अखिलेश ने किया करोड़ों की परियोजनाओं का शिलान्यास

उत्तर प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को लगभग 5910 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस अवसर पर गांवों के विकास के लिए 250 करोड़ रुपए की जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना का भी शुभारम्भ किया, साथ ही आठ विभागों की 26 सेवाओं को ई-डिलीवरी के माध्यम से प्राप्त कराने के लिए स्टेट पोर्टल की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की नाराजगी दूर करने की बात कही।
लखनऊ में पाँच कालीदास मार्ग पर स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा सार्वजनिक एंव निजी-सहभागिता से प्रदेश के चार महत्वपूर्ण मार्गों को विकसित किए जाने के कार्य, लखनऊ विकास प्राधिकरण के तीन रेल उपरिगामी सेतुओं और राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद की तीन विशिष्ट मण्डियों, 111 ग्रामीण अवस्थापना केन्द्रों के साथ नौ एग्रीकल्चरल मार्केटिंग हबों का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने आज लगभग 5305 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मॉडल के आधार पर दिल्ली-सहारनपुर-यमुनोत्री मार्ग (प्रदेश सीमा तक), वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग (हाथी नाला तक), मेरठ-करनाल मार्ग (प्रदेश सीमा तक), बरेली-अल्मोड़ा-बागेश्वर मार्ग (प्रदेश सीमा तक) का शिलान्यास किया। इसके अतिरिक्त लखनऊ नगर में पुरनिया चौराहे के पास रेल समपार संख्या-07 तथा एनएच-56 के रेल समपार संख्या-208ए पर अर्जुनगंज के पास चार लेन के अलावा डालीगंज एवं मोहिबुल्लापुर रेलवे स्टेशनों के बीच समपार संख्या-6ए पर तीन लेन का रेल उपरिगामी सेतु (आरओबी) का शिलान्यास भी किया। इन तीनों आरओबी के निर्माण में लगभग 170 करोड़ रुपये का व्यय संभावित है। इसी के साथ उन्होंने राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद् द्वारा प्रस्तावित लगभग 435 करोड़ रुपये लागत के 03 विशिष्ट मण्डी स्थलों, 111 ग्रामीण अवस्थापना केन्द्रों तथा नौ एग्रीकल्चरल मार्केटिंग हबों का शिलान्यास भी किया। 250 करोड़ रुपये की जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना का शुभारम्भ तथा लगभग 09 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नवीन मण्डी स्थल टूण्डला, फिरोजाबाद का लोकार्पण भी उन्होंने किया। उन्होंने टूण्डला, फिरोजाबाद में निर्मित नवीन मण्डी स्थल का लोकार्पण भी किया। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए युवा मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के दौरान उनकी पार्टी ने जनता से प्रदेश को विकास के मार्ग पर आगे ले जाने का वायदा किया था। विश्वास करते हुये प्रदेश की जनता ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का ऐतिहासिक फैसला दिया। श्री यादव ने पिछली समाजवादी पार्टी की सरकार द्वारा प्रदेश के राजमार्गों के विकास, अनुरक्षण एवं प्रबन्ध के लिए गठित उपशा का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने जनपद मुख्यालयों को चार लेन की सड़कों से जोड़ने का निर्णय लिया है। पिछली सपा सरकार में बेतवा, चम्बल, गंगा, यमुना, घाघरा आदि नदियों पर ऐसे स्थानों पर पुल बनाए, जबकि स्थानीय जनता कभी पुल का निर्माण होने की कल्पना भी नहीं करती थी। पिछली बसपा सरकार ने कई स्थानों पर पूर्ववर्ती सपा सरकार द्वारा निर्माणाधीन पुलों को रोक दिया, जिनका निर्माण अब शुरू कराया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में उनकी सरकार नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात सुगम बनाने हेतु और अधिक पुलों का निर्माण कराएगी। उन्होंने कहा कि लखनऊ नगर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए आज तीन आरओबी का शिलान्यास किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश खुशहाल होगा तो देश भी खुशहाल होगा। पिछली सपा सरकार द्वारा राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद के माध्यम से लोहिया ग्राम योजना संचालित की गई थी, जिसे अब जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना के नाम से संचालित किया जाएगा। इस बार इस योजना की धनराशि भी बढ़ा दी गई। 08 विभागों की 26 सेवाओं को उपलब्ध कराने के लिए प्रारम्भ किए गए स्टेट पोर्टल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश के कई अन्य प्रदेशों में इस व्यवस्था पर काफी काम किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इस व्यवस्था के माध्यम से कई सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य करेगी।
इस मौके पर नगर विकास मंत्री आजम खां ने कहा कि जनता को वर्तमान सरकार से बहुत उम्मीदें हैं। राज्य सरकार ने विकास की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोकतान्त्रिक प्रक्रिया में विश्वास करती है, जिसमें सभी की आवाज सुनी जाती है। लोकतंत्र में तानाशाही का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की शराफत को कमजोरी न समझा जाए।

उधर कार्यक्रम के बाद पत्रकारों के प्रश्नों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विद्युत उपलब्धता की समस्या के लिए पिछली बसपा सरकार जिम्मेदार है। पिछली सरकार ने विद्युत उत्पादन के लिए कोई कार्य नहीं किया। यहां तक कि पारेषण व्यवस्था और ट्रांसफार्मर भी खराब हालत में मिले हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्युत उत्पादन एवं आपूर्ति व्यवस्था सुधारने के लिए गम्भीरता से प्रयास कर रही है। इसीलिए पिछली सरकार द्वारा निजी क्षेत्र की कम्पनियों से किए गए समझौतों को आगे बढ़ाने और कोल-लिंकेज की व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा को-जनरेशन के लिए भी उनकी सरकार काम कर रही है। सौर ऊर्जा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड क्षेत्र सहित प्रदेश के अन्य भागों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई नीति लायी जा रही है, जिससे शीघ्र ही विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार परिलक्षित होगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि डाला एवं चुर्क से गिट्टी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके लिए उन्होंने पिछली राज्य सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि मूर्तियों एवं चौराहों को बनाने के लिए एक ही स्थान से काफी पत्थर निकाले गए, जिससे ऐसे स्थानों पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। दुष्परिणाम यह हुआ कि कई मजदूरों के साथ हादसा हो गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में कोई जोखिम नहीं ले सकती है। इस सम्बन्ध में भारत सरकार के माइन्स सेफ्टी विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की विभिन्न अनियमितताओं की जांच चल रही है और दोषी पाये जाने पर किसी भी अधिकारी अथवा व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
कानून-व्यवस्था से सम्बन्धित प्रश्न का जवाब देते हुए श्री यादव ने कहा कि इस मामले में बहुत सख्त कदम उठाए जाएंगे। समाज में कायम भाईचारे से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के सम्बन्ध में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव द्वारा मंगलवार को सरकार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करने पर उन्होंने कहा कि नेता जी को सरकार की कार्यप्रणाली में जरूर कोई कमी दिखी होगी, तभी उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। बोले- नेता जी हमारे नेता हैं और सरकार की कार्यप्रणाली सुधार कर उनकी नाराजगी दूर की जाएगी। शिलान्यास के अवसर पर वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के साथ कई अन्य मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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