल कम्प्यूटर, इलेक्ट्राॅनिक मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से ही नहीं बल्कि सार्वजनिक भवनों जैसे- स्कूल, अस्पताल, तहसील, बस अड्डों तथा रेलवे स्टेशन पर आकर्षक एवं गुणवत्तापरक पोस्टर तथा हैण्डबिल के माध्यम से भी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कराया जाएगा।
लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना हेतु दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा तैयार की गई संशोधित डीपीआर अनुमोदित
मंत्रिपरिषद की बैठक में लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना हेतु दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन लि0 (डी0एम0आर0सी0) द्वारा माह जुलाई, 2013 में प्रस्तावित संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डी0पी0आर0) का सैद्धान्तिक अनुमोदन किया गया। इस विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डी0पी0आर0) में भारत सरकार के परामर्श अथवा अन्य कारणों से भविष्य में किए जाने वाले संशोधन अथवा परिवर्तनों हेतु मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
यह निर्णय भी लिया कि डी0एम0आर0सी0 द्वारा प्रस्तुत संशोधित डी0पी0आर0 में से प्राथमिकता के आधार पर प्रथम चरण में नार्थ-साउथ कारिडोर्स (एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया) का क्रियान्वयन किया जाएगा। प्रस्तावित नार्थ-साउथ कारिडोर्स के क्रियान्वयन में आने वाली व्यवहारिक कठिनाईयों को देखते हुए निर्णय लेने के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2013-14 के बजट भाषण मंे लखनऊ नगर की यातायात समस्या के निराकरण हेतु पब्लिक ट्रान्सपोर्ट सिस्टम के रूप में मेट्रो रेल परियोजना का क्रियान्वयन किये जाने की घोषणा की गयी। यद्यपि लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन लि0 द्वारा वर्ष 2011 में ही उपलब्ध करा दी गयी थी परन्तु तत्समय इस परियोजना के सम्बन्ध में कोई निर्णय नहीं लिया गया। मुख्यमंत्री द्वारा की गयी घोषणा को मूर्तरूप देने के लिये आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के अन्र्तगत कार्यरत मेट्रो सेल सतत् प्रयत्नशील है। दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन लि0 द्वारा इस सम्बन्ध में संशोधित डी0पी0आर0 प्रस्तुत किया गया था, जिसका अनुमोदन मुख्य सचिव, उ0प्र0 शासन की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा किया जा चुका है। इस डी0पी0आर0 पर भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारियों से समय-समय पर चर्चा की गयी है। भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा इस डी0पी0आर0 में कतिपय संशोधन की अपेक्षा की गई। भारत सरकार को स्वीकार्य डी0पी0आर0 को इस माह के अन्त तक अन्तिम रूप दे दिया जायेगा।
लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण, संचालन एवं अनुरक्षण के लिये वैधानिक आवरण प्रदान किये जाने हेतु ़लखनऊ मेट्रोपोलिटन एरिया में केन्द्र सरकार द्वारा अधिनियम मेट्रो रेल अधिनियम को विस्तारित करने हेतु शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार को प्रस्ताव प्रेषित किया जा चुका है। लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन (एल.एम.आर.सी.) की स्थापना हेतु मेमोरेन्डम आफ एसोसिएशन तथा आर्टिकल्स आॅफ एसोसिएशन तैयार है तथा लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन का गठन किया जा रहा है।
लखनऊ मेट्रो रेल कार्पोरेशन (एल.एम.आर.सी.) के ‘लोगो’ की डिजाइन में जन साधारण की सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु जन साधारण से लोगो के डिजाइन प्राप्त किये गये थे। सर्वोत्तम लोगो को पुरस्कृत भी किया जायेगा। लोगो के डिजाइन में जन साधारण द्वारा अत्यधिक रूचि दिखाई गयी है। निर्धारित अवधि में 1500 से अधिक व्यक्तियों द्वारा लगभग 3000 प्रस्ताव उपलब्ध कराये गए। शीध्र ही चयनित लोगो को सार्वजनिक किया जाएगा।
मेट्रो रेल परियोजना के विस्तृत डिजाइन हेतु अंतरिम कन्सलटेन्ट का चयन किया जाना है। इस सम्बन्ध में दो विशेषज्ञ संस्थानों, भारत सरकार के उपक्रम ’राइटस’ तथा ‘डी0एम0आर0सी0’ से प्रस्ताव मांगा है। इस माह के अंत तक प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण कर किसी एक संस्था को अंतरिम कन्सलटेन्ट के रूप में चयनित कर लिया जायेगा।
मेट्रो रेल परियोजना हेतु प्रथम चरण में निर्मित किये जाने वाले नार्थ-साउथ काॅरिडोर (एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया) के डिपो का डिजाइन डी0एम0आर0सी0 द्वारा तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में संशोधित डी0पी0आर0 में प्रस्तावित कारिडोर्स के अतिरिक्त वैकल्पिक काॅरिडोर्स यथा मिल रोड, तुलसीदास मार्ग, सुभाष मार्ग, गोमती नगर व रिंग मेट्रो के प्रथम चरण की ‘टेक्नोफिजिबिलिटी स्टडी’ कराने हेतु दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन को कार्यादेश जारी किया जा चुका है।
वर्ष 2011 में प्रस्तुत मूल डी0पी0आर0 का पुनर्परीक्षण किया जा चुका है। प्रथम चरण में नार्थ-साउथ काॅरिडोर (एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया) के भूमिगत भाग को 7.5 किमी0 से कम करते हुए इसे लगभग 3.5 किमी0 (चारबाग से हजरतगंज) किया गया। इससे परियोजना लागत में 1000 करोड़ रुपए की कमी सम्भावित है। लखनऊ मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के अनुसार नार्थ-साउथ कारिडोर (एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया) की कुल लम्बाई 22.878 किमी0 है, जिसमें से 3.44 किमी0 भूमिगत है। इस काॅरिडोर में कुल 22 स्टेशन होंगे, जिसमें से 03 स्टेशन भूमिगत तथा 19 स्टेशन एलिवेटेड होंगे।
इस कारिडोर पर वर्ष 2020 में प्रतिदिन 6.45 लाख यात्रियों के चलने का अनुमान है। इस काॅरिडोर पर वर्ष 2020 में ‘पीक आवर पीक डायरेक्शन ट्रैफिक’ (पीएचपीडीटी) 20976 होगी। मेट्रो रेल स्टैण्डर्ड गेज (1435 मिमी0) पर चलेगी तथा इसमें सामान्यतः 6 कोच की एक रेक होगी, जिसकी यात्री क्षमता 1574 होगी। मेट्रो रेल प्रारम्भ में 7 से 14 मिनट के अन्तराल पर चलेगी, जो कि यात्रियों की संख्या बढ़ने पर कालान्तर में 2 से 4 मिनट के अन्तराल पर चलेगी। मेट्रो रेल की औसत रफ्तार 32 से 34 किमी0 प्रति घंटा होगी तथा यह प्रातः 5.00 बजे से मध्य रात्रि तक चलेगी। नार्थ-साउथ काॅरिडोर के निर्माण में 6757 करोड़ रुपए व्यय होने का अनुमान है। भारत सरकार से अनिवार्य अनुमोदन एवं वित्त पोषण प्राप्त करने के हर सम्भव प्रयास किए जा रहे हैं, क्योंकि तभी इस काॅरिडोर का निर्माण लक्षित दिसम्बर, 2013 में प्रारम्भ किया जा सकेगा। इस कारिडोर पर मेट्रो ट्रेन का संचालन दिसम्बर, 2016 तक सम्भावित है।
मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्वयन से यात्रा में लगने वाले समय में बचत, व्यक्तिगत रूप से प्रयोग किए जाने वाले वाहनों की संख्या में कमी, इन वाहनों से उत्सर्जित होने वाली प्रदूषणकारी गैस में कमी, सड़क दुर्घटनाओं में कमी तथा पेट्रोलियम पदार्थों की बचत होगी।
मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय
1- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-
राज्य विधान मण्डल का आगामी सत्र 16 सितम्बर को आहूत किए जाने का प्रस्ताव स्वीकृत मंत्रिपरिषद ने राज्य विधान मण्डल के दोनों सदनों का आगामी सत्र 16 सितम्बर, 2013 को आहूत किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
2- संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों के लिए संविदा राशि निर्धारित करने का फैसला
3- मंत्रिपरिषद ने राजकीय विभागों में संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों को सम्बन्धित पद पर अनुमन्य वेतन बैण्ड एवं ग्रेड वेतन का न्यूनतम तथा उस पर समय-समय पर देय महंगाई भत्ते के समान धनराशि संविदा राशि निर्धारित करने का फैसला किया है। साथ ही, उक्त कार्मिकों को आकस्मिक अवकाश तथा महिला कर्मचारियों को प्रसूति अवकाश की सुविधा अनुमन्य कराने की व्यवस्था की है। इस निर्णय से लगभग 1000 कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
4- वेतन समिति (2008) को मानदेय/दैनिक वेतन/संविदा कर्मचारियों के नीति-निर्धारण हेतु विशिष्ट रूप से संदर्भित प्रकरण पर समिति द्वारा 30 सितम्बर, 2011 को संस्तुतियां उपलब्ध कराई गई थीं। इसके साथ ही, समिति द्वारा सेवा प्रदाता के माध्यम से लिए जाने वाले कार्यों के भुगतान के सम्बन्ध में सुझाव भी दिया गया था। उक्त संस्तुतियों/सुझाव को कतिपय संशोधन के साथ मंत्रिपरिषद ने स्वीकार कर लिया है।
5- समिति द्वारा दिए गए सुझाव पर लिए गए निर्णय के अनुसार कार्मिक विभाग द्वारा आउटसोर्सिंग के माध्यम से सेवाएं प्राप्त करने के संदर्भ में सामान्य नीति निर्धारित करते हुए तद्क्रम में वेतन समिति की भुगतान सम्बन्धी संस्तुति पर विचार किया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा में नाइट सफारी परियोजना का प्रस्ताव मंजूर
मंत्रिपरिषद ने ग्रेटर नोएडा में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर आधारित नाइट सफारी परियोजना का निर्माण किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। परियोजना पर संभावित समस्त व्यय भार ग्रेटर नोएडा अथारिटी द्वारा स्वयं वहन किया जाएगा।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश को पर्यटन केन्द्र के रूप में अन्तर्राष्ट्रीय मानचित्र में स्थापित करने, पर्यावरण को संरक्षित रखने एवं वन्य जीवों के प्रति जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा नाइट सफारी विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया। यह परियोजना क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पर्यटकों को आकर्षित करने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगी। भारत में इस प्रकार की यह प्रथम परियोजना इस क्षेत्र मंे विकसित की जाएगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य वन्य जीवों का संरक्षण तथा उनके प्रति जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ मनोरंजन एवं वन्य जीवों का कल्याण भी है। नाइट सफारी परियोजना में सदाबहार वृक्षों का रोपण भी किया जाएगा।
नाइट सफारी में पर्यटकों को रात्रि में जंगल में जीव-जन्तुओं को देखने का अवसर प्राप्त होगा। जंगल में इस प्रकार की प्रकाश व्यवस्था की जाएगी जो अंधरे में वन्य जीवों के लिए उपयुक्त होगी तथा इस प्रकाश में पर्यटकों द्वारा वन्य जीवों को देखा जा सकेगा। यह परियोजना 102.3 हेक्टेयर भूमि में डिजाइन की गई है तथा इसको विकसित करने की कुल संभावित लागत 678 करोड़ रुपए है। इस क्षेत्र को भविष्य में विकसित करने के लिए
14.9 हेक्टेयर भूमि तथा ग्रीन/हरित बफर हेतु 19.4 हेक्टेयर भूमि आरक्षित रखी गई है। यह परियोजना नाइट सफारी/जू-पार्क, सिंगापुर तथा चीन में स्थापित नाइट सफारी के आधार पर विकसित की जाएगी तथा विश्व में इस प्रकार की चैथी परियोजना होगी। नाइट सफारी में 71 प्रजातियों के वन्य जीवों को संरक्षित किया जाएगा।
इलाहाबाद, आगरा, कानपुर एवं बरेली में नए सिविल एन्क्लेव के निर्माण/वर्तमान सिविल एन्क्लेव के विस्तार/उच्चीकरण हेतु निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने का फैसला
मंत्रिपरिषद ने इलाहाबाद, आगरा, कानपुर एवं बरेली में नए सिविल एन्क्लेव के निर्माण/वर्तमान सिविल एन्क्लेव के विस्तार/उच्चीकरण हेतु निःशुल्क भूमि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, भारत सरकार को उपलब्ध कराने का फैसला किया है। आवश्यक भूमि के अर्जन/क्रय पर होने वाले व्यय को इसी वित्तीय वर्ष में नागरिक उड्डयन विभाग को अनुपूरक मांग के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।
ज्ञातव्य है कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा बमरौली हवाई अड्डे के दक्षिण में लगभग 50 एकड़ भूमि चिन्हित करते हुए नए सिविल एन्क्लेव की योजना बनाई गई है। इसी प्रकार आगरा में संस्था द्वारा 55.29 एकड़ भूमि, कानपुर (चकेरी) में 50 एकड़ एवं बरेली में 25 एकड़ भूमि की मांग की गई है।
लोक सेवाओं और पदों के चयन में राज्य कर्मचारियों को अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट
राज्य कर्मचारियों में अध्ययन को प्रेरित करने, अनुभवी एवं योग्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उनके मनोबल में वृद्धि करने के उद्देश्य से, मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश की लोक सेवाओं और पदों हेतु आयोजित किए जाने वाले चयनों में राज्य के कर्मचारियों को अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट प्रदान करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में अनुदेशकों, कार्यदेशकों एवं प्रधानाचार्यों को सत्रान्त लाभ की सुविधा 
मंत्रिपरिषद ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में अनुदेशकों, कार्यदेशकों एवं प्रधानाचार्यों को कतिपय शर्तों के अधीन सत्रान्त लाभ की सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। व्यासायिक शिक्षा विभाग में शिक्षण कार्य को पूरे शैक्षिक सत्र तक सुचारू ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से, संबंधित अनुदेशकों, कार्यदेशकों एवं प्रधानाचार्यों, जो शैक्षिक सत्र (01 अगस्त से 31 जुलाई) के मध्य अधिवर्षता आयु 60 वर्ष पर सेवानिवृत्त होंगे उन्हें शर्तों के अधीन सत्रान्त लाभ की सुविधा स्वतः अनुमन्य होगी।
ऐसे अनुदेशकों, कार्यदेशकों एवं प्रधानाचार्यों को सत्रान्त लाभ की सुविधा अनुमन्य होगी, जो नेशनल काउंसिल आफ वोकेशनल ट्रेनिंग भारत सरकार की संस्तुतियों के अनुसार कोई विषय नियमित रूप से पढ़ाते हो तथा गत तीन वर्षों में उनका कार्य एवं आचरण संतोषजनक रहा हो। इसके अलावा उनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही, अभियोजन अथवा प्रशासनाधिकरण की जांच लम्बित न हो और उनकी सत्यनिष्ठा संदिग्ध न हो तथा प्रशिक्षण कार्य हेतु वे शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ हो। सत्रान्त लाभ प्राप्त करने हेतु सेवानिवृत्ति की तिथि के दो माह पूर्व विभागाध्यक्ष के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। जिस पर सेवानिवृत्ति की तिथि से पूर्व निर्णय ले लिया जाएगा।
उ0प्र0 मोटरयान (16वां संशोधन) नियमावली, 2013 के आलेख को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश मोटरयान (सोलहवां संशोधन) नियमावली, 2013 के आलेख को मंजूरी प्रदान कर दी है। स्मार्ट कार्ड पर ड्राइविंग लाइसेन्स की द्वितीय प्रति जारी किए जाने हेतु फीस निर्धारित करने, बसों में स्लीपर लगाए जाने का प्राविधान किए जाने तथा मोटरयान कानून के उल्लंघन की दशा में, वाहनों के निरुद्ध किए जाने हेतु परिबन्धन (इम्पाउंडिंग) स्थल निर्धारित करने के लिए नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए अन्य प्रमुख निर्णय 

1- स्मार्ट कार्ड पर ड्राइविंग लाइसेंस की द्वितीय प्रति जारी करने के लिए फीस का निर्धारण करने, बसों पर स्लीपर लगाए जाने का प्राविधान किए जाने तथा निरुद्ध किए जाने वाले वाहनों हेतु स्थान निर्धारित करने हेतु उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998 में संशोधन का निर्णय।
2- रेडियो टैक्सी के किराया निर्धारण प्रस्ताव को मंजूरी।
3- उत्तर प्रदेश राज्य विधानमण्डल (सदस्यों को वायुयान द्वारा यात्रा की सुविधा) नियमावली-1988 में संशोधन का निर्णय।
4- राज्य विधानमण्डल के दोनों सदनों के आगामी सत्र को 16 सितम्बर, 2013 से आहूत करने हेतु प्रस्ताव स्वीकृत।
5- प्रदेश में क्रियान्वित की जाने वाली सड़कों/एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के लिए आपसी समझौते से भूमि अधिग्रहण करने तथा प्रतिकर निर्धारित करने के प्रस्ताव को मंजूरी।
6- जनपद इलाहाबाद, आगरा, कानपुर नगर एवं बरेली में नए सिविल एन्क्लेव के निर्माण/वर्तमान सिविल एन्क्लेव के निर्माण एवं उच्चीकरण हेतु आवश्यक भूमि निःशुल्क रूप से क्रय/अर्जन करके भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, भारत सरकार को उपलब्ध कराने का फैसला।
7- ग्रेटर नोएडा में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर आधारित नाइट सफारी परियोजना को मंजूरी।
8- मंत्रिपरिषद ने राजकीय विभागों में संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों को सम्बन्धित पद पर अनुमन्य वेतन बैण्ड एवं ग्रेड वेतन का न्यूनतम तथा उस पर समय-समय पर देय महंगाई भत्ते के समान धनराशि संविदा राशि निर्धारित करने का फैसला किया है। साथ ही, उक्त कार्मिकों को आकस्मिक अवकाश तथा महिला कर्मचारियों को प्रसूति अवकाश की सुविधा अनुमन्य कराने की व्यवस्था की है। इस निर्णय से लगभग 1000 कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
9- सरकारी/अर्द्धसरकारी विभागों/निगमों आदि द्वारा की जा रही खरीददारी एवं इन विभागों/निगमों द्वारा की जा रही आपूर्ति/बिक्री के सम्बन्ध में उ0प्र0 मूल्य संवर्धित कर अधिनियम के तहत स्रोत पर
10- प्रतिशत की दर से कटौती करने का फैसला।
11- राज्य के प्रमुख जिला मार्गों के उच्चीकरण की कुल सम्भावित परियोजना लागत 3092.60 करोड़ रुपये के सापेक्ष 2165 करोड़ रुपये की धनराशि एशियाई विकास बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त करने की सैद्धांतिक मंजूरी।
12- राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में अनुदेशकों, कार्यदेशकों एवं प्रधानाचार्यों को शर्तों के अधीन सत्रांत लाभ की सुविधा।
13- राज्याधीन लोक सेवाओं और पदों पर सीधी भर्ती के प्रक्रम पर राज्य कर्मचारियों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट प्रदान करने का फैसला।
14- लखनऊ मैट्रो रेल परियोजना हेतु दिल्ली मैट्रो रेल कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा तैयार की गई संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डी0पी0आर0) अनुमोदित।
15- प्रदेश के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित की जा रहीं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अल्पसंख्यकों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अनुमन्य कराने का फैसला।
16- लखनऊ नगर में फैजाबाद रोड पर पालीटेक्निक चौराहे के चौड़ीकरण हेतु राजकीय पालीटेक्निक लखनऊ की भूमि लोक निर्माण विभाग को निःशुल्क उपलब्ध कराने का निर्णय।

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